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संकायवार तय हुआ उत्तरीय का रंग
गोरखप़ुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 10 Feb 2016 02:05 AM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी में 22 फरवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह की तैयारियां अब अंतिम रूप ले रही हैं। अंग्रेजियत से उबर कर देशी माहौल में पहले दीक्षांत का सभी का इंतजार है। कंधे पर उत्तरीय के साथ मेडल लेने वाले मेधावियों को देखने की उत्सुकता सभी में है। यूनिवर्सिटी ने भी इसके लिए विशेष योजना बनाई है। लंबी कवायद के बाद मुख्य अतिथि, कुलाधिपति, कुलपति समेत संकायवार टॉपरों के उत्तरीय का चयन कर लिया गया है। उत्तरीय का रंग चाहे जो हो, उस पर यूनिवर्सिटी का प्रतीक चिन्ह जरूर होगा।
कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने बताया कि संकायवार टॉपरों और शोध छात्रों के उत्तरीय का रंग तय करने के लिए 2013 में शोध प्रबंध के कवर के नियम का सहारा लिया गया है। इस नियम के तहत हर संकाय के शोध प्रबंध के कवर पेज का रंग तय कर दिया गया था, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि मुख्य अतिथि, कुलाधिपति, कुलपति, रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी और कार्य परिषद व विद्वत परिषद के लिए अलग रंग के उत्तरीय का चयन किया गया है, जो ज्यादा भड़कीले होंगे। उन्होंने बताया कि देशी माहौल में होने वाले पहले दीक्षांत को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की बतौर मुख्य अतिथि मौजूदगी दीक्षांत का विशेष आकर्षण है। राज्यपाल राम नाइक बतौर कुलाधिपति समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
उधर, रजिस्ट्रार प्रभाष द्विवेदी ने दीक्षांत सप्ताह के आयोजन की तिथिवार रूपरेखा तय कर उसकी घोषणा कर दी है। आयोजन की शुरुआत 15 फरवरी से होगी और इसका समापन 22 को दीक्षांत समारोह के साथ होगा। रजिस्ट्रार ने बताया कि आयोजन का स्थान और मुख्य अतिथि भी तय कर लिए गए हैं। पहले दिन स्टेम सेल पर संगोष्ठी को कुलपति प्रो. अशोक कुमार अपने विचार साझा करेंगे, जबकि दूसरे दिन यानी 16 फरवरी को ‘अकल्टेशन ऑफ ऑवर मून व्हाइल ड्रिफ्टिंग इन स्काई’ विषय पर प्रो. जेपी चतुर्वेदी संबोधन होगा। 17 फरवरी को ‘प्लेनेट अर्थ ऑन द एज’ विषय पर प्रो. डीके सिंह और 19 फरवरी को पुरा वैदिक कौशल प्रो. माता प्रसाद त्रिपाठी अपना संबोधन देंगे।
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कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने बताया कि संकायवार टॉपरों और शोध छात्रों के उत्तरीय का रंग तय करने के लिए 2013 में शोध प्रबंध के कवर के नियम का सहारा लिया गया है। इस नियम के तहत हर संकाय के शोध प्रबंध के कवर पेज का रंग तय कर दिया गया था, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि मुख्य अतिथि, कुलाधिपति, कुलपति, रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी और कार्य परिषद व विद्वत परिषद के लिए अलग रंग के उत्तरीय का चयन किया गया है, जो ज्यादा भड़कीले होंगे। उन्होंने बताया कि देशी माहौल में होने वाले पहले दीक्षांत को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की बतौर मुख्य अतिथि मौजूदगी दीक्षांत का विशेष आकर्षण है। राज्यपाल राम नाइक बतौर कुलाधिपति समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
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उधर, रजिस्ट्रार प्रभाष द्विवेदी ने दीक्षांत सप्ताह के आयोजन की तिथिवार रूपरेखा तय कर उसकी घोषणा कर दी है। आयोजन की शुरुआत 15 फरवरी से होगी और इसका समापन 22 को दीक्षांत समारोह के साथ होगा। रजिस्ट्रार ने बताया कि आयोजन का स्थान और मुख्य अतिथि भी तय कर लिए गए हैं। पहले दिन स्टेम सेल पर संगोष्ठी को कुलपति प्रो. अशोक कुमार अपने विचार साझा करेंगे, जबकि दूसरे दिन यानी 16 फरवरी को ‘अकल्टेशन ऑफ ऑवर मून व्हाइल ड्रिफ्टिंग इन स्काई’ विषय पर प्रो. जेपी चतुर्वेदी संबोधन होगा। 17 फरवरी को ‘प्लेनेट अर्थ ऑन द एज’ विषय पर प्रो. डीके सिंह और 19 फरवरी को पुरा वैदिक कौशल प्रो. माता प्रसाद त्रिपाठी अपना संबोधन देंगे।
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