{"_id":"591c594e4f1c1bfc71f23f45","slug":"weather-changed-with-storm-and-rain","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम ने ली करवट, दिन में छाया अंधेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम ने ली करवट, दिन में छाया अंधेरा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 18 May 2017 01:29 AM IST
विज्ञापन
दिन में 11 बजे के करीब मौसम बदला तो रात सा अंधेरा छा गया।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुधवार दोपहर अचानक मौसम बदल गया। पहले जहां तेज धूप और गर्मी थी, अचानक आंधी चलने लगी। दिन में ही रात जैसा नजारा दिखने लगा। दोपहिया, चारपहिया वाहन लेकर निकले लोग दिन में ही हेड लाइट जलाकर चलते देखे गए। कुछ ही देर में बारिश भी शुरू हो गई और मौसम सुहाना हो गया।
पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी झेल रहे लोगों को बुधवार को राहत मिल गई। हालांकि सुबह आकाश पूरी तरह से साफ था और सूरज की तपन भी काफी तेज थी, लेकिन दोपहर में मौसम ने एकाएक करवट ले ली। घने काले बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा हो गया। स्थिति यह हो गई कि सुबह 11 बजे के करीब सारे वाहनों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। इसके बाद तेज हवाएं चलने लगीं। मौसम विभाग के अनुसार गोरखपुर समेत आसपास के इलाकों में करीब 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चली।
अचानक मौसम में बदलाव के कारण लोगों को गर्मी से राहत तो मिली लेकिन परेशानी का भी सामना करना पड़ा। तेज आंधी के कारण बिजली काट दी गई। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय के अनुसार 21 मई तक लगातार ऐसी स्थिति बनी रहेगी। दरअसल आजमगढ़, जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली आदि इलाकों में हवा के कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इस वजह से बृहस्पतिवार को भी गरज के साथ बारिश हो सकती है।
विज्ञापन
बुधवार दोपहर हुई बारिश से जिला परिषद रोड, जलकल परिसर, नक्खास चौक, रेती, गीताप्रेस रोड, घोष कंपनी चौराहा, दाउदपुर, नगर निगम के सामने, असुरन, धर्मशाला ओवरब्रिज समेत कई जगह पानी इकट्ठा हो गया। तकरीबन आधे घंटे की बारिश में जलभराव की स्थिति होने से सफाई व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस साल नगर निगम के अधिकारियों ने इस समस्या को हल करने में तेजी नहीं दिखाई। कुछ इलाकों में नाला चोक होने से तो कुछ इलाकों में जलनिकासी की कोई व्यवस्था न होने से ऐसी दिक्कत आई। हल्की सी बारिश के बाद शहर में ये हालात हैं तो बरसात के मौसम में शहर की स्थिति बहुत ही खराब होने की आशंका है। हालांकि नगर निगम के मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक पीएन गुप्ता ने कहा कि शहर के 230 नालों में अधिकांश की सफाई का काम शुरू हो चुका है।
18 वार्डों में जलभराव की समस्या
सूरजकुंडधाम नगर, रसूलपुर, चक्शा हुसैन, बेतियाहाता, महेवा, महुईंसुघरपुर, महादेव झारखंडी, इंजीनियरिंग कॉलेज, गिरिधरगंज, रुस्तमपुर, गोपलापुर, राप्तीनगर में गंगा टोला, माधोपुर, जंगल तुलसीराम पूर्वी, जंगल तुलसीराम पश्चिमी, जंगल पाली ग्राम, शिवपुर शहबाजगंज, सेमरा।
इन जगहों पर होता है जलभराव
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने शहर में जलभराव वाले इलाकों का सर्वे कर 60 स्थान चिह्नित किए हैं। मुक्तेश्वर नाथ मंदिर, महेवा, भारद्वाजनगर, भैंसाखाना तुर्कमानपुर, खरैया, धर्मपुर, आदित्यपुरम, विष्णुपुरम, कबीर मठ, विष्णु मंदिर, जंगल मातादीन, ओमनगर, रामजानकीनगर, देवनगरी, भोलाजी पुरम, अशोक नगर, मोती पोखरा, धर्मपुर प्रगति विहार, नंदानगर जीतपुर हरिजन बस्ती, नंदानगर पुलिस चौकी, हड़हवा फाटक, मंशा बाग, अधियारीबाग हरिजन बस्ती, रसूलपुर भट्ठा, सूर्य विहार, रामनगर चौराहा, पिपरापुर, इंदिरा नगर, बेतियाहाता दक्षिणी, सिद्धार्थ नगर कॉलोनी, बगहा बाबा स्थान, प्रतापनगर कॉलोनी, इंजीनियरिंग कॉलेज के पास, राजीवनगर, गंगानगर, धर्मशाला, भव्या मैरिज हाउस से शिवपुरी कॉलोनी समेत कुछ अन्य।
विज्ञापन
पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी झेल रहे लोगों को बुधवार को राहत मिल गई। हालांकि सुबह आकाश पूरी तरह से साफ था और सूरज की तपन भी काफी तेज थी, लेकिन दोपहर में मौसम ने एकाएक करवट ले ली। घने काले बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा हो गया। स्थिति यह हो गई कि सुबह 11 बजे के करीब सारे वाहनों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। इसके बाद तेज हवाएं चलने लगीं। मौसम विभाग के अनुसार गोरखपुर समेत आसपास के इलाकों में करीब 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चली।
विज्ञापन
अचानक मौसम में बदलाव के कारण लोगों को गर्मी से राहत तो मिली लेकिन परेशानी का भी सामना करना पड़ा। तेज आंधी के कारण बिजली काट दी गई। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय के अनुसार 21 मई तक लगातार ऐसी स्थिति बनी रहेगी। दरअसल आजमगढ़, जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली आदि इलाकों में हवा के कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इस वजह से बृहस्पतिवार को भी गरज के साथ बारिश हो सकती है।
विज्ञापन
हल्की बारिश में शहर ‘पानी-पानी’
हल्की बारिश ने बुधवार को शहर के नाले-नालियों की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। करीब 30 मिनट की बारिश से शहर के तमाम इलाके पानी-पानी हो गए। डीएम दफ्तर के सामने जलभराव हो गया तो जिला अस्पताल की ओपीडी के सामने लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा। ऐसी स्थिति शहर के कई इलाकों में नजर आयी। कुछ इलाकों में तो घंटे भर में जलभराव की स्थिति दूर हो गई, लेकिन कुछ इलाकों में तीन-चार घंटे तक पानी भरा रहा, जबकि इन इलाकों में अभी हाल में ही नाले-नालियों की सफाई की गई थी।बुधवार दोपहर हुई बारिश से जिला परिषद रोड, जलकल परिसर, नक्खास चौक, रेती, गीताप्रेस रोड, घोष कंपनी चौराहा, दाउदपुर, नगर निगम के सामने, असुरन, धर्मशाला ओवरब्रिज समेत कई जगह पानी इकट्ठा हो गया। तकरीबन आधे घंटे की बारिश में जलभराव की स्थिति होने से सफाई व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस साल नगर निगम के अधिकारियों ने इस समस्या को हल करने में तेजी नहीं दिखाई। कुछ इलाकों में नाला चोक होने से तो कुछ इलाकों में जलनिकासी की कोई व्यवस्था न होने से ऐसी दिक्कत आई। हल्की सी बारिश के बाद शहर में ये हालात हैं तो बरसात के मौसम में शहर की स्थिति बहुत ही खराब होने की आशंका है। हालांकि नगर निगम के मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक पीएन गुप्ता ने कहा कि शहर के 230 नालों में अधिकांश की सफाई का काम शुरू हो चुका है।
18 वार्डों में जलभराव की समस्या
सूरजकुंडधाम नगर, रसूलपुर, चक्शा हुसैन, बेतियाहाता, महेवा, महुईंसुघरपुर, महादेव झारखंडी, इंजीनियरिंग कॉलेज, गिरिधरगंज, रुस्तमपुर, गोपलापुर, राप्तीनगर में गंगा टोला, माधोपुर, जंगल तुलसीराम पूर्वी, जंगल तुलसीराम पश्चिमी, जंगल पाली ग्राम, शिवपुर शहबाजगंज, सेमरा।
इन जगहों पर होता है जलभराव
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने शहर में जलभराव वाले इलाकों का सर्वे कर 60 स्थान चिह्नित किए हैं। मुक्तेश्वर नाथ मंदिर, महेवा, भारद्वाजनगर, भैंसाखाना तुर्कमानपुर, खरैया, धर्मपुर, आदित्यपुरम, विष्णुपुरम, कबीर मठ, विष्णु मंदिर, जंगल मातादीन, ओमनगर, रामजानकीनगर, देवनगरी, भोलाजी पुरम, अशोक नगर, मोती पोखरा, धर्मपुर प्रगति विहार, नंदानगर जीतपुर हरिजन बस्ती, नंदानगर पुलिस चौकी, हड़हवा फाटक, मंशा बाग, अधियारीबाग हरिजन बस्ती, रसूलपुर भट्ठा, सूर्य विहार, रामनगर चौराहा, पिपरापुर, इंदिरा नगर, बेतियाहाता दक्षिणी, सिद्धार्थ नगर कॉलोनी, बगहा बाबा स्थान, प्रतापनगर कॉलोनी, इंजीनियरिंग कॉलेज के पास, राजीवनगर, गंगानगर, धर्मशाला, भव्या मैरिज हाउस से शिवपुरी कॉलोनी समेत कुछ अन्य।