फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   People face traffic problem on monday

सुबह से रात तक सड़कों पर हांफते रहे लोग

Mon, 30 Nov 2015 10:02 PM IST
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 30 Nov 2015 10:02 PM IST
विज्ञापन
व्यवसायी प्रवीण अपने भांजों को एचपी स्कूल से लेने के लिए पौने एक बजे आजाद नगर से निकले थे। दाउदपुर चौराहे से आगे बढ़े ही थे कि फिराक गोरखपुरी चौराहा होते हुए कचहरी जाने वाली पूरी सड़क जाम थी।
विज्ञापन

वह किसी तरह गाड़ी घुमाए और दाउदपुर चौराहा होते हुए फोरलेन पर आए। जैसे ही आगे बढे़ इंदिरानगर के पास फिर जाम मिल गया। आधे घंटे की जद्दोजहद के बाद किसी तरह वह पैडलेगंज पहुंचे। फिर वहां से करीब 1:35 बजे स्कूल, जबकि छुट्टी एक बजे ही हो गई थी। मायूस होकर उनके दोनों भांजे स्कूल गेट की तरफ टकटकी लगाए देख रहे थे। मामा को देखे तो दौड़कर लिपट गए।
विज्ञापन

यह तो बानगी है। कई स्कूलों के तमाम बच्चे जहां स्कूलों में अपने अभिभावकों का इंतजार करते रहे, वहीं, सड़कों पर जाम के बीच फंसे उनके अभिभावक फिक्रमंद नजर आए। ट्रैफिक को लेकर पहले से कोई ठोस प्लानिंग नहीं होने और सोमवारी जाम के साथ ही राज्यपाल के आगमन की वजह से भी आधे से अधिक शहर के लोग सुबह से लेकर रात तक  सड़कों परहांफ ते रहे। सड़क और चौराहों पर जाम लगा तो लोग गलियों की तरफ मुड़ पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

नतीजतन, बेतियाहाता, रुस्तमपुर, सिनेमा रोड, असुरन, बक्शीपुर, नखास समेत तमाम मोहल्लों की गलियां भी इससे अछूती नहीं रहीं। पैडलेगंज के पास से राज्यपाल का काफिला इस्लामियां कॉलेज ऑफ कामर्स की ओर निकला। ट्रैफिक खुलते ही नौसढ़ की तरफ जाने वाले फोरलेन पर दबाव बढ़ गया।
इसी बीच रुस्तमपुर ढाले के पास मोड़ने के चक्कर में एक बस बीच रास्ते में ही फंस गई। इसके चलते देवरिया बाईपास तक गाड़ियों की लंबी कतार लग गई।

अफसरों की गाड़ियां, स्कूली बस और एंबुलेंस भी फंसी रही
दोपहर डेढ़ बजे सिविल लाइंस इलाके के स्कूलों की छुट्टी होने पर जैसे ही उनकी बसें सड़कों पर आईं हरिओम तिराहे से लेकर अंबेडकर चौराहे तक जाम लग गया। दोपहर 1:49 बजे इस जाम में डीएम रंजन कुमार और एसएसपी लव कुमार की गाड़ियां भी फंस गईं।
जाम की वजह से गाड़ियां इस कदर बेतरतीब खड़ी हो गईं कि दोनों अफसरों के साथ चलने वाले स्कॉट को भी रास्ता खाली कराने में पसीना बहाना पड़ा। किसी तरह अफसरों की गाड़ियां तो निकल गईं मगर जाम समाप्त नहीं हुआ। 2:28 बजे यूनिवर्सिटी की कामर्स फैकेल्टी के सामने एक एंबुलेंस फंस गई। काफी देर तक सायरन बजाने के बाद भी उसे रास्ता नहीं मिला। उधर, तीन बजे से लेकर चार बजे तक धर्मशाला पुल जाम रहा।
सवा तीन बजे राज्यपाल का काफिला निकलने के बाद छोड़े गए ट्रैफिक  की वजह से अंबेडकर चौराहे से लेकर कचहरी चौराहे तक जाम लग गया। इस जाम में नगर आयुक्त राजेश त्यागी की गाड़ी फंस गई। शाम साढ़े पांच बजे से रात साढ़े सात बजे तक मोहद्दीपुर पुलिस चौकी से लेकर कूड़ाघाट तक जाम लगा रहा। इस जाम में पुलिस चौकी के पास मरीज लेकर जा रही एक एंबुलेंस भी काफी देर तक फंसी रही।


बस अड्डे पर सेना के जवानों ने खाली कराया रास्ता
पौने चार बजे यूनिवर्सिटी चौराहे से होकर रेलवे स्टेशन की तरफ जैसे ही सेना की गाड़ियां बढ़ीं तो बस स्टेशन के सामने जाम में फंस गईं। काफी देर इंतजार के बाद भी जब रास्ता साफ होता नहीं दिखा तो सेना के जवान ट्रकों से उतरे और खुद ही जाम खत्म कराने में जुट गए। आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उनकी गाड़ियां निकल सकीं और साथ ही दूसरे लोग भी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed