{"_id":"5d8538428ebc3e015d44c3c0","slug":"trail-run-of-tejas-express-gorakhpur-city-news-gkp3224268152","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहने को ट्रेन, सुविधाएं हवाई जहाज जैसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कहने को ट्रेन, सुविधाएं हवाई जहाज जैसी
विज्ञापन
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पंहुची तेजस।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कहने को ट्रेन, सुविधाएं हवाई जहाज जैसी
गोरखपुर। आईआरसीटीसी की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस का ट्रायल शुक्रवार को सफल रहा है। लखनऊ से चली ट्रेन 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ी और निर्धारित समय से गोरखपुर पहुंच गई। आधुनिक सुविधा-संसाधनों से लैस ट्रेन रेलवे अफसरों को लेकर रेलवे स्टेशन पहुंची तो उसे देखने वालों की भीड़ लग गई। तेजस से सफर करके गोरखपुर आए रेलवे अफसरों ने कहा- कहने को तो यह ट्रेन है, इसकी ज्यादातर सुविधाएं हवाई जहाज जैसी हैं।
लखनऊ से नई दिल्ली के बीच संचालन के लिए तेजस एक्सप्रेस का शुक्रवार को लखनऊ से गोरखपुर और गोरखपुर से लखनऊ तक चलाकर ट्रायल किया गया। इसका मकसद ट्रेन को लोगों के लिए शुरू करने से पहले उसकी जांच करना था। लखनऊ से चली एक्सप्रेस ट्रेन को महज गोंडा रेलवे स्टेशन पर रोका गया। ट्रेन ने लखनऊ से गोरखपुर के बीच 279 किलोमीटर की दूरी चार घंटे 20 मिनट में पूरा की। ट्रेन सुबह 6.50 बजे लखनऊ चली और 11.10 बजे गोरखपुर पहुंची। वापसी की यात्रा ट्रेन ने अपराह्न 2.30 बजे गोरखपुर से शुरू की। चेयर कार वाली इस ट्रेन को अंदर से पर्याप्त जगह देकर बेहद खूबसूरत बनाया गया है। ट्रेन का किराया अभी निर्धारित नहीं है। इसका शताब्दी एक्सप्रेस जैसा ही किराया होने की उम्मीद है। ट्रेन के लोको पायलट रामानंद श्रीवास्तव, लोको इंस्पेक्टर जगदंबा तिवारी और गार्ड रविंदर सिंह रहे।
वेलकम ड्रिंक्स से स्वागत, सुविधाएं हाई-फाई
तेजस का सफर करने वाले यात्रियों को वेलकम ड्रिंक्स और स्नैक्स दिए जाएंगे। वहीं जैसे हवाई जहाज में एयर होस्टेस होतीं हैं, वैसे ही तेजस में भी परिचारिकाओं की तैनाती की जाएगी। ट्रेन एलईडी लाइट, सीसीटीवी कैमरे, बड़ी संख्या में मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, सर्विस कॉल बटन और स्टडी लाइट की सुविधाओं से लैस है। ट्रेन की खिड़कियों पर लगे परदे को एक बटन दबाकर उठाया और गिराया जा सकता है। सभी कोंचों में स्लाइड वाले स्वचालित दरवाजे लगाए गए हैं। हर सीट के लिए अलग यूएसबी प्वाइंट भी दिए गए हैं। सीटें भी रिक्लाइनर हैं, यानी कि इन्हें पीछे की ओर झुका कर आप आराम से सो सकते हैं। ट्रेन में वीआईपी और इकोनॉमी क्लास के कोच अलग-अलग हैं। बेहतर फूड सर्विस के लिए ट्रेन में मिनी पैंट्री कार की भी सुविधा है। चेयर कार वाली यह ट्रेन सबसे आधुनिक है। कोच अटेंडेंट को बुलाने के लिए कॉल बटन है। सेंसर बेस डस्टबीन है। बाथरूम में सेंसर बेस वाटर टैप लगे हैं। ट्रेन कब, कहां पहुंची, इसकी सूचना एलसीडी पर डिस्प्ले होती रहेगी।खान-पान की सुविधा ट्रॉली के माध्यम से मिलेगी।
विज्ञापन
चार अक्तूबर को लखनऊ से नई दिल्ली के लिए चलेगी तेजस
तेजस एक्सप्रेस (82501/82502) लखनऊ जंक्शन-नई दिल्ली के बीच सप्ताह में छह दिन चलेगी। चार अक्तूबर को विशेष ट्रेन के रूप में (00501) लखनऊ जंक्शन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना करेंगे। ट्रेन लखनऊ जंक्शन से सुबह 9.30 बजे चलकर 10.45 बजे कानपुर, अपराह्न 3.05 बजे गाजियाबाद से छूटकर नई दिल्ली शाम चार बजे पहुंचेगी।
तेजस एक्सप्रेस का नियमित संचालन नई दिल्ली से पांच अक्तूबर से तथा लखनऊ जंक्शन से छह अक्तूबर से किया जाएगा। नियमित ट्रेन के रूप में लखनऊ जंक्शन से 6.10 बजे प्रस्थान कर कानपुर से 7.25 बजे, गाजियाबाद से 11.47 बजे छूटकर नई दिल्ली 12.25 बजे पहुंचेगी। वापसी में 82502 तेजस एक्सप्रेस नई दिल्ली से अपराह्न 3.35 बजे चलकर गाजियाबाद 4.11 बजे, कानपुर 8.40 बजे छूटकर लखनऊ जंक्शन 10.05 बजे पहुंचेगी। ट्रेन में वातानुकूलित कुर्सी यान के नौ, वातानुकूलित एक्जीक्यूटिव कुर्सी यान का एक तथा जनरेटर यान के दो कोचों सहित कुल 12 कोच लगेंगे। आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे से ट्रेन ऑपरेशन ऑर्डर शुक्रवार तक जारी होगा। इसके बाद शनिवार से वेबसाइट पर बुकिंग शुरू करने की कोशिश की जाएगी। ट्रेन शुरू होने से लंबी वेटिंग वाले यात्रियों को राहत मिलेगी।
ट्रेन में 10 बोगियां, हर कोच में 78 सीटें
ट्रेन में कुल 10 बोगियां हैं। इसके हर कोच में 78 सीटें हैं। सीटों को ऐसे डिजाइन किया गया है कि पैसेंजर को बढ़िया नींद आए। वह सीट को पीछे की तरफ करें और आराम से पैर फैलाकर सो जाएं। लेगरेस्ट भी लगाए गए हैं। ट्रेन में वीआईपी और इकोनॉमी क्लास कोच अलग-अलग हैं। हर कोच में दो टॉयलेट हैं, जबकि बाकी ट्रेनों में चार टॉयलेट होते हैं।
लीज पर आईआरसीटीसी को मिली ट्रेन
केंद्र सरकार ने इस ट्रेन को आईआरसीटीसी को लीज पर दिया है। किराया तय करने की पूरी जिम्मेदारी भी आईआरसीटीसी के पास ही हैै। इसका प्राथमिक किराया किसी प्रीमियम ट्रेन से थोड़ा ज्यादा होगा। इसमें मिलने वाली सुविधाएं दूसरी ट्रेनों से बेहतर होंगी।
लखनऊ से दिल्ली के बीच 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ेगी तेजस
तेजस एक्सप्रेस लखनऊ और दिल्ली के बीच 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी । इसमें लगे सारे सिस्टम काम कर रहे हैं या नहीं इसके लिए ट्रेन को गोरखपुर ट्रायल रन के लिए लाया गया। ये देश की पहली कॉरपोरेट ट्रेन है। इसके ऑपरेशन का पार्ट रेलवे और किराये आदि के निर्धारण की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी के पास रहेगी।
स्टेशन पर भारतीय रेल में जो सुरक्षा मिलती है उसके साथ ही अलग से भी सुरक्षा मिलेगी। ट्रेन का ट्रायल सफल रहा है। ट्रेन में लगे सारे सिस्टम काम कर रहे हैं। जो सिस्टम अच्छे से काम नहीं कर रहा, उसकी जांच टेक्निकल टीम ने की है। ट्रेन में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं मिली है। - अश्विनी श्रीवास्तव, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, आईआरसीटीसी
विज्ञापन
गोरखपुर। आईआरसीटीसी की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस का ट्रायल शुक्रवार को सफल रहा है। लखनऊ से चली ट्रेन 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ी और निर्धारित समय से गोरखपुर पहुंच गई। आधुनिक सुविधा-संसाधनों से लैस ट्रेन रेलवे अफसरों को लेकर रेलवे स्टेशन पहुंची तो उसे देखने वालों की भीड़ लग गई। तेजस से सफर करके गोरखपुर आए रेलवे अफसरों ने कहा- कहने को तो यह ट्रेन है, इसकी ज्यादातर सुविधाएं हवाई जहाज जैसी हैं।
लखनऊ से नई दिल्ली के बीच संचालन के लिए तेजस एक्सप्रेस का शुक्रवार को लखनऊ से गोरखपुर और गोरखपुर से लखनऊ तक चलाकर ट्रायल किया गया। इसका मकसद ट्रेन को लोगों के लिए शुरू करने से पहले उसकी जांच करना था। लखनऊ से चली एक्सप्रेस ट्रेन को महज गोंडा रेलवे स्टेशन पर रोका गया। ट्रेन ने लखनऊ से गोरखपुर के बीच 279 किलोमीटर की दूरी चार घंटे 20 मिनट में पूरा की। ट्रेन सुबह 6.50 बजे लखनऊ चली और 11.10 बजे गोरखपुर पहुंची। वापसी की यात्रा ट्रेन ने अपराह्न 2.30 बजे गोरखपुर से शुरू की। चेयर कार वाली इस ट्रेन को अंदर से पर्याप्त जगह देकर बेहद खूबसूरत बनाया गया है। ट्रेन का किराया अभी निर्धारित नहीं है। इसका शताब्दी एक्सप्रेस जैसा ही किराया होने की उम्मीद है। ट्रेन के लोको पायलट रामानंद श्रीवास्तव, लोको इंस्पेक्टर जगदंबा तिवारी और गार्ड रविंदर सिंह रहे।
विज्ञापन
वेलकम ड्रिंक्स से स्वागत, सुविधाएं हाई-फाई
तेजस का सफर करने वाले यात्रियों को वेलकम ड्रिंक्स और स्नैक्स दिए जाएंगे। वहीं जैसे हवाई जहाज में एयर होस्टेस होतीं हैं, वैसे ही तेजस में भी परिचारिकाओं की तैनाती की जाएगी। ट्रेन एलईडी लाइट, सीसीटीवी कैमरे, बड़ी संख्या में मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, सर्विस कॉल बटन और स्टडी लाइट की सुविधाओं से लैस है। ट्रेन की खिड़कियों पर लगे परदे को एक बटन दबाकर उठाया और गिराया जा सकता है। सभी कोंचों में स्लाइड वाले स्वचालित दरवाजे लगाए गए हैं। हर सीट के लिए अलग यूएसबी प्वाइंट भी दिए गए हैं। सीटें भी रिक्लाइनर हैं, यानी कि इन्हें पीछे की ओर झुका कर आप आराम से सो सकते हैं। ट्रेन में वीआईपी और इकोनॉमी क्लास के कोच अलग-अलग हैं। बेहतर फूड सर्विस के लिए ट्रेन में मिनी पैंट्री कार की भी सुविधा है। चेयर कार वाली यह ट्रेन सबसे आधुनिक है। कोच अटेंडेंट को बुलाने के लिए कॉल बटन है। सेंसर बेस डस्टबीन है। बाथरूम में सेंसर बेस वाटर टैप लगे हैं। ट्रेन कब, कहां पहुंची, इसकी सूचना एलसीडी पर डिस्प्ले होती रहेगी।खान-पान की सुविधा ट्रॉली के माध्यम से मिलेगी।
विज्ञापन
चार अक्तूबर को लखनऊ से नई दिल्ली के लिए चलेगी तेजस
तेजस एक्सप्रेस (82501/82502) लखनऊ जंक्शन-नई दिल्ली के बीच सप्ताह में छह दिन चलेगी। चार अक्तूबर को विशेष ट्रेन के रूप में (00501) लखनऊ जंक्शन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना करेंगे। ट्रेन लखनऊ जंक्शन से सुबह 9.30 बजे चलकर 10.45 बजे कानपुर, अपराह्न 3.05 बजे गाजियाबाद से छूटकर नई दिल्ली शाम चार बजे पहुंचेगी।
तेजस एक्सप्रेस का नियमित संचालन नई दिल्ली से पांच अक्तूबर से तथा लखनऊ जंक्शन से छह अक्तूबर से किया जाएगा। नियमित ट्रेन के रूप में लखनऊ जंक्शन से 6.10 बजे प्रस्थान कर कानपुर से 7.25 बजे, गाजियाबाद से 11.47 बजे छूटकर नई दिल्ली 12.25 बजे पहुंचेगी। वापसी में 82502 तेजस एक्सप्रेस नई दिल्ली से अपराह्न 3.35 बजे चलकर गाजियाबाद 4.11 बजे, कानपुर 8.40 बजे छूटकर लखनऊ जंक्शन 10.05 बजे पहुंचेगी। ट्रेन में वातानुकूलित कुर्सी यान के नौ, वातानुकूलित एक्जीक्यूटिव कुर्सी यान का एक तथा जनरेटर यान के दो कोचों सहित कुल 12 कोच लगेंगे। आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे से ट्रेन ऑपरेशन ऑर्डर शुक्रवार तक जारी होगा। इसके बाद शनिवार से वेबसाइट पर बुकिंग शुरू करने की कोशिश की जाएगी। ट्रेन शुरू होने से लंबी वेटिंग वाले यात्रियों को राहत मिलेगी।
ट्रेन में 10 बोगियां, हर कोच में 78 सीटें
ट्रेन में कुल 10 बोगियां हैं। इसके हर कोच में 78 सीटें हैं। सीटों को ऐसे डिजाइन किया गया है कि पैसेंजर को बढ़िया नींद आए। वह सीट को पीछे की तरफ करें और आराम से पैर फैलाकर सो जाएं। लेगरेस्ट भी लगाए गए हैं। ट्रेन में वीआईपी और इकोनॉमी क्लास कोच अलग-अलग हैं। हर कोच में दो टॉयलेट हैं, जबकि बाकी ट्रेनों में चार टॉयलेट होते हैं।
लीज पर आईआरसीटीसी को मिली ट्रेन
केंद्र सरकार ने इस ट्रेन को आईआरसीटीसी को लीज पर दिया है। किराया तय करने की पूरी जिम्मेदारी भी आईआरसीटीसी के पास ही हैै। इसका प्राथमिक किराया किसी प्रीमियम ट्रेन से थोड़ा ज्यादा होगा। इसमें मिलने वाली सुविधाएं दूसरी ट्रेनों से बेहतर होंगी।
लखनऊ से दिल्ली के बीच 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ेगी तेजस
तेजस एक्सप्रेस लखनऊ और दिल्ली के बीच 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी । इसमें लगे सारे सिस्टम काम कर रहे हैं या नहीं इसके लिए ट्रेन को गोरखपुर ट्रायल रन के लिए लाया गया। ये देश की पहली कॉरपोरेट ट्रेन है। इसके ऑपरेशन का पार्ट रेलवे और किराये आदि के निर्धारण की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी के पास रहेगी।
स्टेशन पर भारतीय रेल में जो सुरक्षा मिलती है उसके साथ ही अलग से भी सुरक्षा मिलेगी। ट्रेन का ट्रायल सफल रहा है। ट्रेन में लगे सारे सिस्टम काम कर रहे हैं। जो सिस्टम अच्छे से काम नहीं कर रहा, उसकी जांच टेक्निकल टीम ने की है। ट्रेन में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं मिली है। - अश्विनी श्रीवास्तव, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, आईआरसीटीसी