{"_id":"57fbaa5d4f1c1b856828e1c8","slug":"virgo-did-worship","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरक्षनाथ मंदिर में पीठाधीश्वर ने किया कन्या पूजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरक्षनाथ मंदिर में पीठाधीश्वर ने किया कन्या पूजन
gorakhpur
Updated Mon, 10 Oct 2016 08:19 PM IST
विज्ञापन
गोरखनाथ मंदिर में सांसद महंत आदित्यनाथ ने कन्या पूजन किया।
- फोटो : rajesh
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवमी के दिन गोरक्षनाथ मंदिर में देवी स्वरूपा नौ कुंवारी कन्याओं का पूजन विधि विधान से किया गया। भोजन कराने के पश्चात उन्हें दक्षिणा देकर मंदिर से विदा किया गया। शारदीय नवरात्र का धार्मिक अनुष्ठान गोरक्षनाथ मंदिर में परंपरागत ढंग से संपन्न हुआ।
ब्रह्म मुहूर्त में प्रात: काल तीन से छह बजे तक दुर्गा सप्तशती का पाठ एवं आरती हुई। मध्याह्न 12 बजे नौ देवी स्वरूपा कुवांरी कन्याओं का पीठाधीश्वर ने पैर धोकर पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सनातन हिंदू धर्म में कुवांरी कन्याओं का पूजन एवं सत्कार आदि शक्ति मां भगवती दुर्गा के विभिन्न स्वरूपाें का पूजन है। साथ ही ज्ञान, शक्ति, ऐश्वर्य आदि की कामनाओं के लिए भी कुवांरी कन्याओं का पूजन शास्त्रोचित है। नवरात्र आध्यात्मिक शक्ति संचय के साथ सामाजिक एकता के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का भी पर्व है।
विज्ञापन
ब्रह्म मुहूर्त में प्रात: काल तीन से छह बजे तक दुर्गा सप्तशती का पाठ एवं आरती हुई। मध्याह्न 12 बजे नौ देवी स्वरूपा कुवांरी कन्याओं का पीठाधीश्वर ने पैर धोकर पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सनातन हिंदू धर्म में कुवांरी कन्याओं का पूजन एवं सत्कार आदि शक्ति मां भगवती दुर्गा के विभिन्न स्वरूपाें का पूजन है। साथ ही ज्ञान, शक्ति, ऐश्वर्य आदि की कामनाओं के लिए भी कुवांरी कन्याओं का पूजन शास्त्रोचित है। नवरात्र आध्यात्मिक शक्ति संचय के साथ सामाजिक एकता के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का भी पर्व है।
विज्ञापन