ब्रिटेन में लहराया भारत का परचम, विजय कुमार ने कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण पदक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जूडो में लगातार देश का झंडा बुलंद करने वाले गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्र विजय कुमार ने एक और उपलब्धि अपने नाम की है। उन्होंने ग्रेट ब्रिटेन (यूके) में आयोजित कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल कर पूर्वांचल का नाम रोशन किया है।
25-30 सितंबर तक यूनिवर्सिटी ऑफ वॉल्वरहैम्प्टन, वॉलसल में आयोजित इस प्रतियोगिता में विजय ने 60 किलोभार वर्ग में ये उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय परिवार की ओर से उन्हें नकद पुरस्कार, जूडो किट और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
अमर उजाला से फोन पर हुई बातचीत में विजय ने अवॉर्ड मिलने पर खुशी जताते हुए बताया कि हर प्रतियोगिता में वह खुद से ऐसे प्रदर्शन करने की उम्मीद रखते हैं कि जीत के बाद सामने तिरंगा फहरे। इसके लिए वह जोरशोर से तैयारी में जुटे हैं।
वाराणसी के महुवरिया सुलेमापुर गांव निवासी दशरथ यादव और चिंता देवी के पुत्र विजय 2015 से ही लगातार सीनियर नेशनल में पदक हासिल कर रहे हैं। इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई लखनऊ में पूरी करने के बाद विजय गोरखपुर आ गए। स्नातक के लिए गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध गुरुकुल पीजी कॉलेज ददरी, बड़हलगंज में प्रवेश लिया।
विजय अब तक नौ देशों में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। बेहतर प्रदर्शन की बदौलत 2020 में होने वाले ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालिफाई करने का उनका दावा मजबूत है। विजय ने सफलता का श्रेय कोच, माता पिता के साथ विश्वविद्यालय परिवार को दिया।
विजय की उपलब्धियों पर कुलपति प्रो. विजय कृष्ण सिंह, प्रति कुलपति प्रो. हरि शरण, क्रीड़ा परिषद अध्यक्ष प्रो. हिमांशु चतुर्वेदी, प्रो. विनोद कुमार सिंह और प्रो. सुधीर कुमार श्रीवास्तव, प्रो. उमा श्रीवास्तव, प्रो. अजय कुमार शुक्ल, प्रो. विजय चाहल और डॉ राजवीर सिंह ने बधाई दी है।
घर, यूनिवर्सिटी में जश्न का माहौल
विजय की उपलब्धि से गोरखपुर यूनिवर्सिटी और बड़हलगंज स्थित गुरुकुल कॉलेज और वाराणसी स्थित उनके घर में भी जश्न का माहौल है। विश्वविद्यालय का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने पर कुलपति प्रो. विजय कृष्ण सिंह, क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष प्रो. हिमांशु चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष प्रो. सुधीर कुमार श्रीवास्तव, प्रो. विनोद कुमार सिंह, प्रो. उमा श्रीवास्तव, डॉ. विजय चहल, डॉ. राजवीर सिंह ने बधाई दी है।
लक्ष्मण पुरस्कार से भी हो चुके हैं सम्मानित
60 किलोभार वर्ग में पहले पायदान पर काबिज विजय ने पिछले वर्ष तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर की जूडो प्रतियोगिता में दो स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर पिछले वर्ष लक्ष्मण पुरस्कार के लिए दावेदारी पेश की थी। जिसके बाद उनका चयन इस पुरस्कार के लिए हुआ।
ये हैं उपलब्धियां
2018 के सीनियर एशियन ओपन जूडो में कांस्य
2018 में कॉमन वेल्थ जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण
2018 के साउथ एशियन जूडो चैंपियनशिन में स्वर्ण
एशियन गेम्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं
2017 एशियन जूडो चैंपियनशिप में पांचवा स्थान
पिछले तीन से साल नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक
अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय जूडो प्रतियोगिता (2017-18) में स्वर्ण
अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय जूडो प्रतियोगिता (2016-17) में कांस्य