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परमिट में खेल कर दौड़ रहे टेंपो ट्रैवलर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 19 Apr 2016 01:40 AM IST
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रेलवे स्टेशन के सामने सवारी भरते ट्रैवलर।
- फोटो : rajesh kumar
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परमिट में खेल कर टेंपो ट्रैवलर गोरखपुर से लखनऊ तक डग्गामारी कर रहे हैं। रोडवेज को चूना लगाने में ट्रैवलर संचालकों के नेटवर्क में आरटीओ और पुलिस भी शामिल है। कार्रवाई से बचने के लिए लखनऊ से जारी यूपी परमिट को हथियार बनाया गया है, जबकि सवारी ढोने के लिए यह परमिट मान्य नहीं है।
हैरानी की बात यह है कि गोरखपुर से लखनऊ के बीच 33 ट्रैवलर चल रहे हैं लेकिन परिवहन विभाग की चेकिंग टीम को ये गाड़ियां सड़क पर नहीं दिख रहीं। वह भी तब जबकि पुलिस चौकी के सामने ही सवारियां भरी जा रही हैं। यही नहीं, अंकुश लगने के बजाय ट्रैवलरों की संख्या बढ़ती जा रही है।
रोडवेज को करोड़ों के घाटे का मामला सामने आने के बाद परिवहन निगम ने 33 ट्रैवलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए एसएसपी अनंत देव को पत्र भेजा था। हालांकि पुलिस ने अब तक न तो मुकदमा दर्ज किया और न ही कोई कार्रवाई की, जबकि ट्रैवलर संचालक रोजाना रेलवे बस स्टैंड स्थित पुलिस चौकी के सामने से ही खुलेआम सवारियां भर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इस पूरे खेल में परिवहन विभाग से लेकर पुलिस की भी मिलीभगत है। इसीलिए ट्रैवलर संचालकों को कार्रवाई का कोई भय नहीं सता रहा है।
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परमिट का खेल
टेंपो ट्रैवलर संचालकों के पास आल यूपी चलने का परमिट है। परिवहन विभाग से इन्हें पांच साल का रिजर्व टूर परमिट दिया गया है, जिसके तहत टूर पर जाने वाले लोगों को बुकिंग कर ही ये वाहन चल सकते हैं। इसमें वह रास्ते में किसी भी सवारी को नहीं बैठा सकते हैं। इसके साथ ही जो टूर बुकिंग की गई है, उसकी रसीद उनके पास होनी चाहिए। लेकिन ट्रैवलर संचालक इन नियमों का पालन न कर धड़ल्ले से डग्गामारी कर रहे हैं। इसमें यात्रा करने वालों को वह टिकट भी नहीं देते।
परिवहन निगम से मिली डग्गामारी कर रहे टेंपो ट्रैवलर की सूची चेकिंग दस्ते को दे दी गई है। मंगलवार से इनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इनके पास जो परमिट है, उस पर वह केवल रिजर्व टूर बुक कर सकते हैं।
- डॉ. एके गुप्ता, आरटीओ प्रवर्तन
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हैरानी की बात यह है कि गोरखपुर से लखनऊ के बीच 33 ट्रैवलर चल रहे हैं लेकिन परिवहन विभाग की चेकिंग टीम को ये गाड़ियां सड़क पर नहीं दिख रहीं। वह भी तब जबकि पुलिस चौकी के सामने ही सवारियां भरी जा रही हैं। यही नहीं, अंकुश लगने के बजाय ट्रैवलरों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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रोडवेज को करोड़ों के घाटे का मामला सामने आने के बाद परिवहन निगम ने 33 ट्रैवलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए एसएसपी अनंत देव को पत्र भेजा था। हालांकि पुलिस ने अब तक न तो मुकदमा दर्ज किया और न ही कोई कार्रवाई की, जबकि ट्रैवलर संचालक रोजाना रेलवे बस स्टैंड स्थित पुलिस चौकी के सामने से ही खुलेआम सवारियां भर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इस पूरे खेल में परिवहन विभाग से लेकर पुलिस की भी मिलीभगत है। इसीलिए ट्रैवलर संचालकों को कार्रवाई का कोई भय नहीं सता रहा है।
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परमिट का खेल
टेंपो ट्रैवलर संचालकों के पास आल यूपी चलने का परमिट है। परिवहन विभाग से इन्हें पांच साल का रिजर्व टूर परमिट दिया गया है, जिसके तहत टूर पर जाने वाले लोगों को बुकिंग कर ही ये वाहन चल सकते हैं। इसमें वह रास्ते में किसी भी सवारी को नहीं बैठा सकते हैं। इसके साथ ही जो टूर बुकिंग की गई है, उसकी रसीद उनके पास होनी चाहिए। लेकिन ट्रैवलर संचालक इन नियमों का पालन न कर धड़ल्ले से डग्गामारी कर रहे हैं। इसमें यात्रा करने वालों को वह टिकट भी नहीं देते।
परिवहन निगम से मिली डग्गामारी कर रहे टेंपो ट्रैवलर की सूची चेकिंग दस्ते को दे दी गई है। मंगलवार से इनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इनके पास जो परमिट है, उस पर वह केवल रिजर्व टूर बुक कर सकते हैं।
- डॉ. एके गुप्ता, आरटीओ प्रवर्तन