{"_id":"57d9bb6b4f1c1b1423d47e56","slug":"put-a-lock-on-the-hospitals","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पतालों पर ताला, टीकाकरण ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पतालों पर ताला, टीकाकरण ठप
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 15 Sep 2016 02:34 AM IST
विज्ञापन
विकास भवन से जुलूस निकालकर कचहरी चौराहे पर रास्ता जाम करने जातीं महिला आंगनबाडी कर्मचारी संघ के लोग।
- फोटो : rajesh
एनएचएम कर्मचारियों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। छह दिनों से जारी भूख हड़ताल के बाद आंदोलन को धार देने के लिए बुधवार को क्रमिक धरना शुरू करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप टीकाकरण अभियान का भी बहिष्कार कर दिया। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आशाओं ने कार्य बहिष्कार के साथ ही सुबह ही अस्पताल में ताला लगा दिया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ताला तो खुल गया मगर टीकाकरण अभियान पूरी तरह से प्रभावित रहा।
सीएमओ दफ्तर पर आशाओं ने आंदोलित कर्मचारियों के साथ ताला बंद कर दिया। करीब एक घंटे बाद ताला खोला जा सका। चरगांवा स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह सात बजे ही आशा कार्यकर्ता पहुंच गईं। केंद्र पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ताला खुलवाया तो आशा ओपीडी बंद कराने की कोशिश करने लगीं। साथ ही टीकाकरण नहीं होने दिया। उरूवा और बांसगांव स्वास्थ्य केंद्र पर आशाओं ने तालाबंदी की। चौरीचौरा के मुंडेरा बाजार स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण नहीं हो सका। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों का यही हाल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएमओ दफ्तर पर आशाओं ने आंदोलित कर्मचारियों के साथ ताला बंद कर दिया। करीब एक घंटे बाद ताला खोला जा सका। चरगांवा स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह सात बजे ही आशा कार्यकर्ता पहुंच गईं। केंद्र पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ताला खुलवाया तो आशा ओपीडी बंद कराने की कोशिश करने लगीं। साथ ही टीकाकरण नहीं होने दिया। उरूवा और बांसगांव स्वास्थ्य केंद्र पर आशाओं ने तालाबंदी की। चौरीचौरा के मुंडेरा बाजार स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण नहीं हो सका। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों का यही हाल रहा है।
विज्ञापन
तैनाती वाले स्थान पर ही देंगे धरना
एनएचएम कर्मचारियों के धरने को जारी रखने के लिए नया फैसला लिया गया है। अध्यक्ष उपेंद्र यादव ने कहा है कि सभी कर्मचारी अब अपने तैनाती वाले स्थान पर ही धरना देंगे। सीएमओ आफिस के सामने पहले पूरे जिले के कर्मचारी एकत्र होते थे। 16 सितंबर को कर्मचारी बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
विज्ञापन