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डिजिटल सिग्नेचर को सात दिन की मोहलत
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 11 May 2016 07:52 PM IST
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डीएम, कमिश्नर, एसएसपी
- फोटो : mahesh kumar
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ई-पेंशन के जरिये रिटायर्ड अफसरों-कर्मचारियों को उनके देयकों का भुगतान न हो पाने पर डीएम ओएन सिंह ने सभी विभागों के आहरण-वितरण अधिकारियों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सभी को हर हाल में सप्ताह भर में कोषागार में रजिस्ट्रेशन कराके डिजिटल सिग्नेचर की स्कैनिंग कराने की हिदायत दी। कहा कि तय समय तक अगर किसी आहरण-वितरण अधिकारी का सिग्नेचर स्कैन नहीं हो पाता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
नई व्यवस्था के तहत शासन ने निर्देश दिया है कि एक मार्च 2016 से सेवानिवृत्त होने वाले सभी सरकारी विभागों के अफसरों-कर्मचारियों के पेंशन आदि का भुगतान ई-पेंशन के जरिये ही होगा। इसके लिए सभी आहरण-वितरण अधिकारियों का कोषागार में रजिस्ट्रेशन होने के बाद उनका डिजिटल सिग्नेचर तैयार होगा। विभाग से ही ये आहरण वितरण अधिकारी संबंधित प्रोफार्मा पर सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों के समस्त देयकों को फीड कर निदेशक कोषागार के पास भेजेंगे।
प्रोफार्मा पर दर्ज जानकारी जांचने के बाद वहां से यह जानकारी मुख्य कोषाधिकारी के कंप्यूटर एकाउंट पर दिखाई पड़ने लगेगी। वह उसकी एक हार्ड कॉपी निकालेंगे और संबंधित रिटायर्ड कर्मचारी को बुलाकर तथ्यों की जांच करेंगे। पूरे भुगतान प्रक्रिया के तहत सिर्फ यही एक बार संबंधित रिटायर्ड कर्मचारी को किसी दफ्तर जाना होगा।
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मुख्य कोषाधिकारी अजय सोनकर ने बताया कि 110 आहरण वितरण अधिकारियों में से सिर्फ 15 ने ही अब तक अपना डिजिटल सिग्नेचर बनवाया है, जबकि जून 2016 तक विभिन्न विभागों से 80 अफसर-कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे।
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नई व्यवस्था के तहत शासन ने निर्देश दिया है कि एक मार्च 2016 से सेवानिवृत्त होने वाले सभी सरकारी विभागों के अफसरों-कर्मचारियों के पेंशन आदि का भुगतान ई-पेंशन के जरिये ही होगा। इसके लिए सभी आहरण-वितरण अधिकारियों का कोषागार में रजिस्ट्रेशन होने के बाद उनका डिजिटल सिग्नेचर तैयार होगा। विभाग से ही ये आहरण वितरण अधिकारी संबंधित प्रोफार्मा पर सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों के समस्त देयकों को फीड कर निदेशक कोषागार के पास भेजेंगे।
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प्रोफार्मा पर दर्ज जानकारी जांचने के बाद वहां से यह जानकारी मुख्य कोषाधिकारी के कंप्यूटर एकाउंट पर दिखाई पड़ने लगेगी। वह उसकी एक हार्ड कॉपी निकालेंगे और संबंधित रिटायर्ड कर्मचारी को बुलाकर तथ्यों की जांच करेंगे। पूरे भुगतान प्रक्रिया के तहत सिर्फ यही एक बार संबंधित रिटायर्ड कर्मचारी को किसी दफ्तर जाना होगा।
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मुख्य कोषाधिकारी अजय सोनकर ने बताया कि 110 आहरण वितरण अधिकारियों में से सिर्फ 15 ने ही अब तक अपना डिजिटल सिग्नेचर बनवाया है, जबकि जून 2016 तक विभिन्न विभागों से 80 अफसर-कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे।