फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   There may be change in panchayat level officer

अब पंचायतों में तख्ता पलट की तैयारी 

Sat, 08 Apr 2017 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sat, 08 Apr 2017 01:39 AM IST
विज्ञापन
प्रदेश से सपा सरकार की विदाई के साथ ही अब पंचायतोें में भी तख्ता पलट की भूमिका तैयार होने लगी है। जिला पंचायत अध्यक्ष समेत कई ब्लॉक प्रमुख और प्रधानों की कुर्सी हथियाने को लेकर जोड़-तोड़ की राजनीति तेज हो गई। तमाम दिग्गज सदस्यों को सहेजने के साथ ही लखनऊ से लेकर जिला प्रशासन और पंचायती राज कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।
विज्ञापन


जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी समेत ब्लॉक प्रमुखों की ज्यादातर कुर्सी सपाइयों के कब्जे में है। ये सपाई कम से कम दो साल तक इन कुर्सियों पर बने रहें इसके लिए सपा सरकार ने एक प्रस्ताव तैयार कराकर कैबिनेट से उसे स्वीकृत भी करा लिया था लेकिन राज्यपाल ने उसपर अपनी स्वीकृति नहीं दी। इससे वह लागू नहीं हो सका। यानी पूर्व की ही तरह अभी भी जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख के शपथ लेने के साल भर बाद कभी भी अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें हटाया जा सकता है। दक्षिणांचल के एक ब्लॉक प्रमुख को कुर्सी से हटाने के सिलसिले में ही विकास भवन पहुंचे एक दिग्गज का कहना था कि उन्हें यह नहीं पता था कि दो साल की शर्त लागू ही नहीं हो पाई। अब जाकर उन्हें इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने तैयारी तेज कर दी है। यही नहीं तख्ता पलट का अवसर खोज रहे ज्यादातर लोगों को अब तक इसकी जानकारी नहीं हो पाई थी। भाजपा की सरकार आने के बाद लखनऊ से ही इसका खुलासा हुआ।
विज्ञापन


बहुमत को आधे से एक अधिक सदस्य जरूरी
पंचायती राज कार्यालय के मुताबिक जिला पंचायत अध्यक्ष या ब्लॉक प्रमुख को पद से हटाने के लिए आधे से एक सदस्य अधिक होना जरूरी है। ये सभी सदस्य डीएम को शपथ पत्र देंगे। डीएम शपथपत्रों का सत्यापन कराकर या बैठक कर संबंधित जिला पंचायत अध्यक्ष या ब्लॉक प्रमुख को पद से हटा सकते हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन


आसान नहीं होगा जिला पंचायत की कुर्सी हिलाना
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हिला पाना आसान नहीं होगा। जिला पंचायत सदन के 73 सदस्यों में से ज्यादातर सपाई है। इनकी संख्या 50 फीसदी से अधिक बताई जाती है। बाकी में भाजपा और बसपा के सदस्य हैं। ऐसे में 37 के आस-पास सदस्यों को तोड़ पाना किसी के लिए भी आसान नहीं होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष गीतांजलि यादव के पति व पूर्व जिला महासचिव मनुरोजन यादव को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का करीबी बताया जाता है। ऐसे में सपाइयों की उनके प्रति निष्ठा भी मजबूत है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed