{"_id":"57164bfe4f1c1b10668b4598","slug":"water-problem-continued-in-water-problem","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीआरडी में ऊपरी मंजिल पर नहीं पहुंच सका पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीआरडी में ऊपरी मंजिल पर नहीं पहुंच सका पानी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 19 Apr 2016 08:47 PM IST
विज्ञापन
मेन एल्बो, जिसके खराब होने से पानी की समस्या खड़ी हो गई।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार को मेडिकल कॉलेज में मोटर का मेन एल्बो फटने से ठप हुई पानी की सप्लाई 36 घंटे बाद चालू तो हुई मगर पूरी तरह से नहीं। कुछ वार्डों में समस्या अब भी बनी हुई है। पानी न होने से सोमवार को ऑपरेशन तक टालने पड़ गए थे।
वहीं मंगलवार को भी कुछ ही ऑपरेशन हो सके। हालांकि सुबह जलकल के दो टैंकर पानी के लिए मंगाए गए थे, जिससे कुछ राहत जरूर मिल गई थी। एल्बो सही होने के बाद सुबह पानी आया तो जरूर, मगर कॉलेज के ऊपरी मंजिलों तक नहीं पहुंच सका।
सोमवार को अचानक मोटर का मेन एल्बो फट जाने से किसी भी वार्ड में पानी नहीं पहुंच पा रहा था। सुबह से ही परेशानी बढ़ती गई और एक्सरे प्लेट धोने तक के लिए पानी बाहर से लाना पड़ा। हॉस्टल हो या वार्ड हर जगह पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ था। रात में भी लोगों ने बाहर से पानी लाकर किसी तरह से काम चलाया।
विज्ञापन
तीमारदार मरीजों के लिए पीने का पानी खरीद कर लाए, तो शौचालय जाने के लिए हैंडपंप का सहारा लिया। अस्पताल प्रशासन ने सोमवार शाम को ही पानी आने का दावा किया था, मगर हकीकत कुछ अलग ही थी। रातभर डॉक्टर, कर्मचारी, मरीज पानी को तरसते रहे। मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे एल्बो सही किया गया।
इसके बाद पानी टंकी तक पहुंचा जरूर, मगर तीनों मोटर चलाने पर बालू आने लगा, जिससे एक ही मोटर का उपयोग किया गया। इस कारण ऊपरी मंजिल पर पानी नहीं पहुंच सका। अभी वहां पर भर्ती मरीजों के तीमारदारों को बाहर से ही पानी लाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
वहीं मंगलवार को भी कुछ ही ऑपरेशन हो सके। हालांकि सुबह जलकल के दो टैंकर पानी के लिए मंगाए गए थे, जिससे कुछ राहत जरूर मिल गई थी। एल्बो सही होने के बाद सुबह पानी आया तो जरूर, मगर कॉलेज के ऊपरी मंजिलों तक नहीं पहुंच सका।
विज्ञापन
सोमवार को अचानक मोटर का मेन एल्बो फट जाने से किसी भी वार्ड में पानी नहीं पहुंच पा रहा था। सुबह से ही परेशानी बढ़ती गई और एक्सरे प्लेट धोने तक के लिए पानी बाहर से लाना पड़ा। हॉस्टल हो या वार्ड हर जगह पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ था। रात में भी लोगों ने बाहर से पानी लाकर किसी तरह से काम चलाया।
विज्ञापन
तीमारदार मरीजों के लिए पीने का पानी खरीद कर लाए, तो शौचालय जाने के लिए हैंडपंप का सहारा लिया। अस्पताल प्रशासन ने सोमवार शाम को ही पानी आने का दावा किया था, मगर हकीकत कुछ अलग ही थी। रातभर डॉक्टर, कर्मचारी, मरीज पानी को तरसते रहे। मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे एल्बो सही किया गया।
इसके बाद पानी टंकी तक पहुंचा जरूर, मगर तीनों मोटर चलाने पर बालू आने लगा, जिससे एक ही मोटर का उपयोग किया गया। इस कारण ऊपरी मंजिल पर पानी नहीं पहुंच सका। अभी वहां पर भर्ती मरीजों के तीमारदारों को बाहर से ही पानी लाना पड़ रहा है।