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सकीना बानो मर्डर केस: कब्र से शव के अवशेष को निकालकर पोस्टमार्टम को भेजा
Thu, 12 Dec 2019 11:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, कुईं बाजार (गोरखपुर)।
डिजिटल न्यूज डेस्क, कुईं बाजार (गोरखपुर)।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2019 11:23 AM IST
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investigation
गैर इरादतन हत्या के मामले में पुलिस ने सकीना बानो के शव के अवशेष को बुधवार को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नायब तहसीलदार खजनी आशुतोष सिंह की मौजूदगी में पुलिस ने सिकरीगंज इलाके के असौजी बाजार क्षेत्र में दफनाए गए शव को बाहर निकलवाया। पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर सकीना बानो की बहू की तहरीर पर पड़ोसियों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। मामले की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम जरूरी है।
जानकारी के मुताबिक 20 अक्तूबर को दिन में 11 बजे सकीना बानो के पड़ोसियों ने जमीन पर कब्जा करने की नीयत से तोड़फोड़ शुरू कर दी थी। विरोध करने पर आरोपियों ने सकीना बानो धक्का दे दिया। गिरने से सकीना को गंभीर चोटें लगीं थीं। प्राइवेट अस्पताल में 12 नवंबर को सकीना की मौत हो गई। तब पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया था।
एसएसपी के आदेश पर नौ दिसंबर को पुलिस ने इस मामले में आरोपी जय राम, सुभावती, संत कुमार, बबलू, मनका के खिलाफ मारपीट, धमकी, गैर इरादतन हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया है। मृतक की बहू खुशबू पत्नी मेराज अहमद का कहना है कि सास सकीना बानो व इसी गांव के सुख्खू ने वर्ष 1983 में साढ़े पांच-पांच डिस्मिल जमीन बैनामा कराई थी।
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उसी वर्ष सुख्खू ने अपने हिस्से की पौने तीन डिस्मिल जमीन अपने भतीजे बुझारत को दे दी। उसके बाद वर्ष 1995 में बुझारत ने उसके हिस्से की पौने तीन डिस्मिल जमीन आपसी सहमति से उचित रुपये लेकर सास सकीना बानो के नाम लिख दी थी। उस जमीन पर हम लोग अब तक काबिज हैं और बाउंड्री बनवाकर गेट लगवाया गया है। 20 अक्तूबर को दिन में लगभग 11 बजे इसी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश के दौरान वारदात हुई थी।
इस संबंध में थानाध्यक्ष सिकरीगंज सुरेश चंद्र राव का कहना है कि मृतका के परिजनों ने शव को दफन कर दिया था। उसके एक सप्ताह बाद थाने पर परिजन आए और घटना से अवगत कराया। मामला संदिग्ध लगने के कारण मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। एसएसपी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।
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जानकारी के मुताबिक 20 अक्तूबर को दिन में 11 बजे सकीना बानो के पड़ोसियों ने जमीन पर कब्जा करने की नीयत से तोड़फोड़ शुरू कर दी थी। विरोध करने पर आरोपियों ने सकीना बानो धक्का दे दिया। गिरने से सकीना को गंभीर चोटें लगीं थीं। प्राइवेट अस्पताल में 12 नवंबर को सकीना की मौत हो गई। तब पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया था।
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एसएसपी के आदेश पर नौ दिसंबर को पुलिस ने इस मामले में आरोपी जय राम, सुभावती, संत कुमार, बबलू, मनका के खिलाफ मारपीट, धमकी, गैर इरादतन हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया है। मृतक की बहू खुशबू पत्नी मेराज अहमद का कहना है कि सास सकीना बानो व इसी गांव के सुख्खू ने वर्ष 1983 में साढ़े पांच-पांच डिस्मिल जमीन बैनामा कराई थी।
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उसी वर्ष सुख्खू ने अपने हिस्से की पौने तीन डिस्मिल जमीन अपने भतीजे बुझारत को दे दी। उसके बाद वर्ष 1995 में बुझारत ने उसके हिस्से की पौने तीन डिस्मिल जमीन आपसी सहमति से उचित रुपये लेकर सास सकीना बानो के नाम लिख दी थी। उस जमीन पर हम लोग अब तक काबिज हैं और बाउंड्री बनवाकर गेट लगवाया गया है। 20 अक्तूबर को दिन में लगभग 11 बजे इसी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश के दौरान वारदात हुई थी।
इस संबंध में थानाध्यक्ष सिकरीगंज सुरेश चंद्र राव का कहना है कि मृतका के परिजनों ने शव को दफन कर दिया था। उसके एक सप्ताह बाद थाने पर परिजन आए और घटना से अवगत कराया। मामला संदिग्ध लगने के कारण मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। एसएसपी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।