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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Reaction to ban 500 and 1000 rupess note

देखते-देखते छोटे हो गए बड़े नोट वाले

Wed, 09 Nov 2016 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Wed, 09 Nov 2016 01:58 AM IST
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Reaction to ban 500 and 1000 rupess note
पांच सौ व एक हजार के नोट बदलने को लेकर तारामण्डल रोड पर स्थित पेट्रोल पम्प पर लगी भीड़। - फोटो : Rajesh Kumar
दिवाली और छठ का उत्सवी उल्लास अभी न बाजार से खत्म हुआ था और न ही लोगों की जेहनियत से। त्योहारी खुमारी के बीच मंगलवार रात अचानक प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संदेश से सामने आई पांच सौ और एक हजार के नोटों की पाबंदी ने जहां बाजार में हलचल बढ़ा दी, वहीं लोगों की बेचैनी। आम लोग 12 बजने से पहले जेब और पर्स में मौजूद 500 और 1000 के नोट को खर्च करने की होड़ में नजर आए तो दुकानदार और कारोबारियों में इन नोटों से बचने की कोशिश आम थी।
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बैंक से तय समय सीमा में पाबंद हुए नोटों को बदलने के विकल्प को समझ रहे व्यावसायियों ने 500 और 1000 के नोट को लेने से इन्कार नहीं किया लेकिन फुटकर खरीदारी में 500 और 1000 के नोट के बदले बची रकम वापस करते समय छोटे नोटों की कमी ने कुछ समय बाद उन्हें भी न बोलने पर मजबूर कर दिया। इन स्थितियों के चलते दवा, पेट्रोल जैसी जरूरी चीजों की खरीद के दौरान कई जगह नोकझोंक हुई। शहर में कुछ जगह ज्यादा तल्ख माहौल हो जाने पर पुलिस को भी सक्रिय होना पड़ा। सड़कों से लेकर घरों तक दो बड़े नोटों की पाबंदी से सामने आई तात्कालिक चुनौतियां और करेंसी का फ्लो सामान्य होने तक काम चलाने के तरीके पर चर्चा होती रही।
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नोट बदलने दौड़ पड़ा हर कोई 

पांच सौ और एक हजार के नोट का चलन बंद करने के सरकार के फैसले का असर बाजार में देखने को मिला। लोगों में अपने पास रखे ऐसे नोटों को बाजार में खपाने की होड़ लग गई वहीं दुकानदार भी बड़े नोट लेने से बचते नजर आए। इसका असर खरीदारी पर भी दिखा। पेट्रोल पंपों पर बढ़ती भीड़ देख पुलिस तैनात कर दी गई और रात करीब साढ़े दस बजे ही शहर के सभी पेट्रोल पंपों को पुलिस ने बंद करा दिया। सरकार के अचानक आए इस फैसले को पहले तो लोग अफवाह मानते रहे लेकिन जब चैनलों पर चली खबर से इसकी तस्दीक हो गई तो लोग नोट खपाने और जरूरत के सामान जुटाने में लग गए। हालांकि यह जानकारी थोड़ी ही देर में सोशल मीडिया में छा गई और किराना व मार्ट में बड़े नोट लेने से दुकानदारों ने मना कर दिया। पेट्रोल पंपों पर 500 व 1000 नोट इस शर्त से लिए गए कि पूरे रुपये के तले भराएंगे।
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अचानक ऐसा फैसला सही नहीं
पांच सौ और हजार के नोट पर अचानक बैन लगाना सही नहीं है। बस स्टेशन पर स्थित दुकानों पर अधिकतर यात्री ही आते हैं। आमतौर पर एटीएम से बड़े नोट ही मिलते हैं। ऐसे में यात्रियों की तकलीफ देखते हुए सब जानने के बाद भी पांच सौ और हजार के नोट लेकर सामान दिए, जबकि कई साथी दुकानदारों ने अभी से इन्हें लेना बंद कर दिया है।
- नूर आलम, दुकानदार

अमीरों को होगी परेशानी
पेट्रोल पंप पर पहुंचा तो भीड़ देखी। पूछा तो पता चला कि हजार और पांच सौ के नोट बंद होने के चलते इन्हें खपाने के लिए लोगों की भीड़ लगी थी। नौकरीपेशा बेटी को लेकर घर लौटते वक्त अक्सर सौ या डेढ़ सौ का तेल डलवाता हूं। ऐसे में इतनी रकम लेकर निकला था। इस फैसले से गरीबों को नहीं बल्कि गलत तरीकों से रुपये जमा करने वालों को परेशानी होगी।
- बनारसी प्रसाद कन्नौजिया, तारामंडल

बाहर निकलेगी ब्लैक मनी
केंद्र सरकार ब्लैक मनी को लेकर सख्त कदम उठाने की बात तो पहले से कह रही थी, लेकिन इसे लेकर समुचित प्रयास नहीं दिखा था। बड़े नोट बैन करके सरकार ने सही कदम उठाया है। इससे अब कालाधन बटोरने वालों को मजबूरी में इसे सामने लाना होगा। साथ ही फेक करेंसी भी आसानी से पकड़ में आ जाएगी। अर्थव्यवस्था के लिए यह आगे अच्छा साबित होगा।  
- प्रमोद श्रीवास्तव, शाखा प्रबंधक पूर्वांचल बैंक

सारी बचत पति को बतानी पड़ी
घरेलू खर्च के लिए पति से मिलने वाली रकम में से काट-कपट कर रुपये जमा किए थे। सुविधा के लिए इन्हें बड़े नोटों में तब्दील करा लिया था। शाम को टीवी पर देखकर जब पता चला कि सरकार ने इन नोटों को बैन कर दिया है तो बेचैन हो उठी। कुछ समझ में नहीं आया तो मजबूरन पति को फोन करके अपने पास पड़े पांच सौ और हजार के नोट की बाबत उन्हें बताया।
- अर्चना श्रीवास्तव, ब्रह्मदत्तपुर

शराब की दुकानों पर अचानक बढ़ी बिक्री

रात में बड़े नोट बंद होने की सूचना फैलने के बाद शहर में शराब की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई। ज्यादातर ग्राहक वो थे जो यहां बड़े नोट खपाने की मंशा से पहुंचे थे। इसके चलते बिक्री काफी तेज हो गई। हालांकि, कुछ देर में इन दुकानों पर 100 रुपये समेत अन्य छोटे नोट खत्म हो जाने के चलते यहां भी ग्राहकों से पांच सौ और हजार के नोट लेने से इन्कार किया जाने लगा।

पुलिस ने बंद कराए पेट्रोल पंप

शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर बड़े नोट बंद होने की सूचना के बाद भीड़ उमड़ पड़ी। लोग नोट खपाने की होड़ में इस कदर पेट्रोल पंपों पर टूटे कि व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। सीओ कोतवाली ने पांडेय पेट्रोल पंप पर जमा वाहनों में तेल भराने के बाद उन्हें बाहर कराके पंप बंद करा दिया। शहर के अन्य पेट्रोल पंपों पर भी ऐसा ही हाल रहा।

इतना बिका तेल कि हो सकती है कमी

लोग बड़े नोट खपाने को लेकर इतने बेचैन थे कि पेट्रोल पंप पर लोगों ने बजट भूलकर तेल खरीदा। आलम यह रहा कि लोगों ने गाड़ियों की टंकी फुल कराने के साथ ही गैलन में तेल भराया। तेल की बिक्री देखकर लगा कि नोटों के कारण बाजार में फैली बेचैनी तेल की किल्लत का भी सबब बन सकती है। 

 

गुल्लक पर ही भरोसा

बाजार में काफी कोशिश के बाद 500 व 1000 के नोट खपाने में असफल होने वाले लोग यह कहते नजर आए कि अब तो बेटे के गुल्लक का ही भरोसा है। इतना तो होगा ही कि दो दिन का काम चल जाएगा। वहीं कुछ लोग फोन करके घर पर इस बात की तस्दीक भी करते रहे कि घर पर कितना सौ और पचास के नोट हैं। गुल्लक को देखो, कितने रुपये हैं।  


 
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