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गांव में पानी पहुंचने की सूचना पर दौड़े अफसर

Tue, 11 Jul 2017 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Tue, 11 Jul 2017 01:29 AM IST
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Prepration to prevent flood in incomplete
सहजनवां के डुमरी बाबू बांध में रेन कट होने पर निरीक्षण करते एसडीएम। - फोटो : Amar Ujala

नदियों का जलस्तर बढ़ने से इसके किनारे बसे गांव वालों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि नदियाें का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है, मगर गोला में घाघरा और सहजनवां के पास राप्ती के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से गांव वालों के साथ ही प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। सोमवार सुबह गोला के पवरिया और जगदीशपुर गांव तक पानी पहुंचने की सूचना ने तहसील प्रशासन के होश उड़ा दिए। एसडीएम गोला गौरव श्रीवास्तव मातहतों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। एसडीएम के मुताबिक नदियों का जलस्तर बढ़ा तो है, मगर इन दोनों गांव से पानी अभी काफी दूर है। पवरिया से थोड़ी दूरी पर एक पुलिया है, जिससे गांव का पानी घाघरा में जाता है। जल स्तर बढ़ने पर गांव वालों को संदेह हो गया कि गांव का पानी नदी में जाने की बजाए उल्टे नदी का पानी गांव में आ जाएगा। हालांकि अभी ऐसी स्थिति नहीं है। 

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इसी तरह जगदीशपुर के कुछ किसानों के खेतों तक तो नदी का पानी पहुंचा है, मगर रिहायशी इलाकों से पानी अभी दूर है। ये दोनों गांव एकल हैं इसलिए सिंचाई विभाग ने वहां बहुत काम नहीं कराया है। डीएम की तरफ से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा अगर पानी बढ़ता है तो तत्काल ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया जाएगा। इसे लेकर तैयारी है। वहीं सहजनवां में एसडीएम दिनेश मिश्रा ने डुमरिया बाबू बांध का निरीक्षण किया। उन्हें सूचना मिली थी कि वहां नदी कटान कर रही है। ‘अमर उजाला’ से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि बांध सुरक्षित है। रेन कट हुआ था। मरम्मत कराई जा रही है। बताया कि नदियों के जलस्तर के साथ ही बंधों की भी निरंतर निगरानी की जा रही है। 
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सभी तहसीलों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। संबंधित एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में निरंतर निगरानी बनाए रखने और उसकी रिपोर्ट मुहैया कराने को कहा गया है। नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, मगर अभी वे खतरे के निशान से नीचे हैं। राहत, बचाव कार्य को लेकर प्रशासन सतर्क है।
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- डॉ. चंद्रभूषण, एडीएम (फाइनेंस)

नदियों का लगातार बढ़ रहा है जलस्तर
दो दिन से लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। हालांकि अभी नदियां खतरे के निशान के नीचे हैं, लेकिन अगर इसी तरह से पानी बढ़ता रहा तो घाघरा अैर कुआनो जल्द ही लाल निशान के पास पहुंच जाएंगी। कतरनियां घाट पर जहां घाघरा खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है वहीं चंद्रदीप घाट पर कुआनो नदी लाल निशान के करीब पहुंच गई है। पहाड़ों पर बारिश के चलते मैदानी इलाके में नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। इस नाते अब तक जो नदी स्थिर थी, उसका भी जलस्तर बढ़ाव पर है। राप्ती अभी खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे है। हालांकि उसमें बढ़ाव जारी है। यही हाल घाघरा का भी है, लेकिन घाघरा में बढ़ाव की गति तेज है। कतरनियां घाट पर घाघरा खतरे के निशान से मात्र एक मीटर नीचे है। चंद्रदीप घाट पर कुआनो नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है।

नदियाें का जलस्तर
राप्ती बर्डघाट में            71.900    खतरे का निशान  74.98
घाघरा कतरनिया घाट     135.50    खतरे का निशान  136.78
रोहिन तिनमुहानी घाट     79.450    खतरे का निशान  82.44
कुआनो चंद्रदीप घाट       88 .230   खतरे का निशान  88.84

 
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