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राप्ती की रफ्तार थमी, राहत की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 23 Aug 2017 01:46 AM IST
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राप्ती का जलस्तर।
- फोटो : Amar Ujala
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उफनाई नदियों से घिरे गोरखपुर को मंगलवार को कुछ राहत मिली। राप्ती, रोहिन, गोर्रा, आमी, कुआनो और घाघरा नदी के जलस्तर में गिरावट आई है। इससे शहरी क्षेत्र की जनता ने राहत की सांस ली है। हालांकि सभी नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से ऊपर है। ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का कहर जारी है। अब भी लाखों लोग फंसे हैं। सेना, एनडीआरएफ और पीएसी के जवान राहत-बचाव के काम में लगे हैं। दूसरी तरफ गोरखपुर और देवरिया की सीमा से सटे टमटा के पास बांध टूट गया। इससे कई गांव जलमग्न हो गए। इसका असर गोरखपुर, देवरिया दोनों पर पड़ा है।
बाढ़ से तबाही के बीच राप्ती नदी का जलस्तर मंगलवार को कम हुआ। जो जलस्तर सोमवार की रात नौ बजे तक 77.230 मीटर था, वह मंगलवार को शाम छह बजे तक 77.120 मीटर हो गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुमान के मुताबिक बुधवार की सुबह आठ बजे तक राप्ती की धार और कुंद होगी। इसका जलस्तर 77.002 मीटर पहुंच सकता है। ऐसा हुआ तो बाढ़ का कहर कुछ कम होगा। इस नदी के खतरे का निशान 74.980 मीटर है। इसका मतलब है कि नदी का जलस्तर अब भी दो मीटर से ज्यादा ऊपर है। इस कारण बंधों पर दबाव बना है। कटान और टूटने का खतरा है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक नेपाल में बारिश कम हुई है। इसका असर रोहिन नदी पर भी पड़ा है। कैंपियरगंज तहसील में तबाही मचाने वाली इस नदी का जलस्तर तेजी से गिर रहा है। बुधवार को जलस्तर 83.404 मीटर रिकार्ड किया गया। पहले नदी का जलस्तर 85 मीटर से ऊपर था। गोर्रा, आमी, कुआनो और घाघरा नदी का जलस्तर भी गिरा है। डीएम राजीव रौतेला ने बताया कि राहत, बचाव का काम जारी है। नदियों का जलस्तर कम हो रहा है। राहत मिलने की उम्मीद है। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वह बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सैर सपाटा करने या फिर सेल्फी लेने से बचें।
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बाढ़ से तबाही के बीच राप्ती नदी का जलस्तर मंगलवार को कम हुआ। जो जलस्तर सोमवार की रात नौ बजे तक 77.230 मीटर था, वह मंगलवार को शाम छह बजे तक 77.120 मीटर हो गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुमान के मुताबिक बुधवार की सुबह आठ बजे तक राप्ती की धार और कुंद होगी। इसका जलस्तर 77.002 मीटर पहुंच सकता है। ऐसा हुआ तो बाढ़ का कहर कुछ कम होगा। इस नदी के खतरे का निशान 74.980 मीटर है। इसका मतलब है कि नदी का जलस्तर अब भी दो मीटर से ज्यादा ऊपर है। इस कारण बंधों पर दबाव बना है। कटान और टूटने का खतरा है।
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केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक नेपाल में बारिश कम हुई है। इसका असर रोहिन नदी पर भी पड़ा है। कैंपियरगंज तहसील में तबाही मचाने वाली इस नदी का जलस्तर तेजी से गिर रहा है। बुधवार को जलस्तर 83.404 मीटर रिकार्ड किया गया। पहले नदी का जलस्तर 85 मीटर से ऊपर था। गोर्रा, आमी, कुआनो और घाघरा नदी का जलस्तर भी गिरा है। डीएम राजीव रौतेला ने बताया कि राहत, बचाव का काम जारी है। नदियों का जलस्तर कम हो रहा है। राहत मिलने की उम्मीद है। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वह बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सैर सपाटा करने या फिर सेल्फी लेने से बचें।
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