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पेंटिग्स में दिव्यांग बच्चों ने उकेरी ‘मन की बात’
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सीआरसी गोरखपुर में शुरु हुई दिव्यांग छात्रों के लिए पांच दिवसीय कला कार्यशाला।
पेंटिग्स में दिव्यांग बच्चों ने उकेरी ‘मन की बात’
गोरखपुर। समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण केंद्र (सीआरसी) में सोमवार को दिव्यांग छात्रों के लिए पांच दिवसीय कला कार्यशाला आरंभ हुई। पहले दिन मूक-बधिर छात्रों को मधुबनी चित्रकला की बारीकियां बताई गईं। इस दौरान विद्यार्थियों ने पेंटिग्स में बेहतरीन कलाकृतियां को उकेरते हुए अपनी भावनाएं साझा कीं। चित्रों में उनके मन की बात देखने को मिली।
कार्यक्रम में रविकांत द्विवेदी ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का प्रारंभ किया। सीआरसी के निदेशक रमेश कुमार पांडेय ने बताया कि कार्यशाला में बेहतर प्रशिक्षण पाकर बच्चे अपनी प्रतिभा का सही ढंग से प्रदर्शन कर सकेंगे। समन्वयक और भाषा विशेषज्ञ श्रुति ने मूक-बधिर छात्रों को संकेत भाषा के जरिए वक्ताओं के विचारों से अवगत कराया।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के विष्णु देव शर्मा ने रिसोर्स पर्सन के तौर पर दिव्यांग बच्चों को कला का प्रशिक्षण दिया। उत्साहवर्धन करने के लिए उनके अभिभावक भी मौजूद रहे। कार्यशाला में सीआरसी के नीरज मधुकर, अरविंद, बसंत प्रधान, संतोष, अंकित, अतुल, अजिता, मनीष, धर्मेंद्र, श्रवण और प्रियंका ने सहयोग दिया।
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गोरखपुर। समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण केंद्र (सीआरसी) में सोमवार को दिव्यांग छात्रों के लिए पांच दिवसीय कला कार्यशाला आरंभ हुई। पहले दिन मूक-बधिर छात्रों को मधुबनी चित्रकला की बारीकियां बताई गईं। इस दौरान विद्यार्थियों ने पेंटिग्स में बेहतरीन कलाकृतियां को उकेरते हुए अपनी भावनाएं साझा कीं। चित्रों में उनके मन की बात देखने को मिली।
कार्यक्रम में रविकांत द्विवेदी ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का प्रारंभ किया। सीआरसी के निदेशक रमेश कुमार पांडेय ने बताया कि कार्यशाला में बेहतर प्रशिक्षण पाकर बच्चे अपनी प्रतिभा का सही ढंग से प्रदर्शन कर सकेंगे। समन्वयक और भाषा विशेषज्ञ श्रुति ने मूक-बधिर छात्रों को संकेत भाषा के जरिए वक्ताओं के विचारों से अवगत कराया।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के विष्णु देव शर्मा ने रिसोर्स पर्सन के तौर पर दिव्यांग बच्चों को कला का प्रशिक्षण दिया। उत्साहवर्धन करने के लिए उनके अभिभावक भी मौजूद रहे। कार्यशाला में सीआरसी के नीरज मधुकर, अरविंद, बसंत प्रधान, संतोष, अंकित, अतुल, अजिता, मनीष, धर्मेंद्र, श्रवण और प्रियंका ने सहयोग दिया।
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