गोरखपुर: संदिग्ध हालत में सिंहेश्वरी मंदिर के महंत की मौत, जांच जारी
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सदर थाना क्षेत्र के सिंहेश्वरी मंदिर के महंत बाबा त्रिबेणी दास (70) की गुरुवार तड़के मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जबकि परिजन मौत पर संदेह जता रहे हैं। वहीं, मंदिर से मिली जानकारी का हवाला देते हुए पुलिस सर्पदंश से मौत की बात कह रही है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मौत कैसे हुई है।
खेसरहा क्षेत्र के मंझरिया गांव निवासी बाबा त्रिवेणी दास (70) 10 वर्ष की उम्र में ही सिंहेश्वरी मंदिर पर चले आए थे और यहां साधु बनने की शिक्षा-दीक्षा ग्रहण करने के बाद वह आयोध्या चले गए थे। पिछले साल पांच मई 2018 में आयोध्या से वह सिंहेश्वरी देवी मंदिर पर आ गए। विधि पूर्वक महंत की गद्दी सौंपी गई। बताया जा रहा है कि बुधवार रात खाना खाने के बाद सो गए थे। रात लगभग दो बजे उनकी अचानक तबीयत खराब हो गई। मंदिर में साथ रहने वाले उनके शिष्य जिला अस्पताल ले गए। जहां एक घंटे चले उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मामले की जानकारी मिलने के बाद सदर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद महंत के भाई के पुत्र दुर्गेश सहित गांव के कई लोग मौके पर पहुंच गए। मंदिर से मिली जानकारी का हवाला देते हुए पुलिस सर्पदंश से मौत की बात कह रही है।
जबकि परिवार के सदस्य इसे संदिग्ध बता रहे हैं। हालांकि देर शाम तक परिवार की तरफ से पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली थी। एसओ सदर डीसी चौधरी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
महंत पद को लेकर चल रहा था विवाद
परिवार के लोग मौत को इसलिए संदिग्ध बता रहे हैं क्योंकि मंदिर महंत पद को लेकर पिछले एक साल से सदर विधायक के भाई से विवाद चल रहा था। मामले में थरौली गांव के ग्रामीण इसे लेकर कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इतना ही नहीं एसडीएम और सीओ की देखरेख में दो बार वार्ता भी हो चुकी है। वहीं, त्रिवेणी दास ने बताया कि गुरुजी रात दो बजे आए और बताया कि मुझे सांप ने डस लिया है।
इसके बाद कमरे में जाकर सांप को एक सामान से ढक दिया गया था, जो बाद में लापता हो गया। साथ ही सांप के डसने से शरीर नीला पड़ जाता है। जबकि महंत का शरीर नीला नहीं था। मंदिर की गद्दी को लेकर पिछले एक वर्ष से विवाद चल रहा है। ऐसे में मंहत की मौत ने कई सवालों को जन्म दे दिया है। क्योंकि मंदिर के पास काफी संपत्ति है। जिसे लेकर विवाद चल रहा है।
मंदिर और शहर के मुख्य स्थानों पर तैनात रही पुलिस
मंदिर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद को देखते हुए एसपी डॉ. धर्मबीर सिंह ने मंदिर परिसर, सिद्धार्थ तिराहा, वन विभाग कॉलोनी, पोस्टमार्टम स्थल, साड़ी तिराहा पर भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई थी। जिससे अगर किसी प्रकार से कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति आए तो उससे निपटा जा सके। क्योंकि मंदिर को लेकर दो पक्ष आमने-सामने थे। वहीं सूचना पर सदर विधायक श्यामधनी राही ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की।
सीसीटीवी कैमरा था बंद
अभी हाल में सिंहेश्वरी मंदिर परिसर में आठ स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाए गए थे, जो कुछ दिनों तक तो चले। लेकिन अचानक से सीसीटीवी कैमरा बंद कर दिया। जबकि हाल में ही मंदिर में मारपीट भी हुई थी। इसके बाद भी मंदिर की ओर से सीसीटीवी कैमरा चालू नहीं कराया गया।
सोशल मीडिया पर तैरती रही अफवाएं
महंत त्रिवेणी दास की मौत के बाद सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म रहा। फेसुबक से लेकर व्हाट्सअप तक पर लोग हत्या की बात कहते रहे। कहीं कोई जहर देने की बात कहता रहा तो कई सामान्य मौत की बात कहकर श्रद्धांजलि देते रहे। फिलहाल सच्चाई क्या है। यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा।