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खुद सोते थे क्लर्क, टिकट बांटते थे प्राइवेट कर्मचारी, दो सस्पेंड
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खुद सोते थे क्लर्क, टिकट बांटते थे प्राइवेट कर्मचारी, दो सस्पेंड
गोरखपुर। सिसवा बाजार रेलवे स्टेशन पर दो बुकिंग क्लर्कों ने अपना काम करने के लिए दो प्राइवेट कर्मचारी लगा रखे थे। प्राइवेट कर्मचारी टिकट देते थे और बुकिंग क्लर्क बगल के कमरे आराम फरमाते थे। रेलवे विजिलेंस की टीम ने छापा मारा तो पूरा मामला सामने आया। उस समय टीम भी हैरान रह गई जब शिफ्ट बदलने पर जो दूसरे कर्मचारी ड्यूटी पर आए वे भी प्राइवेट निकले। विजिलेंस टीम की संस्तुति पर रेल प्रशासन ने बुकिंग इंचार्ज अमित कुमार व बुकिंग क्लर्क सुभाष यादव को निलंबित कर दिया है जबकि तीन प्राइवेट कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर आरपीएफ को सौंप दिया गया है।
मामला पांच नवंबर का है। गोरखपुर मुख्यालय पर विजिलेंस टीम को सूचना मिली कि सिसवा स्टेशन पर कुछ कर्मचारी प्राइवेट कर्मचारी रखकर काम कराते हैं। सूचना पाकर विजिलेंस निरीक्षक राजीव कुमार श्रीवास्तव और सीआईबी सुरक्षा श्रवण कुमार सिसवा स्टेशन पहुंचे और निगरानी शुरू कर दी। शाम के वक्त काउंटर पर जो कर्मचारी टिकट बांट रहा था, उससे जब पूछताछ हुई तो पता चला कि वह रेलवे कर्मचारी नहीं है। प्राइवेट कर्मचारी ने रेल कर्मचारी की लोकेशन भी बता दी। टीम ने छापा मारा तो स्टेशन परिसर में ही एक कक्ष में बुकिंग र्क्लक सुभाष यादव सोता मिला। इसके बाद जब शिफ्ट खत्म हुई तो अनारक्षित टिकट काउंटर पर जो दूसरा कर्मचारी आया वह भी प्राइवेट था। इसके साथ ही उससे सटे आरक्षित खिड़की पर सुबह आठ बजे आया कर्मचारी भी प्राइवेट कर्मचारी निकला। तीनों प्राइवेट कर्मचारियों को आरपीएफ के हवाले कर दिया गया।
मामला संज्ञान में आने पर जांच कराई गई। काम में अनियमितता पाई गई। दोषियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। आगे की जांच जारी है। प्राइवेट कर्मचारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
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- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ एनईआर
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गोरखपुर। सिसवा बाजार रेलवे स्टेशन पर दो बुकिंग क्लर्कों ने अपना काम करने के लिए दो प्राइवेट कर्मचारी लगा रखे थे। प्राइवेट कर्मचारी टिकट देते थे और बुकिंग क्लर्क बगल के कमरे आराम फरमाते थे। रेलवे विजिलेंस की टीम ने छापा मारा तो पूरा मामला सामने आया। उस समय टीम भी हैरान रह गई जब शिफ्ट बदलने पर जो दूसरे कर्मचारी ड्यूटी पर आए वे भी प्राइवेट निकले। विजिलेंस टीम की संस्तुति पर रेल प्रशासन ने बुकिंग इंचार्ज अमित कुमार व बुकिंग क्लर्क सुभाष यादव को निलंबित कर दिया है जबकि तीन प्राइवेट कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर आरपीएफ को सौंप दिया गया है।
मामला पांच नवंबर का है। गोरखपुर मुख्यालय पर विजिलेंस टीम को सूचना मिली कि सिसवा स्टेशन पर कुछ कर्मचारी प्राइवेट कर्मचारी रखकर काम कराते हैं। सूचना पाकर विजिलेंस निरीक्षक राजीव कुमार श्रीवास्तव और सीआईबी सुरक्षा श्रवण कुमार सिसवा स्टेशन पहुंचे और निगरानी शुरू कर दी। शाम के वक्त काउंटर पर जो कर्मचारी टिकट बांट रहा था, उससे जब पूछताछ हुई तो पता चला कि वह रेलवे कर्मचारी नहीं है। प्राइवेट कर्मचारी ने रेल कर्मचारी की लोकेशन भी बता दी। टीम ने छापा मारा तो स्टेशन परिसर में ही एक कक्ष में बुकिंग र्क्लक सुभाष यादव सोता मिला। इसके बाद जब शिफ्ट खत्म हुई तो अनारक्षित टिकट काउंटर पर जो दूसरा कर्मचारी आया वह भी प्राइवेट था। इसके साथ ही उससे सटे आरक्षित खिड़की पर सुबह आठ बजे आया कर्मचारी भी प्राइवेट कर्मचारी निकला। तीनों प्राइवेट कर्मचारियों को आरपीएफ के हवाले कर दिया गया।
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मामला संज्ञान में आने पर जांच कराई गई। काम में अनियमितता पाई गई। दोषियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। आगे की जांच जारी है। प्राइवेट कर्मचारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
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- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ एनईआर