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जवाबदेही तय करता है आरटीआई

Sat, 29 Jun 2019 11:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jun 2019 11:57 PM IST
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rti makes responsible
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते राज्य सूचना आयुक्त चंद्रकांत पांडेय। - फोटो : KUSHINAGAR
जवाबदेही तय करता है आरटीआई
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जनसूचना अधिकारियों की कार्यशाला में बोले राज्य सूचना आयुक्त
पडरौना। जनसूचना अधिकार अधिनियम के पालन में पारदर्शिता के उद्देश्य से शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय जनसूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों की कार्यशाला हुई। राज्य सूचना आयुक्त की मौजूदगी में हुई कार्यशाला में अधिनियम के अनुपालन से जुड़े पहलुओं के बारे में बताया गया। समय से आवेदनों के निस्तारण में ढीले अफसरों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
राज्य सूचना आयुक्त चंद्रकांत पांडेय ने कहा कि आरटीआई अधिनियम ने जनसामान्य को मजबूत बनाया है। शासन की कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता आई है। इसका उद्देश्य जवाबदेही तय करना है।
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उन्होंने कहा कि सभी संबंधित जन सूचना अधिकारी व प्रथम अपीलीय अधिकारी किसी भी आवेदन को बेवजह लंबित न रखें। नियत समय पर निपटारे में ढिलाई दंड का कारण बन सकता है। राज्य सूचना आयोग के रजिस्ट्रार जितेंद्र मिश्र ने बताया कि अधिनियम का दुरुपयोग रोकने के लिए दिसंबर 2015 में उत्तर प्रदेश सूचना का अधिकार नियमावली तैयार की गई थी, जिसके माध्यम से अधिनियम के दुरुपयोग पर काफी रोक लगी है। वास्तविक जरूरतमंदों को सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं।
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डीएम डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि सभी बिंदुओं पर ज्ञान प्राप्त करने का साथ ही विभिन्न प्रकार की मांगी गई सूचनाओं के उपयोग के बारे में इस कार्यशाला में जानकारी दी जा रही है। सभी जन सूचना अधिकारी नियमावली का गहनतापूर्वक अध्ययन कर लें।
स्टेट रिसोर्स पर्सन डॉ. राहुल सिंह ने प्रोजेक्टर से नियमों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जन सूचना अधिकार के आवेदनों के निस्तारण में एकरूपता लाने के लिए दिए गए प्रारूप का उपयोग करें।
बीपीएल लाभार्थी बिना शुल्क के ले सकते हैं सूचनाएं
पडरौना। राज्य सूचना आयुक्त चंद्रकांत पांडेय ने पत्रकारों को बताया कि यदि कोई अधिकारी सूचना देने में मनमानी करता है तो उसके खिलाफ जुर्माने का भी प्रावधान है। कुशीनगर से जुड़े जन सूचना के 501 मामले आयोग में लंबित हैं, जिनमें सर्वाधिक संख्या ग्राम विकास विभाग की है। बीपीएल लाभार्थी बिना शुल्क के ही सूचना प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवेदन न लेने, सूचना देने में हीलाहवाली, आधी-अधूरी या गलत सूचना देने वाले जन सूचना अधिकारियों पर अर्थदंड या फिर विभागीय कार्रवाई का प्रावधान है। इनके अलावा हर विभाग के जिलास्तरीय अधिकारी को प्रथम अपीलीय अधिकारी बनाया गया है।

राज्य सूचना आयुक्त ने बताया कि कुशीनगर के जन सूचना अधिकार 501 मामले आयोग में लंबित हैं। इनमें ग्राम विकास के 135, राजस्व के 123, बेसिक शिक्षा के 77, खेल एवं पुलिस के 123, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के 14, पंचायतीराज विभाग के 20, सीएमओ के 24, विद्युत के 15, खाद्य एवं रसद विभाग के 23 और आईसीडीएस के 10 समेत विभिन्न विभागों के मामले लंबित हैं।
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