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नकल करने-कराने पर होगी जेल, जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 02 Apr 2017 01:09 AM IST
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं में नकल करने और कराने पर अब जेल होगी। नकल पर नकेल के लिए प्रदेश सरकार ने उत्तरप्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 1998 को सख्ती से लागू करने के लिए प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश जारी किया है। इसके तहत जेल के साथ जुर्माने का भी प्राविधान किया गया है। यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से नकलरहित परीक्षा कराई जाएगी और नकल करने-कराने वालों को पुलिस-प्रशासन के सुपुर्द किया जाएगा।
शनिवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में परीक्षा नियंत्रक प्रो. अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अब नकल करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। प्राविधान के अनुसार नकल करते हुए पकड़े जाने पर तीन महीने की जेल या दो हजार रुपये का जुर्माना या फिर दोनों होगा। परीक्षा केंद्र में अनाधिकृृत रूप से घुसने वाले किसी भी व्यक्ति के अलावा प्रश्नपत्र लीक करने या कराने के मामले में केंद्राधीक्षकों, प्रबंधकों, कक्ष निरीक्षकों को पकड़ा जाता है तो उन्हें एक साल की जेल या पांच हजार रुपये का जुर्माना या फिर दोनों भुगतना पड़ सकता है।
वहीं कदाचारमुक्त परीक्षा कराने में किसी व्यक्ति द्वारा गाली गलौच करने, जान से मारने की धमकी देने और मारने का प्रयास करने पर पांच हजार रुपये की जेल या पांच हजार रुपये का जुर्माना या फिर दोनों का प्राविधान है। उन्होंने बताया कि नकल करते हुए पाए जाने पर परीक्षार्थियों को पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा। प्रथम श्रेणी के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने मामले की सुनवाई होगी। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि प्राविधान पर पूरी तरह से अमल किया जाएगा। प्रेसवार्ता में प्रो. एसके दीक्षित और प्रो. हर्ष सिन्हा मौजूद रहे।
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सचल दस्ते ने पकड़ा सामूहिक नकल
गोरखपुर यूनिवर्सिटी की वार्षिक परीक्षा को नकलरहित कराने का यूनिवर्सिटी प्रशासन का प्रयास एक बार असफल होता दिख रहा है। परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी के सचल दस्ते ने संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर जिले में एक-एक परीक्षा केंद्रों पर सामूहिक नकल का मामला पकड़ा है। वहीं देवरिया में नकल की शिकायत पर सचल दस्ते ने अपनी निगरानी में परीक्षा कराई। परीक्षा के बाद उस परीक्षा केंद्र की कॉपियाें को सीलबंद कराकर विश्वविद्यालय लेकर आ गई। परीक्षा समिति की बैठक में इन सभी मसलों पर निर्णय होगा।
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शनिवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में परीक्षा नियंत्रक प्रो. अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अब नकल करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। प्राविधान के अनुसार नकल करते हुए पकड़े जाने पर तीन महीने की जेल या दो हजार रुपये का जुर्माना या फिर दोनों होगा। परीक्षा केंद्र में अनाधिकृृत रूप से घुसने वाले किसी भी व्यक्ति के अलावा प्रश्नपत्र लीक करने या कराने के मामले में केंद्राधीक्षकों, प्रबंधकों, कक्ष निरीक्षकों को पकड़ा जाता है तो उन्हें एक साल की जेल या पांच हजार रुपये का जुर्माना या फिर दोनों भुगतना पड़ सकता है।
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वहीं कदाचारमुक्त परीक्षा कराने में किसी व्यक्ति द्वारा गाली गलौच करने, जान से मारने की धमकी देने और मारने का प्रयास करने पर पांच हजार रुपये की जेल या पांच हजार रुपये का जुर्माना या फिर दोनों का प्राविधान है। उन्होंने बताया कि नकल करते हुए पाए जाने पर परीक्षार्थियों को पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा। प्रथम श्रेणी के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने मामले की सुनवाई होगी। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि प्राविधान पर पूरी तरह से अमल किया जाएगा। प्रेसवार्ता में प्रो. एसके दीक्षित और प्रो. हर्ष सिन्हा मौजूद रहे।
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सचल दस्ते ने पकड़ा सामूहिक नकल
गोरखपुर यूनिवर्सिटी की वार्षिक परीक्षा को नकलरहित कराने का यूनिवर्सिटी प्रशासन का प्रयास एक बार असफल होता दिख रहा है। परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी के सचल दस्ते ने संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर जिले में एक-एक परीक्षा केंद्रों पर सामूहिक नकल का मामला पकड़ा है। वहीं देवरिया में नकल की शिकायत पर सचल दस्ते ने अपनी निगरानी में परीक्षा कराई। परीक्षा के बाद उस परीक्षा केंद्र की कॉपियाें को सीलबंद कराकर विश्वविद्यालय लेकर आ गई। परीक्षा समिति की बैठक में इन सभी मसलों पर निर्णय होगा।