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12 फीट के होंगे कांसे से बने पं. दीनदयाल
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 26 Sep 2016 12:49 AM IST
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प्रतिमा स्थल का शिलान्यास करते राज्यपाल राम नाईक और वीसी प्रो. अशोक कुमार।
- फोटो : Rajesh Kumar
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अनवरत प्रयास के परिणामस्वरूप गोरखपुर यूनिवर्सिटी परिसर में रविवार को शाम चार बजे पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा स्थल की आधारशिला राज्यपाल राम नाईक ने रखी। इस दौरान कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने बताया कि राज्यपाल की ओर से यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन परिसर में प्रतिमा स्थापना की अनुमति मिल गई है। 12 फीट की प्रतिमा कांसे से बनाई जा रही है।
कुलपति ने बताया कि 1997 में गोरखपुर यूनिवर्सिटी से पंडित दीनदयाल का नाम जोड़ा गया। तभी से परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की चर्चा शुरू हो गई थी। पिछले वर्ष निर्णय लिया गया कि जन्मशती वर्ष पर प्रतिमा स्थापित की जा सकती है। उन्होंने बताया कि जयंती के सौ वर्ष पूरे होने पर यूनिवर्सिटी ने बाकायदा जन्मशती आयोजन समिति का गठन किया और पूरे वर्ष आयोजनों की शृंखला चलाई। प्रतिमा का आधारशिला भी इसी आयोजन की महत्वपूर्ण कड़ी है। इस अवसर पर पं. दीनदयाल के जीवन पर आधारित न्यूज लेटर का विमोचन किया गया, जिसे अंग्रेजी विभाग की प्रो. सुनीता मुर्मू ने संपादित किया है।
इससे पहले राज्यपाल को यूनिवर्सिटी के एनएससी विंग ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। कार्यक्रम का संचालन प्राचीन इतिहास विभाग की प्रो. विपुला दुबे ने किया, जबकि आभार ज्ञापन आयोजन समिति के संयोजक प्रो. एचएस शुक्ल का रहा। इस दौरान सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. रजनीकांत पांडेय, प्रो. मधु कुमार, प्रो. लालजी त्रिपाठी, प्रो. ओपी पांडेय, प्रो. विनीता पाठक, प्रो. एचएस बाजपेयी, प्रो. राजेंद्र सिंह, छात्रसंघ के नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष अखिल देव त्रिपाठी, महामंत्री ऋचा चौधरी, पुस्तकालय मंत्री दीपक यादव आदि मौजूद रहे।
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कुलपति ने बताया कि 1997 में गोरखपुर यूनिवर्सिटी से पंडित दीनदयाल का नाम जोड़ा गया। तभी से परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की चर्चा शुरू हो गई थी। पिछले वर्ष निर्णय लिया गया कि जन्मशती वर्ष पर प्रतिमा स्थापित की जा सकती है। उन्होंने बताया कि जयंती के सौ वर्ष पूरे होने पर यूनिवर्सिटी ने बाकायदा जन्मशती आयोजन समिति का गठन किया और पूरे वर्ष आयोजनों की शृंखला चलाई। प्रतिमा का आधारशिला भी इसी आयोजन की महत्वपूर्ण कड़ी है। इस अवसर पर पं. दीनदयाल के जीवन पर आधारित न्यूज लेटर का विमोचन किया गया, जिसे अंग्रेजी विभाग की प्रो. सुनीता मुर्मू ने संपादित किया है।
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इससे पहले राज्यपाल को यूनिवर्सिटी के एनएससी विंग ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। कार्यक्रम का संचालन प्राचीन इतिहास विभाग की प्रो. विपुला दुबे ने किया, जबकि आभार ज्ञापन आयोजन समिति के संयोजक प्रो. एचएस शुक्ल का रहा। इस दौरान सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. रजनीकांत पांडेय, प्रो. मधु कुमार, प्रो. लालजी त्रिपाठी, प्रो. ओपी पांडेय, प्रो. विनीता पाठक, प्रो. एचएस बाजपेयी, प्रो. राजेंद्र सिंह, छात्रसंघ के नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष अखिल देव त्रिपाठी, महामंत्री ऋचा चौधरी, पुस्तकालय मंत्री दीपक यादव आदि मौजूद रहे।
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