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16 शिक्षकों का प्रमाणपत्र मिला फर्जी, जल्द होगी गिरफ्तारी
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16 शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी मिले, जल्द होगी गिरफ्तारी
एसएसपी की ओर से कराई गई जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
बीएसए कार्यालय से पता तस्दीक कर रही पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। एएसपी की ओर से कराई गई जांच में 16 शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद इनकी गिरफ्तारी की तैयारी शुरू हो गई है। सिद्धार्थनगर बीएसए के कार्यालय से सबका पता तस्दीक किया जा रहा है।
24 सितंबर को गोरखपुर एसटीएफ ने फर्जी शिक्षक भर्ती प्रकरण में सिद्धार्थनगर के बीएसए के स्टेनो हरेंद्र सिंह, एक फर्जी शिक्षक समेत पांच लोगों को कैंट थानाक्षेत्र में गोरखपुर क्लब के पास गिरफ्तार किया था। तलाशी में उनके पास 2.50 लाख रुपये, फर्जी दस्तावेज, गाड़ी मिली थी। पुलिस के मुताबिक फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करने के आरोप में बर्खास्त किए गए 29 शिक्षकों को बहाल कराने और नई नियुक्ति कराने के लिए ये लोग रकम वसूल रहे थे। स्टेनो से पूछताछ में पता चला कि सिद्धार्थनगर जिले में 400 से अधिक शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे हैं, जिसकी जानकारी अधिकारियों को भी है। 29 बर्खास्त शिक्षकों को बहाल कराने के लिए एक अधिकारी ने 10 लाख रुपये लिए हैं। एसटीएफ ने स्टेनो व उसके साथियों के खिलाफ कैंट थाने में फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। एएसपी/सीओ कैंट बोत्रे रोहन प्रमोद मामले की जांच कर रहे हैं।
.......
मुकदमे में हैं 19 शिक्षकों के नाम
कैंट थाने में दर्ज हुए मुकदमे में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के अलावा 19 शिक्षकों के नाम हैं। एएसपी सबके प्रमाणपत्रों की जांच करा रहे थे। दो दिन पहले मिली रिपोर्ट में 16 शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी बताए गए हैं। तीन के प्रमाण पत्र की जांच चल रही है।
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एसएसपी की ओर से कराई गई जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा
बीएसए कार्यालय से पता तस्दीक कर रही पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। एएसपी की ओर से कराई गई जांच में 16 शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद इनकी गिरफ्तारी की तैयारी शुरू हो गई है। सिद्धार्थनगर बीएसए के कार्यालय से सबका पता तस्दीक किया जा रहा है।
24 सितंबर को गोरखपुर एसटीएफ ने फर्जी शिक्षक भर्ती प्रकरण में सिद्धार्थनगर के बीएसए के स्टेनो हरेंद्र सिंह, एक फर्जी शिक्षक समेत पांच लोगों को कैंट थानाक्षेत्र में गोरखपुर क्लब के पास गिरफ्तार किया था। तलाशी में उनके पास 2.50 लाख रुपये, फर्जी दस्तावेज, गाड़ी मिली थी। पुलिस के मुताबिक फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करने के आरोप में बर्खास्त किए गए 29 शिक्षकों को बहाल कराने और नई नियुक्ति कराने के लिए ये लोग रकम वसूल रहे थे। स्टेनो से पूछताछ में पता चला कि सिद्धार्थनगर जिले में 400 से अधिक शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे हैं, जिसकी जानकारी अधिकारियों को भी है। 29 बर्खास्त शिक्षकों को बहाल कराने के लिए एक अधिकारी ने 10 लाख रुपये लिए हैं। एसटीएफ ने स्टेनो व उसके साथियों के खिलाफ कैंट थाने में फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। एएसपी/सीओ कैंट बोत्रे रोहन प्रमोद मामले की जांच कर रहे हैं।
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मुकदमे में हैं 19 शिक्षकों के नाम
कैंट थाने में दर्ज हुए मुकदमे में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के अलावा 19 शिक्षकों के नाम हैं। एएसपी सबके प्रमाणपत्रों की जांच करा रहे थे। दो दिन पहले मिली रिपोर्ट में 16 शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी बताए गए हैं। तीन के प्रमाण पत्र की जांच चल रही है।
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