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दाल टैक्स चोरी: छह सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Sun, 17 Jul 2016 07:59 PM IST
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दाल में हाे रही टैक्स चोरी
- फोटो : PTI
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दाल टैक्स चोरी मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। वाणिज्य कर की रिपोर्ट में 32 फर्मों के नाम सामने आए हैं। इन फर्मों की फाइलें खंगाली जा रही हैं। टीम दो ग्रुप में काम करेगी। जांच की शुरुआत में ही कुछ कर्मचारियों के नाम सामने आने के बाद कमेटी का दायरा बढ़ा दिया गया है।
बता दें कि कुछ दिन पहले टैक्स चोरी का मामला सामने आया था। जांच की कार्रवाई शुरू होते ही कर्मचारियों के नाम खुलने लगे। जांच प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए चार इंस्पेक्टरों का तबादला कर दिया गया। वहीं दाल कारोबारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। अभी तक दाल कारोबारियों की ओर से जवाब न आने पर मंडी समिति ने पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया है।
सूत्र बताते हैं कि मंडी समिति की जांच के दायरे में आई फर्म के मालिक इसे दबाने की कोशिश में हैं। वहीं शुल्क जमा न कराना पड़े, इसके लिए वह दूसरों का सहारा ले रहे हैं। जांच कमेटी के हर सदस्यों को अलग-अलग फर्म की जिम्मेदारी दी गई है। वे गल्ला मंडी में फर्म के पास कितना माल आया, रिकॉर्ड में कितना दर्ज है, इसकी जांच करेंगे।
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फर्मों की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- सुभाष यादव, सचिव, मंडी समिति
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बता दें कि कुछ दिन पहले टैक्स चोरी का मामला सामने आया था। जांच की कार्रवाई शुरू होते ही कर्मचारियों के नाम खुलने लगे। जांच प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए चार इंस्पेक्टरों का तबादला कर दिया गया। वहीं दाल कारोबारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। अभी तक दाल कारोबारियों की ओर से जवाब न आने पर मंडी समिति ने पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया है।
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सूत्र बताते हैं कि मंडी समिति की जांच के दायरे में आई फर्म के मालिक इसे दबाने की कोशिश में हैं। वहीं शुल्क जमा न कराना पड़े, इसके लिए वह दूसरों का सहारा ले रहे हैं। जांच कमेटी के हर सदस्यों को अलग-अलग फर्म की जिम्मेदारी दी गई है। वे गल्ला मंडी में फर्म के पास कितना माल आया, रिकॉर्ड में कितना दर्ज है, इसकी जांच करेंगे।
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फर्मों की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- सुभाष यादव, सचिव, मंडी समिति