{"_id":"5d1e60658ebc3e3cc84a75bc","slug":"two-more-cng-station-in-gorakhpur-gorakhpur-city-news-gkp3126934143","type":"story","status":"publish","title_hn":"इसी साल शहर में दो और सीएनजी स्टेशन खुलेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इसी साल शहर में दो और सीएनजी स्टेशन खुलेंगे
विज्ञापन
इसी साल शहर में दो और सीएनजी स्टेशन खुलेंगे
गोरखपुर। इस साल के आखिरी तक शहर में दो और सहजनवां में एक और सीएनजी स्टेशन खुल जाएगा। इसे लेकर सिटी गैस वितरण नेटवर्क का काम देख रही टोरेंट गैस प्राइवेट लिमिटेड ने तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान में बरगदवां के साथ ही नौसड़ में भी एक-एक सीएनजी स्टेशन शुरू हो गए हैं।
योजना के तहत आठ साल के भीतर टोरेंट को गोरखपुर के साथ ही संतकबीरनगर और कुशीनगर के 1.70 लाख घरों के रसोई घर तक पाइपलाइन से गैस पहुंचाने के साथ ही 36 सीएनजी स्टेशन खोलने हैं।
शहर के भीतर गैस पाइप लाइन बिछने तक इस स्टेशनों के लिए वाराणसी से सीएनजी लाई जाएगी। टोरेंट को वाराणसी से गोरखपुर खाद कारखाना तक गैसपाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी गेल से गैस खरीदनी है।
विज्ञापन
गेल ने तो 165 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया है। 30 जून को ही सफलता पूर्वक इसका ट्रायल भी हो चुका है। मगर खाद कारखाना के साथ ही टोरेंट की भी आधारभूत संरचना पूरी नहीं होने की वजह से अभी इस पाइप लाइन में प्राकृतिक गैस नहीं डाली जाएगी। आपूर्ति शुरू होने तक पाइप लाइन की सुरक्षा के लिए उसमें नाइट्रोजन गैस डाली गई है।
विज्ञापन
गोरखपुर। इस साल के आखिरी तक शहर में दो और सहजनवां में एक और सीएनजी स्टेशन खुल जाएगा। इसे लेकर सिटी गैस वितरण नेटवर्क का काम देख रही टोरेंट गैस प्राइवेट लिमिटेड ने तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान में बरगदवां के साथ ही नौसड़ में भी एक-एक सीएनजी स्टेशन शुरू हो गए हैं।
योजना के तहत आठ साल के भीतर टोरेंट को गोरखपुर के साथ ही संतकबीरनगर और कुशीनगर के 1.70 लाख घरों के रसोई घर तक पाइपलाइन से गैस पहुंचाने के साथ ही 36 सीएनजी स्टेशन खोलने हैं।
विज्ञापन
शहर के भीतर गैस पाइप लाइन बिछने तक इस स्टेशनों के लिए वाराणसी से सीएनजी लाई जाएगी। टोरेंट को वाराणसी से गोरखपुर खाद कारखाना तक गैसपाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी गेल से गैस खरीदनी है।
विज्ञापन
गेल ने तो 165 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया है। 30 जून को ही सफलता पूर्वक इसका ट्रायल भी हो चुका है। मगर खाद कारखाना के साथ ही टोरेंट की भी आधारभूत संरचना पूरी नहीं होने की वजह से अभी इस पाइप लाइन में प्राकृतिक गैस नहीं डाली जाएगी। आपूर्ति शुरू होने तक पाइप लाइन की सुरक्षा के लिए उसमें नाइट्रोजन गैस डाली गई है।