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घने कोहरे से बढ़ी मुश्किल, दृश्यता जीरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 28 Dec 2017 12:46 AM IST
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कोहरे के कारण वाहन चालकों को काफी दिक्कत हो रही है।
- फोटो : Amar Ujala
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दिन में हल्की धूप और वातावरण की नमी बढ़ने से बुधवार की रात घना कोहरा छा गया। दृश्यता (विजिबिलिटी) जीरो हो जाने से वाहनों के हेड लाइट जलाने के बाद भी सामने नहीं दिख रहा था। ऐसे में अंदाजा लगाकर वाहनों को चलाना पड़ा। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि कोहरे का असर अभी जारी रहेगा। एक जनवरी से कोहरा कम हो सकता है।
बुधवार को सुबह वातावरण की नमी 90 प्रतिशत रिकार्ड की गई। वातावरण में धुंध छाया रहा। दिन में भी गलन तेज रही। शहरवासियों ने कंपकंपी महसूस की। न्यूनतम और अधिकतम पारा भी नीचे आ गया। मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अधिकतम पारा 18.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम पारा 9.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि सर्दी का असर अभी जारी रहेगा। ठंड का व्यापक असर जन-जीवन पर पड़ रहा है। शीत लहर से फसलों को भी बड़े नुकसान की आशंका है। गेहूं की जो फसलें प्रारंभिक चरण में हैं, उनके पौधों के झुलसने का खतरा है। ऐसी स्थिति में गेहूं की पैदावार प्रभावित हो सकती है। सब्जी, फल और सरसों सहित अन्य फसलों को ज्यादा नुकसान होगा।
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बुधवार को सुबह वातावरण की नमी 90 प्रतिशत रिकार्ड की गई। वातावरण में धुंध छाया रहा। दिन में भी गलन तेज रही। शहरवासियों ने कंपकंपी महसूस की। न्यूनतम और अधिकतम पारा भी नीचे आ गया। मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अधिकतम पारा 18.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम पारा 9.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि सर्दी का असर अभी जारी रहेगा। ठंड का व्यापक असर जन-जीवन पर पड़ रहा है। शीत लहर से फसलों को भी बड़े नुकसान की आशंका है। गेहूं की जो फसलें प्रारंभिक चरण में हैं, उनके पौधों के झुलसने का खतरा है। ऐसी स्थिति में गेहूं की पैदावार प्रभावित हो सकती है। सब्जी, फल और सरसों सहित अन्य फसलों को ज्यादा नुकसान होगा।
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