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मुसीबत बना ई-पेंशन सिस्टम
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Sat, 06 Aug 2016 08:15 PM IST
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ई-पेंशन सिस्टम
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अफसरों की लापरवाही से पेंशनरों की सहूलियत के लिए लागू की गई ई-पेंशन योजना उनके लिए मुसीबत साबित हो रही है। शासन के निर्देश पर एक अप्रैल से यह सिस्टम लागू किया गया था। उस वक्त कोषागार के अफसरों-कर्मचारियों को निर्देश मिले थे कि 31 मार्च के बाद सभी रिटायर्ड अफसरों-कर्मचारियों का भुगतान ई-पेंशन सिस्टम के तहत ही किया जाए। इसके लिए सभी विभागों के आहरण-वितरण अधिकारियों से फरवरी में ही डिजिटल सिग्नेचर मांगे गए थे, मगर अभी तक 40 फीसदी विभागों के अफसरों ने सिग्नेचर नहीं दिया, जिससे उन विभागों से सेवानिवृत्त हुए लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
नई व्यवस्था में विभागों के आहरण-वितरण अधिकारी संबंधित सेवानिवृत्त कर्मचारी का पूरा डाटा ऑनलाइन फीड करेंगे। इसके लिए एक प्रोफॉर्मा भी उन्हें मुहैया कराया गया है। फीडिंग के बाद पूरी जानकारी अपर निदेशक कोषागार के आईडी पर दिखाई पड़ेगी। वहां से ओके होने के बाद यह जानकारी सीटीओ के पास पहुंच जाएगी। पूरे प्रोफॉर्मा की जांच के बाद वह उसकी एक हार्ड कॉपी निकालेंगे। फिर संबंधित सेवानिवृत्त कर्मचारी को बुलाकर दोबारा सभी तथ्यों की जांच होगी। इसके बाद सीधे ट्रेजरी से ई-पेमेंट के जरिए उनके पेंशन का भुगतान हो जाएगा। सीटीओ ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में संबंधित सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सिर्फ एक बार ट्रेजरी आना पड़ेगा। फिलहाल यह सुविधा सिर्फ सरकारी विभागों के अफसरों-कर्मचारियों के लिए ही लागू की गई है।
ज्यादातर विभागों के आहरण-वितरण अधिकारियों ने डिजिटल सिग्नेचर दे दिया है। कई रिटायर्ड कर्मचारियों का ई-पेंशन सिस्टम से भुगतान भी हुआ है। मगर अभी भी कु छ विभागों से डिजिटल सिग्नेचर नहीं मिले हैं। इन विभागों से संपर्क किया गया है, जल्द ही वहां से भी डिजिटल सिग्नेचर आ जाएंगे
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-अजय सोनकर, मुख्य कोषाधिकारी
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नई व्यवस्था में विभागों के आहरण-वितरण अधिकारी संबंधित सेवानिवृत्त कर्मचारी का पूरा डाटा ऑनलाइन फीड करेंगे। इसके लिए एक प्रोफॉर्मा भी उन्हें मुहैया कराया गया है। फीडिंग के बाद पूरी जानकारी अपर निदेशक कोषागार के आईडी पर दिखाई पड़ेगी। वहां से ओके होने के बाद यह जानकारी सीटीओ के पास पहुंच जाएगी। पूरे प्रोफॉर्मा की जांच के बाद वह उसकी एक हार्ड कॉपी निकालेंगे। फिर संबंधित सेवानिवृत्त कर्मचारी को बुलाकर दोबारा सभी तथ्यों की जांच होगी। इसके बाद सीधे ट्रेजरी से ई-पेमेंट के जरिए उनके पेंशन का भुगतान हो जाएगा। सीटीओ ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में संबंधित सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सिर्फ एक बार ट्रेजरी आना पड़ेगा। फिलहाल यह सुविधा सिर्फ सरकारी विभागों के अफसरों-कर्मचारियों के लिए ही लागू की गई है।
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ज्यादातर विभागों के आहरण-वितरण अधिकारियों ने डिजिटल सिग्नेचर दे दिया है। कई रिटायर्ड कर्मचारियों का ई-पेंशन सिस्टम से भुगतान भी हुआ है। मगर अभी भी कु छ विभागों से डिजिटल सिग्नेचर नहीं मिले हैं। इन विभागों से संपर्क किया गया है, जल्द ही वहां से भी डिजिटल सिग्नेचर आ जाएंगे
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-अजय सोनकर, मुख्य कोषाधिकारी