फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   the couse of scourge in gorakhpur university is electricity

उबाल की वजह बन रहे हांफते ट्रांसफार्मर

Thu, 23 Jun 2016 01:20 AM IST
डॉ. राकेश राय, अमर उजाला, गोरखपुर।
डॉ. राकेश राय, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Thu, 23 Jun 2016 01:20 AM IST
विज्ञापन
the couse of scourge in gorakhpur university is electricity
गोरखपुर यूनिवर्सिटी
आए दिन बिजली-पानी की दिक्कत के चलते हंगामे की स्थिति गोरखपुर यूनिवर्सिटी की नियति बन चुकी है। बिजली की खराबी की वजह से होने वाली पानी को समस्या को लेकर हॉस्टल के छात्रों का सड़क पर उतरना यूनिवर्सिटी ही नहीं, जिला प्रशासन के लिए भी चुनौती बन जाता है। इस बवाल की वजह यूनिवर्सिटी में लगे पांच ट्रांसफार्मरों पर क्षमता से कहीं अधिक बोझ है। ऐसे में इन ट्रांसफार्मरों का जवाब दे जाना लाजिमी है।
विज्ञापन


यूनिवर्सिटी परिसर के पांच ट्रांसफार्मर में से चार 400 केवीए के हैं और एक 250 केवीए का है। कायदे में इन ट्रांसफार्मरों की क्षमता का 80 फीसदी उपयोग ही एक बार में किया जाना चाहिए, लेकिन स्थिति इससे बिल्कुल अलग है। सभी ट्रांसफार्मरों पर या तो क्षमता के बराबर या क्षमता से 10 से 20 फीसदी अधिक लोड है। नतीजा यह निकलता है कि आए दिन ये ट्रांसफार्मर जवाब दे जाते हैं। पिछले दिनों तीन ट्रांसफार्मरों का एक साथ खराब हो जाना इसकी बानगी है, जिसके चलते लगातार दो दिन तक यूनिवर्सिटी परिसर में हंगामे का माहौल बना रहा। शैक्षणिक माहौल तो खराब हुआ ही, छात्रों को खाने-पीने से लेकर तमाम दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
विज्ञापन


वजह की तह में जाएं तो इस स्थिति के लिए खुद छात्र जिम्मेदार तो हैं ही, साथ ही यूनिवर्सिटी के जिम्मेदारों की भी बड़ी भूमिका है। छात्रों की ओर से हॉस्टल में अवैध रूप से जलाए जा रहे बेइंतहा हीटर जहां आए दिन मांग और आपूर्ति की गणित बिगाड़ देते हैं, वहीं विभागों और आवासों में पिछले दिनों बढ़ी एसी की तादाद भी इसके लिए जिम्मेदार है। खासकर एसी को लेकर हद दर्जे की बेइंतजामी है। सूत्रों के मुताबिक बिना आधिकारिक सूचना के दर्जनों एसी विभागों और आवासों में चल रहे हैं, जिसका कोई हिसाब यूनिवर्सिटी के पास नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह सही है कि यूनिवर्सिटी के लिए तय आपूर्ति यहां की जरूरत से काफी कम है। हीटर और एसी की बढ़ी तादाद से यह दिक्कत पिछले कुछ वर्षों में ज्यादा बढ़ी है। इसके चलते आए दिन ट्रांसफार्मर जवाब देने लगते हैं। लोड बढ़ाने के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से प्रक्रिया चल रही है।
- श्रवण कुमार, अभियंता, गोरखपुर यूनिवर्सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed