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हर वार्ड में बनाए जाएंगे दो स्वच्छता ग्राही
आशुतोष मिश्र, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sun, 15 Jan 2017 01:06 AM IST
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए नगर निगम ने हर वार्ड में दो स्वच्छता ग्राहियों को नियुक्त करेगा। कहीं भी गंदगी की शिकायत मिलने पर ये नगर निगम के अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाएंगे। अगर शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो स्वच्छता ग्राही स्वच्छ भारत मिशन की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
नगर निगम शहर की सफ ाई व्यवस्था की निगरानी के लिए दोहरी मॉनीटरिंग की व्यवस्था बना रहा है। पूर्व की व्यवस्था के अनुसार नगर निगम के कर्मचारी और अधिकारी मानीटरिंग करते थे, मगर अब नई व्यवस्था में यह जिम्मेदारी स्वच्छता ग्राहियों को दी जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन शहर के परियोजना अधिकारी गौतम गुप्ता का कहना है कि स्वच्छता ग्राही पीपीपी मॉडल में होंगे। स्वयंसेवक की तरह कार्य करने वाले ये प्रत्येक वार्ड में घूमेंगे और सफाई व्यवस्था देखकर इसकी जानकारी एक रजिस्टर में दर्जकर अपने क्षेत्र के सफ ाई इंस्पेक्टर को देंगे।
वार्ड में किसी कारण से गंदगी या सफाई को लेकर बहुत परेशानी हो रही है तो उसकी जानकारी सफाई इंस्पेक्टर के साथ ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी को भी देंगे और वहां सफाईकर्मियों की भी मांग करेंगे। साथ ही अनुपस्थित रहने वाले सफाईकर्मियों की रिपोर्ट पहले सफाई इंस्पेक्टर को देंगे। उसके बाद भी अगर कर्मचारी नहीं आते हैं तो वह नगर निगम के किसी बड़े जिम्मेदार को इसकी जानकारी दे सकते हैं। इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर स्वच्छ भारत मिशन की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सतीश कुमार सिंह का कहना है कि टीम में एक नागरिक कोर के सदस्य होंगे और दूसरा उस वार्ड का एक रिटायर्ड सरकारी या कोई प्रमुख व्यक्ति होगा। स्वच्छता ग्राही को नगर निगम की तरफ से आई कार्ड भी मिलेगा। आधे से अधिक स्वच्छता ग्राहियों को चयन हो चुका है। जल्द ही पूरे शहर में इनकी तैनाती कर दी जाएगी।
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नगर निगम शहर की सफ ाई व्यवस्था की निगरानी के लिए दोहरी मॉनीटरिंग की व्यवस्था बना रहा है। पूर्व की व्यवस्था के अनुसार नगर निगम के कर्मचारी और अधिकारी मानीटरिंग करते थे, मगर अब नई व्यवस्था में यह जिम्मेदारी स्वच्छता ग्राहियों को दी जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन शहर के परियोजना अधिकारी गौतम गुप्ता का कहना है कि स्वच्छता ग्राही पीपीपी मॉडल में होंगे। स्वयंसेवक की तरह कार्य करने वाले ये प्रत्येक वार्ड में घूमेंगे और सफाई व्यवस्था देखकर इसकी जानकारी एक रजिस्टर में दर्जकर अपने क्षेत्र के सफ ाई इंस्पेक्टर को देंगे।
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वार्ड में किसी कारण से गंदगी या सफाई को लेकर बहुत परेशानी हो रही है तो उसकी जानकारी सफाई इंस्पेक्टर के साथ ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी को भी देंगे और वहां सफाईकर्मियों की भी मांग करेंगे। साथ ही अनुपस्थित रहने वाले सफाईकर्मियों की रिपोर्ट पहले सफाई इंस्पेक्टर को देंगे। उसके बाद भी अगर कर्मचारी नहीं आते हैं तो वह नगर निगम के किसी बड़े जिम्मेदार को इसकी जानकारी दे सकते हैं। इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर स्वच्छ भारत मिशन की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सतीश कुमार सिंह का कहना है कि टीम में एक नागरिक कोर के सदस्य होंगे और दूसरा उस वार्ड का एक रिटायर्ड सरकारी या कोई प्रमुख व्यक्ति होगा। स्वच्छता ग्राही को नगर निगम की तरफ से आई कार्ड भी मिलेगा। आधे से अधिक स्वच्छता ग्राहियों को चयन हो चुका है। जल्द ही पूरे शहर में इनकी तैनाती कर दी जाएगी।