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कलेक्ट्रेट पर गरजे किसान
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 23 Aug 2016 01:37 AM IST
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जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करते भारतीय किसान यूनियन के लोग।
- फोटो : rajesh
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गोरखपुर। किसानों की दुर्दशा से खफा भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) से जुड़े किसानों ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया और प्रदर्शन किया। तीन सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया।
सोमवार को तमाम किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश के किसानों की दुर्दशा का एक कारण यह भी है, कि आज तक किसानों के नाम पर जो भी योजनाएं बनी हैं, उसमें किसानों को लाभ कम नुकसान ज्यादा हुआ है। कहा कि किसानों के लिए भारत सरकार की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गई हैं। किसानों के अध्ययन के बाद सामने यह आया है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सभी किसानों के लिए लाभकारी नहीं है। इसलिए प्रदेश में फसल बीमा योजना में संशोधन किया जाना जरूरी है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सतीश चंद्र ओझा, गीता देवी, राज लक्ष्मी देवी, अशर्फी देवी, विंदा देवी, रामानुज विश्वकर्मा, अदालती गुप्ता, रामजीत कन्नौजिया आदि थे।
योजना में सभी तरह की आपदाओं में किसान को इकाई माना जाए।
मानव निर्मित हानि एवं जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को इस योजना में शामिल किया जाए।
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सोमवार को तमाम किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश के किसानों की दुर्दशा का एक कारण यह भी है, कि आज तक किसानों के नाम पर जो भी योजनाएं बनी हैं, उसमें किसानों को लाभ कम नुकसान ज्यादा हुआ है। कहा कि किसानों के लिए भारत सरकार की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गई हैं। किसानों के अध्ययन के बाद सामने यह आया है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सभी किसानों के लिए लाभकारी नहीं है। इसलिए प्रदेश में फसल बीमा योजना में संशोधन किया जाना जरूरी है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सतीश चंद्र ओझा, गीता देवी, राज लक्ष्मी देवी, अशर्फी देवी, विंदा देवी, रामानुज विश्वकर्मा, अदालती गुप्ता, रामजीत कन्नौजिया आदि थे।
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किसानों की मांगें
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सभी किसानों पर (ऋणी व गैर ऋणी) को अनिवार्य के बजाय स्वैच्छिक किया जाए।योजना में सभी तरह की आपदाओं में किसान को इकाई माना जाए।
मानव निर्मित हानि एवं जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को इस योजना में शामिल किया जाए।