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पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन चली वैशाली एक्सप्रेस
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Thu, 25 Aug 2016 09:15 PM IST
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ट्रेन
- फोटो : File Photo
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इलेक्ट्रिक ट्रेन से सफर का इंतजार खत्म हो गया। बस्ती से डोमिनगढ़ के बीच इलेक्ट्रिक रूट का निरीक्षण करने के बाद सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) पीके वाजपेयी ने ट्रेन चलाने की हरी झंडी दे दी। गुरुवार को नई दिल्ली से बरौनी तक पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन वैशाली एक्सप्रेस चलाई गई और शुक्रवार को बरौनी से इस ट्रेन को इलेक्ट्रिक इंजन लगाकर चलाया जाएगा। इसके बाद अन्य ट्रेनों में भी इलेक्ट्रिक इंजन लगाए जाएंगे।
बाराबंकी से छपरा तक 425 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक पर विद्युतीकरण कार्य वर्ष 2008 में शुरू हुआ था। लेकिन बजट के चलते विद्युतीकरण कार्य में तेजी नहीं आ सकी। पिछले दो-तीन सालों में कार्य ने तेजी पकड़ी और इस महीने इसे पूरा करा लिया गया। 23 अगस्त को सीआरएस ने निरीक्षण किया और गुरुवार को ट्रेन चलाने के लिए हरी झंडी भी दे दी। सूत्रों के मुताबिक वैशाली के बाद बिहार संपर्क क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस और नाहरलागुन-नई दिल्ली एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस को इलेक्ट्रिक इंजन से चलाने की तैयारी है। एनईआर के सीपीआरओ संजय यादव ने बताया कि गुरुवार को वैशाली एक्सप्रेस में इलेक्ट्रिक इंजन लगाकर नई दिल्ली से रवाना किया गया है।
अभी गोरखपुर स्टेशन के चार प्लेटफॉर्मों से ही इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाई जाएगी। सीआरएस ने स्टेशन के प्लेटफार्म एक, दो, तीन व चार को ही उपयुक्त मानते हुए ट्रेन चलाने की अनुमति दी है।
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बाराबंकी से छपरा तक 425 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक पर विद्युतीकरण कार्य वर्ष 2008 में शुरू हुआ था। लेकिन बजट के चलते विद्युतीकरण कार्य में तेजी नहीं आ सकी। पिछले दो-तीन सालों में कार्य ने तेजी पकड़ी और इस महीने इसे पूरा करा लिया गया। 23 अगस्त को सीआरएस ने निरीक्षण किया और गुरुवार को ट्रेन चलाने के लिए हरी झंडी भी दे दी। सूत्रों के मुताबिक वैशाली के बाद बिहार संपर्क क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस और नाहरलागुन-नई दिल्ली एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस को इलेक्ट्रिक इंजन से चलाने की तैयारी है। एनईआर के सीपीआरओ संजय यादव ने बताया कि गुरुवार को वैशाली एक्सप्रेस में इलेक्ट्रिक इंजन लगाकर नई दिल्ली से रवाना किया गया है।
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अभी चार लाइनों से ही चलेगी इलेक्ट्रिक ट्रेन
अभी गोरखपुर स्टेशन के चार प्लेटफॉर्मों से ही इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाई जाएगी। सीआरएस ने स्टेशन के प्लेटफार्म एक, दो, तीन व चार को ही उपयुक्त मानते हुए ट्रेन चलाने की अनुमति दी है।
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