नहर के पानी में 200 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न, खून के आंसू बहाने को मजबूर हुआ किसान
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गोरखपुर के उनवल इलाके की खजनी तहसील क्षेत्र में बीती रात नहर कट जाने के कारण लगभग 200 ऐकड़ गेहूं की फसल ङूब कर बर्बाद हो गई। यहां सरयू नहर खण्ड कैनाल खण्ड 5 के सिशवा, सोनवर्षा गांव के पास अधूरी नहर छोड़ दी गई। नहर का पानी आगे जाने के लिए खुदाई नहीं की गई।
रात के वक्त अचानक नहर कट गई जिस कारण खेतों में खड़ी करीब 200 ऐकड़ गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। अब अगर नहर का पानी बंद नहीं हुआ तो और भी गांवों की फसल डूब जाएगी। उधर किसान अपना खून-पसीना बहाकर उगाई गई फसलों को यूं पानी में डूबता देख परेशान हो रहे हैं।
जानकरी के अनुसार इस नहर का निर्माण 2012 मे ही पूरा होना था। आज 8 वर्षो से सिसवा, सोनवर्षा, लटकना ,भेलखनक, पकड़ी, रानीडीह और इसके अगल-बगल के गावों में नहर का पानी आने से गेहूं की फसलें हर साल बर्बाद होती है जबकि वहीं धान के सीजन में यह नहर विभाग को पानी नहीं देती है।
तहसील दिवस पर कुछ किसानों द्वारा शिकायत करने पर तहसील दिवस में आए नहर विभाग के कर्मचारी को फटकार लगती तो है लेकिन विभाग इस पर कोई स्थायी व्यवस्था नहीं कर रहा है। हर साल किसानों की सैकड़ो एकड़ फसल यूं ही बर्बाद होती है।
इन किसानों का हुआ ज्यादा नुकसान
बुद्धिसागर मिश्रा,सुधीर मिश्रा, रघुबंस मिश्रा, रामकेवल चौरसिया, विनोद मिश्रा, जयप्रकाश तिवारी, सुभाष मिश्रा, अवध बिहारी मिश्रा, विश्वनाथ शर्मा, प्रेम भास्कर शर्मा, अवनीश मिश्रा ललई यादव, जमलू यादव, विश्वनाथ यादव, चंद्रभास्कर मिश्रा, सत्यप्रकाश मिश्रा इत्यादि तमाम किसानों की फसल बर्बाद हो गई। इन किसानों ने बताया कि हर साल जब हम लोग गेहूं की फसल उगा लेते हैं तो किसी भी समय नहर का पानी आ जाता है और हमारी फसल बर्बाद हो जाती है। वहीं धान के समय में यह नहर पानी देने में सक्षम नहीं रहती है। उक्त संबंध के उपजिलाधिकारी खजनी गौरव श्रीवास्तव का कहना है कि अभी हमको भी सूचना मिली है हम तत्काल पहले नहर जहां से कटी उसको सही करवाने के लिए कह चुके हैं और जहां से पानी आ रहा है वहां से पानी का प्रेशर कम करवा रहे हैं।