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कब्जे के लिए सड़क पर उतरे आवंटी

Tue, 15 Dec 2015 10:08 PM IST
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 15 Dec 2015 10:08 PM IST
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राप्तीनगर आवासीय योजना के तहत मिले प्लॉट पर कब्जा न मिलने से नाराज आवंटी मंगलवार को सड़क पर उतर आए और नारेबाजी करते हुए कमिश्नर के दफ्तर पहुंच गए। आवंटियों ने चेतावनी दी है कि अगर 20 दिसंबर तक उन्हें कब्जा नहीं दिलाया गया तो 21 दिसंबर से जीडीए परिसर में धरना शुरू कर देंगे। इसके बाद भी अगर सुनवाई नहीं हुई तो सभी आवंटी आमरण अनशन पर बैठने के लिए बाध्य होंगे।

बता दें कि 2009 में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने राप्तीनगर आवासीय विस्तार योजना के तहत 896 लोगों को प्लॉट आवंटित किया था। सभी ने पूरी रकम भी जमा कर दी। करीब तीन सौ आवंटियों ने तो जमीन की रजिस्ट्री भी करा ली, मगर कब्जा किसी को भी नहीं मिल सका। इस मामले में जीडीए के अफसरों का कहना है कि मामला कोर्ट में है। लिहाजा चाहकर भी प्राधिकरण कोई कार्रवाई नहीं कर सकता।
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कब्जे के लिए जीडीए अफसरों से लेकर डीएम और कमिश्नर दफ्तर के चक्कर लगा-लगाकर थक चुके आवंटियों ने कहीं से राहत न मिलने पर चरणवार आंदोलन की रणनीति बनाई। इसी क्रम में राप्ती नगर विस्तार आवासीय योजना आवंटी संघर्ष समिति का गठन भी हुआ। समिति के नेतृत्व में मंगलवार को सभी आवंटी अपने परिवारवालों के साथ नगर निगम से कचहरी चौक, अंबेडकर चौक होते हुए कमिश्नर दफ्तर पहुंचे और वहां कमिश्नर को कब्जा दिलाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया।
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जुलूस निकालने वालों में मधुसूदन ओझा, अशोक अस्थाना, डॉ. आरके पांडेय, अरविंद, प्रिंस, नंदलाल, अनिल कुमार गौड़, अविनाश पटेल, दुर्गेश कुमार पांडेय, राजेश कुमार तिवारी, विंद्र प्रसाद गौड़, मुन्ना गुप्ता, राजन, सुनील गुप्ता, अविनाश, मनीष चंद, अनिल कुमार, एके सिंह समेत कई आवंटी मौजूद थे।  
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