{"_id":"591b13a44f1c1b8b51f22e7d","slug":"power-cut-still-continued","type":"story","status":"publish","title_hn":"झूठा निकला 15 मई से 24 घंटे बिजली का वादा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झूठा निकला 15 मई से 24 घंटे बिजली का वादा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 17 May 2017 12:47 AM IST
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पॉवर कट
- फोटो : अमर उजाला
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केस-1
सीएम के पीठ पीछे बिना बताए काटी बिजली
शनिवार को शहर से सीएम योगी आदित्यनाथ बस्ती के लिए रवाना हुए और बिजली अफसरों ने बिना पूर्व सूचना के यूनिवर्सिटी और टाउनहाल उपकेंद्र की बत्ती गुल कर दी। साढ़े तीन घंटे अघोषित कटौती में लोग गर्मी से बिलबिला उठे। दो बजे बत्ती गुल हुई तो 5.30 बजे आई।
केस-2
आठ की जगह 19 घंटे काटी गीडा की बत्ती
गीडा की बिजली रविवार दोपहर 12 बजे लाइन मेंटीनेंस के नाम पर काटी गई तो 19 घंटे बाद चालू हुई। सूचना सिर्फ आठ घंटे की कटौती की दी गई थी। सोमवार सुबह सात बजे आपूर्ति बहाल की गई। इस दौरान कई औद्योगिक इकाइयों का कार्य प्रभावित रहा।
केस-3
डेढ़ घंटे अतिरिक्त कटौती झेलनी पड़ी
सोमवार को रुस्तमपुर क्षेत्र में सुबह 11 से शाम चार बजे तक कटौती की सूचना दी गई थी, लेकिन बत्ती शाम साढ़े पांच बजे तक गुल रही। इस बीच उपभोक्ताओं को दुश्वारियां झेलनी पड़ी। लोग कटौती का कारण जानने के लिए परेशान रहे। लाइन चालू हुई तो राहत मिली।
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पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के एमडी एके मित्तल पिछले दिनों शहर के दौरे के दौरान 10 मई से 24 घंटे बिजली सप्लाई का वादा कर गए थे। बावजूद इसके सीएम योगी आदित्यनाथ के शहर के लोगों को बेहतर बिजली अब तक मयस्सर नहीं हो सकी। इस बीच कभी बताकर तो कभी बिना बताए महकमे के अफसर उपभोक्ताओं की बत्ती गुल कर दे रहे हैं। भीषण गर्मी में बेतहाशा बिजली कटौती से शहरी तड़प कर रह जा रहे हैं।
एमडी के मुताबिक हालांकि 10 मई तक व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर स्थानीय बिजली अफसरों ने हाथ खड़े कर दिए थे। शहर को 24 घंटे बिजली देने के लिए उन्होंने 15 मई तक का वक्त मांगा था। यह समय सीमा भी बीत चुकी है, लेकिन शहर बिजली कटौती से मुक्त नहीं हो सका। रोजाना कई क्षेत्रों में मेंटीनेंस के नाम पर कटौती की जा रही है। भीषण गर्मी में बिजली काटकर विभाग की ओर से कराया जा रहा लाइन मेंटीनेंस का काम उपभोक्ताओं को नहीं भा रहा। विनय, संतोष, आनंद आदि ने कहा कि विभाग को मेंटीनेंस के काम कराने थे तो भीषण गर्मी का इंतजार क्यों किया गया, इस मौसम में कटौती उपभोक्ताओं पर अत्याचार जैसा है।
गांव में हालात और भी बदतर
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी एके मित्तल ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली सप्लाई की खुद मॉनीटरिंग कर रहे हैं। शाम छह बजे से सुबह छह बजे के अरसे को उन्होंने कटौती से मुक्त कर रखा है। फिर भी इस बीच बत्ती काट दी जा रही है। सोमवार की रात आनंदनगर, कैंपियरगंज आदि क्षेत्रों में घंटों बत्ती गुल रही।
आज से सूरजकुंड और दुर्गाबाड़ी को छोड़कर बेहतर बिजली
महानगर के अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि सूरजकुंड और दुर्गाबाड़ी की 33 केवी लाइन के डबल ट्रैक निर्माण के लिए तीन दिन तक काम चलेगा। इन्हें छोड़कर अन्य किसी उपकेंद्र की 33 केवी लाइन अब शटडाउन में नहीं रहेगी। कुछ इलाकों में 11 केवी लाइन पर काम तो होंगे, लेकिन इसके लिए शटडाउन की जरूरत नहीं पड़ेगी। जंफर खोलकर काम करा लिया जाएगा।
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सीएम के पीठ पीछे बिना बताए काटी बिजली
शनिवार को शहर से सीएम योगी आदित्यनाथ बस्ती के लिए रवाना हुए और बिजली अफसरों ने बिना पूर्व सूचना के यूनिवर्सिटी और टाउनहाल उपकेंद्र की बत्ती गुल कर दी। साढ़े तीन घंटे अघोषित कटौती में लोग गर्मी से बिलबिला उठे। दो बजे बत्ती गुल हुई तो 5.30 बजे आई।
केस-2
आठ की जगह 19 घंटे काटी गीडा की बत्ती
गीडा की बिजली रविवार दोपहर 12 बजे लाइन मेंटीनेंस के नाम पर काटी गई तो 19 घंटे बाद चालू हुई। सूचना सिर्फ आठ घंटे की कटौती की दी गई थी। सोमवार सुबह सात बजे आपूर्ति बहाल की गई। इस दौरान कई औद्योगिक इकाइयों का कार्य प्रभावित रहा।
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केस-3
डेढ़ घंटे अतिरिक्त कटौती झेलनी पड़ी
सोमवार को रुस्तमपुर क्षेत्र में सुबह 11 से शाम चार बजे तक कटौती की सूचना दी गई थी, लेकिन बत्ती शाम साढ़े पांच बजे तक गुल रही। इस बीच उपभोक्ताओं को दुश्वारियां झेलनी पड़ी। लोग कटौती का कारण जानने के लिए परेशान रहे। लाइन चालू हुई तो राहत मिली।
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पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के एमडी एके मित्तल पिछले दिनों शहर के दौरे के दौरान 10 मई से 24 घंटे बिजली सप्लाई का वादा कर गए थे। बावजूद इसके सीएम योगी आदित्यनाथ के शहर के लोगों को बेहतर बिजली अब तक मयस्सर नहीं हो सकी। इस बीच कभी बताकर तो कभी बिना बताए महकमे के अफसर उपभोक्ताओं की बत्ती गुल कर दे रहे हैं। भीषण गर्मी में बेतहाशा बिजली कटौती से शहरी तड़प कर रह जा रहे हैं।
एमडी के मुताबिक हालांकि 10 मई तक व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर स्थानीय बिजली अफसरों ने हाथ खड़े कर दिए थे। शहर को 24 घंटे बिजली देने के लिए उन्होंने 15 मई तक का वक्त मांगा था। यह समय सीमा भी बीत चुकी है, लेकिन शहर बिजली कटौती से मुक्त नहीं हो सका। रोजाना कई क्षेत्रों में मेंटीनेंस के नाम पर कटौती की जा रही है। भीषण गर्मी में बिजली काटकर विभाग की ओर से कराया जा रहा लाइन मेंटीनेंस का काम उपभोक्ताओं को नहीं भा रहा। विनय, संतोष, आनंद आदि ने कहा कि विभाग को मेंटीनेंस के काम कराने थे तो भीषण गर्मी का इंतजार क्यों किया गया, इस मौसम में कटौती उपभोक्ताओं पर अत्याचार जैसा है।
गांव में हालात और भी बदतर
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी एके मित्तल ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली सप्लाई की खुद मॉनीटरिंग कर रहे हैं। शाम छह बजे से सुबह छह बजे के अरसे को उन्होंने कटौती से मुक्त कर रखा है। फिर भी इस बीच बत्ती काट दी जा रही है। सोमवार की रात आनंदनगर, कैंपियरगंज आदि क्षेत्रों में घंटों बत्ती गुल रही।
आज से सूरजकुंड और दुर्गाबाड़ी को छोड़कर बेहतर बिजली
महानगर के अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि सूरजकुंड और दुर्गाबाड़ी की 33 केवी लाइन के डबल ट्रैक निर्माण के लिए तीन दिन तक काम चलेगा। इन्हें छोड़कर अन्य किसी उपकेंद्र की 33 केवी लाइन अब शटडाउन में नहीं रहेगी। कुछ इलाकों में 11 केवी लाइन पर काम तो होंगे, लेकिन इसके लिए शटडाउन की जरूरत नहीं पड़ेगी। जंफर खोलकर काम करा लिया जाएगा।