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छायाचित्रों से याद की गई आजादी की वीरगाथा
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Sun, 14 Aug 2016 08:44 PM IST
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राजकीय बौद्ध संग्रहालय मे जश्न-ए-आजादी के अंतर्गत छाया चित्र प्रदर्शनी को देखते मुख्य अतिथि प्रोफेसर रंजवत राव अन्य।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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‘जश्न-ए-आजादी’ के क्रम मेें रविवार को राजकीय बौद्ध संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में 10 मई 1857 से 15 अगस्त 1947 तक की आजादी की प्रेरणादायी गाथा को फोटो के जरिए पेश किया गया। साथ ही मातृभूमि की रक्षा के लिए कुर्बानी देने वाले आजादी के दीवानों को नमन करते हुए देशप्रेम के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।
प्रदर्शनी में लगाए गए क्रांतिकारी मंगल पांडेय, तात्या टोपे, नाना साहब, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, वीर कुंवर सिंह, बिग्रेडियर ज्वाला प्रसाद, सरदार भगत सिंह, पं. रामप्रसाद बिस्मिल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरक की भूमिका में थे। गांधी, नेहरू, राजकुमारी अमृत कौर, मालवीय जी, आचार्य कृपलानी के चित्र आजादी हासिल करने की मुश्किलें बयां कर रहे थे।
प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रो. राजवंत राव ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनी की आज के माहौल में बेहद जरूरत है। प्रदर्शनी में लगे दुर्लभ चित्र युवा पीढ़ी के लिए न केवल प्रेरणा बनेंगे बल्कि इतिहास के प्रति उनका ज्ञान भी बढ़ेगा। संग्रहालय के उप निदेशक डॉ. एके सिंह ने स्वतंत्रता से जुड़े अभिलेखों को राष्ट्र की महत्वपूर्ण धरोहर बताया। इस अवसर पर हरीश तिवारी, साकेत नारायण शुक्ल, शशि भूषण चौधरी, धर्मेंद्र सिंह, सतीश तिवारी, शिवदत्त पांडेय, राजकुमार, पूनम गौतम, अभिषेक गौतम, ममता मिश्रा, मीरा सिंह, शशिकला, अजित कुमार, लालधर राम आदि मौजूद रहे।
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प्रदर्शनी में लगाए गए क्रांतिकारी मंगल पांडेय, तात्या टोपे, नाना साहब, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, वीर कुंवर सिंह, बिग्रेडियर ज्वाला प्रसाद, सरदार भगत सिंह, पं. रामप्रसाद बिस्मिल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरक की भूमिका में थे। गांधी, नेहरू, राजकुमारी अमृत कौर, मालवीय जी, आचार्य कृपलानी के चित्र आजादी हासिल करने की मुश्किलें बयां कर रहे थे।
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प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रो. राजवंत राव ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनी की आज के माहौल में बेहद जरूरत है। प्रदर्शनी में लगे दुर्लभ चित्र युवा पीढ़ी के लिए न केवल प्रेरणा बनेंगे बल्कि इतिहास के प्रति उनका ज्ञान भी बढ़ेगा। संग्रहालय के उप निदेशक डॉ. एके सिंह ने स्वतंत्रता से जुड़े अभिलेखों को राष्ट्र की महत्वपूर्ण धरोहर बताया। इस अवसर पर हरीश तिवारी, साकेत नारायण शुक्ल, शशि भूषण चौधरी, धर्मेंद्र सिंह, सतीश तिवारी, शिवदत्त पांडेय, राजकुमार, पूनम गौतम, अभिषेक गौतम, ममता मिश्रा, मीरा सिंह, शशिकला, अजित कुमार, लालधर राम आदि मौजूद रहे।
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