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एयरफोर्स के पास के एक हजार से अधिक घर वैध होंगे
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एयरफोर्स के पास के मकान होंगे वैध, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
गोरखपुर। एयरफोर्स स्टेशन क्षेत्र के (सेंट्रल एयरफोर्स कमांड) पास सैनिक विहार और सैनिक कुंज के एक हजार से अधिक मकान वैध होंगे। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए), एयरफोर्स के 900 मीटर दायरे के नो कंस्ट्रक्शन जोन का नए सिरे से पैमाना तय करने जा रहा है। इससे इस दायरे में पहले से बन चुके ज्यादातर घर अब वैध हो जाएंगे। खाली जमीनों पर निर्माण के लिए अनुमति के साथ ही मानचित्र तो स्वीकृत हो ही सकेंगे, कंपाउंडिंग के बाद पुराने मकानों का भी मानचित्र स्वीकृत कराया जा सकेगा। यही नहीं, निर्माण नहीं हो पाने की वजह से सैकड़ों की संख्या में किसानों की जिन जमीनों का मोल मिट्टी के भाव हो गया था, वह अब सोना उगलेंगी। कई बड़े कॉलोनाइजर्स भी अपने खाली रह गए प्लॉट को बेच सकेंगे। जीडीए के इस कदम से लोगों को तो राहत मिलेगी ही, खुद उसे भी करोड़ों की आय होगी।
प्रतिबंध की सीमा को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। जीडीए को भी प्रतिबंध का दायरा ज्यादा महसूस होने लगा तो उसने एयरफोर्स के अफसरों से सर्वे कर यह बताने के लिए कहा था, कि सुरक्षा के लिहाज से वे कहां तक नो कंस्ट्रक्शन जोन चाहते हैं ? प्राधिकरण के मुताबिक, एयरफोर्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्तमान में प्रतिबंध की तुलना में 10 फीसदी ही ऐसा इलाका है, जहां एयरफोर्स की सीमा से 900 मीटर तक का प्रतिबंध है। बाकी 90 फीसदी इलाके में सिर्फ सौ मीटर तक ही किसी भी तरह के निर्माण पर प्रतिबंध की जरूरत बताई गई है। यही नहीं जिन इलाकों में सौ मीटर तक ही प्रतिबंध है, उसके बाहर निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत करने के लिए एयरफोर्स से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी हासिल कर लेने का प्राधिकरण दावा कर रहा है। इस संबंध में एयरफोर्स के अधिकृत अधिकारी के बयान उपलब्ध नहीं हुए, प्राप्त होते ही प्रकाशित किए जाएंगे।
महायोजना-2021 में घोषित हुआ नो कंस्ट्रक्शन जोन
जीडीए की महायोजना-2021 में एयरफोर्स स्टेशन क्षेत्र के 900 मीटर के दायरे को नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित कर दिया गया था। प्राधिकरण वहां मानचित्र नहीं स्वीकृत करता। इस घोषणा से पहले सैनिक विहार, सैनिक कुंज और उसके आस-पास बन चुके सैकड़ों मकानों पर तो संकट गहराने ही लगा, वहां नए निर्माण पर भी प्रतिबंध लग गया। निर्माण नहीं हो पाने की वजह से जरूरतमंद किसानों की जमीन बिकनी बंद हो गई या फिर बिकी भी तो कौड़ी के भाव में।
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बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही स्वीकृत होने लगेंगे नक्शे
एयरफोर्स की रिपोर्ट और अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद जीडीए ने भी नए सिरे से एयरफोर्स के इर्द-गिर्द नो कंस्ट्रक्शन जोन का मसौदा तैयार कर लिया है। जुलाई के पहले सप्ताह में होने जा रही जीडीए की बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा और वहां से हरी झंडी मिलने के बाद गैर प्रतिबंधित क्षेत्र के लिए मानचित्र स्वीकृत किए जाने लगेंगे।
जीडीए महायोजना-2021 के मुताबिक अभी एयरफोर्स स्टेशन क्षेत्र के 900 मीटर के दायरे तक नो कंस्ट्रक्शन जोन है। मगर एयरफोर्स की तरफ से उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट में एयरफोर्स सीमा से सटे कुछ ही इलाकों में 900 मीटर और ज्यादातर में सौ मीटर तक ही निर्माण नहीं किए जाने की शर्त रखी गई है। एयरफोर्स से एनओसी भी ले ली गई है। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक नए सिरे से नो कंस्ट्रक्शन जोन का निर्धारण किया जा रहा है। बोर्ड की बैठक में इसे रखा जाएगा जिसके बाद मानचित्र स्वीकृत किया जा सकेगा। इससे एक हजार से अधिक लोगों को राहत मिलेगी। - राम सिंह गौतम, सचिव जीडीए
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गोरखपुर। एयरफोर्स स्टेशन क्षेत्र के (सेंट्रल एयरफोर्स कमांड) पास सैनिक विहार और सैनिक कुंज के एक हजार से अधिक मकान वैध होंगे। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए), एयरफोर्स के 900 मीटर दायरे के नो कंस्ट्रक्शन जोन का नए सिरे से पैमाना तय करने जा रहा है। इससे इस दायरे में पहले से बन चुके ज्यादातर घर अब वैध हो जाएंगे। खाली जमीनों पर निर्माण के लिए अनुमति के साथ ही मानचित्र तो स्वीकृत हो ही सकेंगे, कंपाउंडिंग के बाद पुराने मकानों का भी मानचित्र स्वीकृत कराया जा सकेगा। यही नहीं, निर्माण नहीं हो पाने की वजह से सैकड़ों की संख्या में किसानों की जिन जमीनों का मोल मिट्टी के भाव हो गया था, वह अब सोना उगलेंगी। कई बड़े कॉलोनाइजर्स भी अपने खाली रह गए प्लॉट को बेच सकेंगे। जीडीए के इस कदम से लोगों को तो राहत मिलेगी ही, खुद उसे भी करोड़ों की आय होगी।
प्रतिबंध की सीमा को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। जीडीए को भी प्रतिबंध का दायरा ज्यादा महसूस होने लगा तो उसने एयरफोर्स के अफसरों से सर्वे कर यह बताने के लिए कहा था, कि सुरक्षा के लिहाज से वे कहां तक नो कंस्ट्रक्शन जोन चाहते हैं ? प्राधिकरण के मुताबिक, एयरफोर्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्तमान में प्रतिबंध की तुलना में 10 फीसदी ही ऐसा इलाका है, जहां एयरफोर्स की सीमा से 900 मीटर तक का प्रतिबंध है। बाकी 90 फीसदी इलाके में सिर्फ सौ मीटर तक ही किसी भी तरह के निर्माण पर प्रतिबंध की जरूरत बताई गई है। यही नहीं जिन इलाकों में सौ मीटर तक ही प्रतिबंध है, उसके बाहर निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत करने के लिए एयरफोर्स से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी हासिल कर लेने का प्राधिकरण दावा कर रहा है। इस संबंध में एयरफोर्स के अधिकृत अधिकारी के बयान उपलब्ध नहीं हुए, प्राप्त होते ही प्रकाशित किए जाएंगे।
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महायोजना-2021 में घोषित हुआ नो कंस्ट्रक्शन जोन
जीडीए की महायोजना-2021 में एयरफोर्स स्टेशन क्षेत्र के 900 मीटर के दायरे को नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित कर दिया गया था। प्राधिकरण वहां मानचित्र नहीं स्वीकृत करता। इस घोषणा से पहले सैनिक विहार, सैनिक कुंज और उसके आस-पास बन चुके सैकड़ों मकानों पर तो संकट गहराने ही लगा, वहां नए निर्माण पर भी प्रतिबंध लग गया। निर्माण नहीं हो पाने की वजह से जरूरतमंद किसानों की जमीन बिकनी बंद हो गई या फिर बिकी भी तो कौड़ी के भाव में।
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बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही स्वीकृत होने लगेंगे नक्शे
एयरफोर्स की रिपोर्ट और अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद जीडीए ने भी नए सिरे से एयरफोर्स के इर्द-गिर्द नो कंस्ट्रक्शन जोन का मसौदा तैयार कर लिया है। जुलाई के पहले सप्ताह में होने जा रही जीडीए की बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा और वहां से हरी झंडी मिलने के बाद गैर प्रतिबंधित क्षेत्र के लिए मानचित्र स्वीकृत किए जाने लगेंगे।
जीडीए महायोजना-2021 के मुताबिक अभी एयरफोर्स स्टेशन क्षेत्र के 900 मीटर के दायरे तक नो कंस्ट्रक्शन जोन है। मगर एयरफोर्स की तरफ से उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट में एयरफोर्स सीमा से सटे कुछ ही इलाकों में 900 मीटर और ज्यादातर में सौ मीटर तक ही निर्माण नहीं किए जाने की शर्त रखी गई है। एयरफोर्स से एनओसी भी ले ली गई है। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक नए सिरे से नो कंस्ट्रक्शन जोन का निर्धारण किया जा रहा है। बोर्ड की बैठक में इसे रखा जाएगा जिसके बाद मानचित्र स्वीकृत किया जा सकेगा। इससे एक हजार से अधिक लोगों को राहत मिलेगी। - राम सिंह गौतम, सचिव जीडीए