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मौत पर हंगामा, चिकित्सा अधीक्षक को घेरा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 30 May 2016 08:22 PM IST
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जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में सोमवार तड़के इलाज के दौरान महिला की मौत होने पर घर वाले भड़क गए और चिकित्सा अधीक्षक केे दफ्तर पहुंचकर उनका घेराव किया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और लोगों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
चिलुआताल थाना क्षेत्र के बंजरहां निवासी उमाशंकर यादव की 29 वर्षीय पत्नी पुष्पा 28 मई को गांव में हुए मारपीट में पेट में ईंट लगने से गंभीर रूप से जख्मी हो गई थीं। इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल के फीमेल सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने पुष्पा को अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी थी। मगर रेडियोलॉजिस्ट ने यह कहकर अल्ट्रासाउंड करने से इन्कार कर दिया कि ब्लैडर फूल नहीं है। इसके बाद मरीज को फिर वार्ड में लाकर भर्ती करा दिया गया।
सोमवार सुबह करीब चार बजे पुष्पा के पेट में काफी दर्द होने लगा। जब तक घर वाले डॉक्टर को बुलाकर लाते तब तक उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया। नाराज घर वाले करीब 10 बजे एसआईसी दफ्तर पहुंचे लेकिन वह नहीं मिले। इसके बाद उन लोगों ने पुरानी ओपीडी स्थित चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके श्रीवास्तव के दफ्तर का घेराव कर जमकर हंगामा किया। यह देख आसपास के लोग भी जुट गए। मौके पर पहुंचे डॉ. एके श्रीवास्तव के आश्वासन पर मामला शांत कराया गया।
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मेडिकोलीगल केस था। भर्ती कर उसका उपचार किया जा रहा था। अल्ट्रासाउंड के मामले की जांच कराई जाएगी।
- डॉ. एके श्रीवास्तव, चिकित्सा अधीक्षक
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चिलुआताल थाना क्षेत्र के बंजरहां निवासी उमाशंकर यादव की 29 वर्षीय पत्नी पुष्पा 28 मई को गांव में हुए मारपीट में पेट में ईंट लगने से गंभीर रूप से जख्मी हो गई थीं। इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल के फीमेल सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने पुष्पा को अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी थी। मगर रेडियोलॉजिस्ट ने यह कहकर अल्ट्रासाउंड करने से इन्कार कर दिया कि ब्लैडर फूल नहीं है। इसके बाद मरीज को फिर वार्ड में लाकर भर्ती करा दिया गया।
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सोमवार सुबह करीब चार बजे पुष्पा के पेट में काफी दर्द होने लगा। जब तक घर वाले डॉक्टर को बुलाकर लाते तब तक उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया। नाराज घर वाले करीब 10 बजे एसआईसी दफ्तर पहुंचे लेकिन वह नहीं मिले। इसके बाद उन लोगों ने पुरानी ओपीडी स्थित चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके श्रीवास्तव के दफ्तर का घेराव कर जमकर हंगामा किया। यह देख आसपास के लोग भी जुट गए। मौके पर पहुंचे डॉ. एके श्रीवास्तव के आश्वासन पर मामला शांत कराया गया।
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मेडिकोलीगल केस था। भर्ती कर उसका उपचार किया जा रहा था। अल्ट्रासाउंड के मामले की जांच कराई जाएगी।
- डॉ. एके श्रीवास्तव, चिकित्सा अधीक्षक