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अब स्वयं सेवक ही दे सकेंगे गुरुदक्षिणा
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अब स्वयंसेवक ही दे सकेंगे गुरुदक्षिणा, आरएसएस ने प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया
गोरखपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) गोरक्ष प्रांत का गुरुदक्षिणा अभियान 21 जुलाई से शुरू होगा। पहला मौका होगा, जब स्वयंसेवकों से ही गुरुदक्षिणा ली जाएगी। बाहरी व्यक्ति से किसी तरह का सहयोग नहीं लिया जाएगा। आरएसएस का कहना है कि गुरुदक्षिणा की प्रक्रिया और पारदर्शी बनाई गई है। अब गुरुदक्षिणा के रूप में मिलने वाला पैसा नकद नहीं लिया जाएगा। चेक या फिर नेट बैंकिंग से भुगतान कराया जाएगा। इसकी रसीद भी स्वयंसेवकों को मिलेगी।
आरएसएस के गोरक्ष प्रांत में तीन मंडल (गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़) के 10 जिले हैं। यहां 97 हजार से ज्यादा स्वयंसेवक हैं। आरएसएस की मंशा है कि इस बार गुरुदक्षिणा की रकम बढ़े। इसके लिए हर स्वयंसेवक को प्रेरित किया जा रहा है। गोरक्ष प्रांत के पदाधिकारियों का कहना है कि गुरु पूर्णिमा को धूमधाम से मनाया जाएगा, फिर 15 अगस्त तक चलने वाली गुरुदक्षिणा मुहिम को सफल बनाने की रणनीति बनेगी। इसके लिए हर जिले के समन्वयक बनाए गए हैं।
पिछली बार गोरखपुर, बलिया के स्वयंसेवक थे अव्वल
2017 में सबसे ज्यादा गुरुदक्षिणा बस्ती से मिली थी लेकिन 2018 में बाजी गोरखपुर महानगर और बलिया के हाथ लगी थी।
आरएसएस गोरक्ष प्रांत से संबंधित जिले
गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, बलिया और मऊ।
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गोरखपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) गोरक्ष प्रांत का गुरुदक्षिणा अभियान 21 जुलाई से शुरू होगा। पहला मौका होगा, जब स्वयंसेवकों से ही गुरुदक्षिणा ली जाएगी। बाहरी व्यक्ति से किसी तरह का सहयोग नहीं लिया जाएगा। आरएसएस का कहना है कि गुरुदक्षिणा की प्रक्रिया और पारदर्शी बनाई गई है। अब गुरुदक्षिणा के रूप में मिलने वाला पैसा नकद नहीं लिया जाएगा। चेक या फिर नेट बैंकिंग से भुगतान कराया जाएगा। इसकी रसीद भी स्वयंसेवकों को मिलेगी।
आरएसएस के गोरक्ष प्रांत में तीन मंडल (गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़) के 10 जिले हैं। यहां 97 हजार से ज्यादा स्वयंसेवक हैं। आरएसएस की मंशा है कि इस बार गुरुदक्षिणा की रकम बढ़े। इसके लिए हर स्वयंसेवक को प्रेरित किया जा रहा है। गोरक्ष प्रांत के पदाधिकारियों का कहना है कि गुरु पूर्णिमा को धूमधाम से मनाया जाएगा, फिर 15 अगस्त तक चलने वाली गुरुदक्षिणा मुहिम को सफल बनाने की रणनीति बनेगी। इसके लिए हर जिले के समन्वयक बनाए गए हैं।
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पिछली बार गोरखपुर, बलिया के स्वयंसेवक थे अव्वल
2017 में सबसे ज्यादा गुरुदक्षिणा बस्ती से मिली थी लेकिन 2018 में बाजी गोरखपुर महानगर और बलिया के हाथ लगी थी।
आरएसएस गोरक्ष प्रांत से संबंधित जिले
गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, बलिया और मऊ।