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एजेंसियों से मांगे गए उज्ज्वला योजना के रिकॉर्ड, मची खलबली
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एजेंसियों से मांगे गए उज्ज्वला योजना के रिकॉर्ड, मची खलबली
गोरखपुर। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन देने में हेराफेरी कर लाखों रुपये हड़पने मामले की जांच शुरू हो गई। मंगलवार को ऑयल कंपनियों की ओर से गैस एजेंसियों से उज्ज्वला के रिकॉर्ड मांगे गए। कुछ एजेंसियों पर ऑयल कंपनी के फील्ड अफसर खुद भी जांच करने पहुंचे थे। मामला उजागर होने के बाद उपभोक्ता भी इसे लेकर अब सजग हो गए हैं और एजेंसियों पर पहुंचने लगे हैं। अफसरों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है, जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर के अलावा देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर के ग्रामीण इलाकों के एजेंसी संचालकों ने उज्ज्वला योजना के तहत पेड कनेक्शन के रुपये वसूले, फिर भी उपभोक्ताओं को लोन कोटे में डालकर एजेंसी का कर्जदार बना दिया। मामले का खुलासा होने के बाद ऑयल कंपनी के अफसरों ने अब जांच पड़ताल शुरू की है। गैस एजेंसियों पर इसे लेकर खलबली मची है। अफसर भी इस मामले में कार्रवाई बड़ी खामोशी से करना चाहते हैं ताकि उनकी बदनामी ना हो और लिखापढ़ी में उनकी भी गर्दन बच जाए। हालांकि अब उपभोक्ता खुद सामने आने लगे हैं। एजेंसियों पर दिन भर उपभोक्ता सवाल-जवाब करते देखे गए। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद सिंह ने बताया कि प्रकरण की जांच जारी है, जल्द ही जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
यह है मामला
उज्ज्वला योजना के तहत दो तरह के कनेक्शन दिए जाते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 1800 रुपये में गैस सिलिंडर, चूल्हा, पाइप दिया जाता है। इनके सिलिंडर दोबारा भरवाने पर सब्सिडी की पूरी रकम खाते में जाती है। वहीं, आर्थिक रूप से बेहद कमजोर लोगों को लोन पर कनेक्शन दिया जाता है। इसमें कनेक्शन दिए जाते समय कोई रकम नहीं ली जाती, लेकिन गैस सिलिंडर भरवाने पर खाते में आने वाली सब्सिडी से किस्तों में 1800 रुपये वसूल किए जाते हैं। उपभोक्ताओं से पेड यानी 1800 रुपये लेकर कनेक्शन दिए गए, लेकिन रिकॉर्ड में उन्हें लोन कोटे में डाला गया। इसका असर हुआ कि उपभोक्ता एजेंसी के कर्जदार तो हुए ही 1800 रुपये चुकाने तक सब्सिडी से भी वंचित हो गए है।
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‘ऐही नाते त नाई आवत बा सब्सिडी’
एक गैस एजेंसी पर पहुंची महिला ने कहा कि ऐसी नाते सब्सिडी नाई आवत बा। अब समझ में आईल। महिला का गुस्सा देखकर एजेंसी कर्मचारी भी सहम गया और उसके घर से बेटे को बुलाकर ना सिर्फ कागजात दिखाएं बल्कि खाते में गई सब्सिडी के बारे में भी जानकारी दी।
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गोरखपुर। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन देने में हेराफेरी कर लाखों रुपये हड़पने मामले की जांच शुरू हो गई। मंगलवार को ऑयल कंपनियों की ओर से गैस एजेंसियों से उज्ज्वला के रिकॉर्ड मांगे गए। कुछ एजेंसियों पर ऑयल कंपनी के फील्ड अफसर खुद भी जांच करने पहुंचे थे। मामला उजागर होने के बाद उपभोक्ता भी इसे लेकर अब सजग हो गए हैं और एजेंसियों पर पहुंचने लगे हैं। अफसरों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है, जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर के अलावा देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर के ग्रामीण इलाकों के एजेंसी संचालकों ने उज्ज्वला योजना के तहत पेड कनेक्शन के रुपये वसूले, फिर भी उपभोक्ताओं को लोन कोटे में डालकर एजेंसी का कर्जदार बना दिया। मामले का खुलासा होने के बाद ऑयल कंपनी के अफसरों ने अब जांच पड़ताल शुरू की है। गैस एजेंसियों पर इसे लेकर खलबली मची है। अफसर भी इस मामले में कार्रवाई बड़ी खामोशी से करना चाहते हैं ताकि उनकी बदनामी ना हो और लिखापढ़ी में उनकी भी गर्दन बच जाए। हालांकि अब उपभोक्ता खुद सामने आने लगे हैं। एजेंसियों पर दिन भर उपभोक्ता सवाल-जवाब करते देखे गए। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद सिंह ने बताया कि प्रकरण की जांच जारी है, जल्द ही जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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यह है मामला
उज्ज्वला योजना के तहत दो तरह के कनेक्शन दिए जाते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 1800 रुपये में गैस सिलिंडर, चूल्हा, पाइप दिया जाता है। इनके सिलिंडर दोबारा भरवाने पर सब्सिडी की पूरी रकम खाते में जाती है। वहीं, आर्थिक रूप से बेहद कमजोर लोगों को लोन पर कनेक्शन दिया जाता है। इसमें कनेक्शन दिए जाते समय कोई रकम नहीं ली जाती, लेकिन गैस सिलिंडर भरवाने पर खाते में आने वाली सब्सिडी से किस्तों में 1800 रुपये वसूल किए जाते हैं। उपभोक्ताओं से पेड यानी 1800 रुपये लेकर कनेक्शन दिए गए, लेकिन रिकॉर्ड में उन्हें लोन कोटे में डाला गया। इसका असर हुआ कि उपभोक्ता एजेंसी के कर्जदार तो हुए ही 1800 रुपये चुकाने तक सब्सिडी से भी वंचित हो गए है।
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‘ऐही नाते त नाई आवत बा सब्सिडी’
एक गैस एजेंसी पर पहुंची महिला ने कहा कि ऐसी नाते सब्सिडी नाई आवत बा। अब समझ में आईल। महिला का गुस्सा देखकर एजेंसी कर्मचारी भी सहम गया और उसके घर से बेटे को बुलाकर ना सिर्फ कागजात दिखाएं बल्कि खाते में गई सब्सिडी के बारे में भी जानकारी दी।