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मिडडे मील की रसोई तक पहुंचा जहर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 16 Mar 2016 08:32 PM IST
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जहरीली गोलियों के साथ दाखिल हुई रसोइया कार्यमुक्त
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चौमुखा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को बच्चों के मध्याह्न भोजन के लिए इस्तेमाल होने वाली रसोई तक जहरीली गोलियां पहुंच गईं। खैर यह रही कि अनहोनी से पहले न सिर्फ जहर को रसोई से बाहर कर दिया गया बल्कि इसे लेकर आने वाली रसोइया को कार्यमुक्त करते हुए सेवा से बाहर करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
बच्चों के लिए दोपहर का भोजन उपलब्ध कराने के लिए इस विद्यालय में तीन रसोइया काम करती हैं। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे तीनों महिलाएं तय समय के हिसाब से काम पर पहुंच गईं। करीब एक घंटे बाद खाना बनाने की प्रक्रिया शुरू होते ही एक रसोइया ने गेहूं की सुरक्षा में इस्तेमाल होने वाली कीटनाशक की दो गोलियां निकालकर रसोई में एक तरफ रखीं। तेज और जानलेवा जहर की पहचान बना चुकी जहर की इन गोलियों का पैकिंग देखते ही रसोइया की भूमिका निभाने वाली दो अन्य महिलाओं ने न सिर्फ अपनी साथी को इस हरकत पर टोका बल्कि फौरन इसकी सूचना सहायक अध्यापक अनीता को दी।
घबराई अध्यापक ने फौरन प्रधानाध्यापक वेदप्रकाश धर दुबे को जानकारी देकर रसोइया को जहरीली गोलियों के साथ रसोई से बाहर निकाला। प्रधानाध्यापक के जरिए बच्चों के खाने के करीब तक जहर पहुंचने की सूचना आला अफसरों तक पहुंची। अफरा-तफरी के बीच खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) धीरेंद्र तिवारी, ग्राम प्रधान राधेश्याम जायसवाल, बीडीसी प्रणव जायसवाल, प्राथमिक विद्यालय प्रथम के प्रधानाध्यापक रविंद्र यादव हरकत में आ गए। पूछताछ में रसोइया ने बताया कि घर में रखे जाने वाले गेहूं की हिफाजत के लिए उसने जहरीली गोलियां खरीदी थीं। धोखे से इनको स्कूल की रसोई तक ले आई।
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बीईओ धीरेंद्र तिवारी ने बताया कि रसोइया को तत्काल कार्यमुक्त कर दिया गया। प्रधान राधेश्याम जायसवाल के मुताबिक 17 मार्च को ग्राम शिक्षा समिति की बैठक बुलाकर उसे हमेशा के लिए इस काम से अलग करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
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बच्चों के लिए दोपहर का भोजन उपलब्ध कराने के लिए इस विद्यालय में तीन रसोइया काम करती हैं। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे तीनों महिलाएं तय समय के हिसाब से काम पर पहुंच गईं। करीब एक घंटे बाद खाना बनाने की प्रक्रिया शुरू होते ही एक रसोइया ने गेहूं की सुरक्षा में इस्तेमाल होने वाली कीटनाशक की दो गोलियां निकालकर रसोई में एक तरफ रखीं। तेज और जानलेवा जहर की पहचान बना चुकी जहर की इन गोलियों का पैकिंग देखते ही रसोइया की भूमिका निभाने वाली दो अन्य महिलाओं ने न सिर्फ अपनी साथी को इस हरकत पर टोका बल्कि फौरन इसकी सूचना सहायक अध्यापक अनीता को दी।
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घबराई अध्यापक ने फौरन प्रधानाध्यापक वेदप्रकाश धर दुबे को जानकारी देकर रसोइया को जहरीली गोलियों के साथ रसोई से बाहर निकाला। प्रधानाध्यापक के जरिए बच्चों के खाने के करीब तक जहर पहुंचने की सूचना आला अफसरों तक पहुंची। अफरा-तफरी के बीच खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) धीरेंद्र तिवारी, ग्राम प्रधान राधेश्याम जायसवाल, बीडीसी प्रणव जायसवाल, प्राथमिक विद्यालय प्रथम के प्रधानाध्यापक रविंद्र यादव हरकत में आ गए। पूछताछ में रसोइया ने बताया कि घर में रखे जाने वाले गेहूं की हिफाजत के लिए उसने जहरीली गोलियां खरीदी थीं। धोखे से इनको स्कूल की रसोई तक ले आई।
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बीईओ धीरेंद्र तिवारी ने बताया कि रसोइया को तत्काल कार्यमुक्त कर दिया गया। प्रधान राधेश्याम जायसवाल के मुताबिक 17 मार्च को ग्राम शिक्षा समिति की बैठक बुलाकर उसे हमेशा के लिए इस काम से अलग करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा।