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एलटीटी एक्सप्रेस की बोगियों में गड़बड़ी के शक पर हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 19 Dec 2016 01:33 AM IST
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- फोटो : pti
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मुंबई से आ रही एलटीटी-गोरखपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस की दो बोगियों में गड़बड़ी के शक से रेल महकमे में हड़कंप मच गया। कानपुर हादसे से सबक लेते हुए अफसरों ने गोंडा और बस्ती स्टेशन पर पेंट्रीकार व एक स्लीपर बोगी को चेक कराया। कोई गड़बड़ी पकड़ में न आने के बावजूद एहतियातन धीमी गति से ट्रेन को गोरखपुर स्टेशन लाया गया और दोनों बोगियोें को बदलकर जांच के लिए कारखाना भेज दिया गया।
मामला शनिवार की रात का है। एलटीटी एक्सप्रेस लखनऊ से आगे बढ़ी थी कि पेंट्रीकार में चाय लेने गए एक यात्री को कोच के पहियों से तेज आवाज आती सुनाई दी। पेंट्रीकार मैनेजर को बताने के बाद यात्री ने डीआरएम लखनऊ आलोक सिंह को ट्वीट कर सूचना दी। इसके बाद ट्रेन को जरवल रोड स्टेशन पर रोक कर गड़बड़ी की शक वाली बोगियों को चेक किया गया। गड़बड़ी न मिलने पर पीडब्ल्यूआई ने ट्रेन की स्पीड को अधिकतम 30 किलोमीटर प्रति घंटे से चलाने की सलाह दी। निर्धारित गति से ट्रेन जब गोंडा स्टेशन पहंची तो दोबारा जांच कराई गई। सबकुछ सामान्य मिलने पर ट्रेन की गति बढ़ा दी गई, लेकिन गोंडा से बस्ती के बीच यात्रियों ने दोबारा आवाज सुनकर शिकायत की।
बस्ती स्टेशन पर ट्रेन को करीब डेढ़ घंटे रोककर जांच कराई गई। इसके बाद भी गड़बड़ी नहीं पकड़ी जा सकी। देर रात ट्रेन गोरखपुर पहुंची तो डीआरएम के निर्देश पर पहले से ही मौजूद सीनियर सीडीओ, एरिया मैनेजर, स्टेशन मैनेजर ने गड़बड़ी वाली बोगियों की जांच कराई लेकिन यहां भी कुछ पता न चलने पर दोनों बोगियों को जांच के लिए भेज दिया। रविवार की रात गोरखपुर एलटीटी एक्सप्रेस में दूसरी बोगियां लगाकर रवाना किया गया। एनईआर के सीपीआरओ संजय यादव ने बताया कि यात्री की शिकायत पर दो बार बोगियों की जांच कराई गई। धीमी गति से ट्रेन को चलाया गया और यहां बारीकी से जांच के लिए कारखाना भेज दिया गया है।
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मामला शनिवार की रात का है। एलटीटी एक्सप्रेस लखनऊ से आगे बढ़ी थी कि पेंट्रीकार में चाय लेने गए एक यात्री को कोच के पहियों से तेज आवाज आती सुनाई दी। पेंट्रीकार मैनेजर को बताने के बाद यात्री ने डीआरएम लखनऊ आलोक सिंह को ट्वीट कर सूचना दी। इसके बाद ट्रेन को जरवल रोड स्टेशन पर रोक कर गड़बड़ी की शक वाली बोगियों को चेक किया गया। गड़बड़ी न मिलने पर पीडब्ल्यूआई ने ट्रेन की स्पीड को अधिकतम 30 किलोमीटर प्रति घंटे से चलाने की सलाह दी। निर्धारित गति से ट्रेन जब गोंडा स्टेशन पहंची तो दोबारा जांच कराई गई। सबकुछ सामान्य मिलने पर ट्रेन की गति बढ़ा दी गई, लेकिन गोंडा से बस्ती के बीच यात्रियों ने दोबारा आवाज सुनकर शिकायत की।
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बस्ती स्टेशन पर ट्रेन को करीब डेढ़ घंटे रोककर जांच कराई गई। इसके बाद भी गड़बड़ी नहीं पकड़ी जा सकी। देर रात ट्रेन गोरखपुर पहुंची तो डीआरएम के निर्देश पर पहले से ही मौजूद सीनियर सीडीओ, एरिया मैनेजर, स्टेशन मैनेजर ने गड़बड़ी वाली बोगियों की जांच कराई लेकिन यहां भी कुछ पता न चलने पर दोनों बोगियों को जांच के लिए भेज दिया। रविवार की रात गोरखपुर एलटीटी एक्सप्रेस में दूसरी बोगियां लगाकर रवाना किया गया। एनईआर के सीपीआरओ संजय यादव ने बताया कि यात्री की शिकायत पर दो बार बोगियों की जांच कराई गई। धीमी गति से ट्रेन को चलाया गया और यहां बारीकी से जांच के लिए कारखाना भेज दिया गया है।
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