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मेडिकल कॉलेज में प्रसूता की मौत पर हंगामा

Thu, 05 Jan 2017 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Thu, 05 Jan 2017 01:18 AM IST
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Ruckus in medical college for death of a pregnent women
मेड‌िकल कालेज
मेडिकल कॉलेज में बुधवार को प्रसूता की मौत पर घरवालों ने जमकर हंगामा किया। आरोप है कि डॉक्टर, नर्स की लापरवाही की वजह से प्रसूता की जान चली गई और मौत के बाद भी उनसे रुपये मांगे जा रहे थे। नाराज घर वालों ने गेट पर शव रखकर बवाल काटा। उन्होंने प्राचार्य से लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। प्राचार्य ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने की बात कही है। घरवालों की मानें तो 48 घंटे के भीतर इलाज के नाम पर मंगाई गई दवाएं आदि में 23 हजार रुपये खर्च हो गए। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने उन्हें किसी तरह शांत कराया।
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बिहार प्रांत के गोपालगंज, राजापुर गांव के बबलू की पत्नी रुखसाना को प्रसव पीड़ा होने पर कुशीनगर, कसया में रहने वाली बहन रैमुन निशान ने मेडिकल कॉलेज के गायनी विभाग में भर्ती कराया। मंगलवार दोपहर उसका उपचार शुरू किया गया। बुधवार दोपहर करीब 1:45 बजे रुखसाना ने जुड़वा बच्ची को जन्म दिया और फिर हालत बिगड़ने लगी। पहले तो डॉक्टरों ने इसे सामान्य प्रक्रिया बताई लेकिन अचानक तबीयत ज्यादा खराब हो गई, जिसके बाद घरवाले डॉक्टर और नर्स के पास दौड़ते रहे। जब तक डॉक्टर पहुंचते, प्रसूता ने दम तोड़ दिया। इससे नाराज होकर घरवालों ने हंगामा शुरू कर दिया। बच्ची का भी स्वास्थ्य सही नही है और उसे आईसीयू में रखा गया है। करीब दो घंटे तक हंगामा करने के बाद पहुंचे गार्ड ने उन्हें समझाकर शांत कराया। इसके बाद घरवालों ने प्राचार्य से लिखित शिकायत की और शव लेकर चले गए।
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दवा में कमीशन का आरोप
देवरिया के तरकुलहा निवासी और मृतका की रिश्तेदार खैतुन निशा ने बताया कि दो दिन के भीतर 23 हजार रुपये की दवा मंगाई जा चुकी है, जबकि हम यहां मुफ्त इलाज और दवा की उम्मीद लेकर आए थे। इतने रुपये खर्च होने के बाद भी जान नहीं बच सकी। 
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नहीं सुने डॉक्टर और नर्स
रैमुन निशान ने बताया कि जब रुखसाना की तबीयत बिगड़ रही थी तो वह डॉक्टर और नर्स के पास गुहार लेकर गई थी, मगर किसी ने नहीं सुनी। समय पर अगर सही इलाज मिल जाता तो जान बच जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां पर लापरवाही बहुत ज्यादा है, कोई भी सुनने वाला नहीं है। 
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