{"_id":"97bb87f2db937184b46083d2f035470a","slug":"people-face-traffic-problem-daily-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाम से निजात: नौ दिन चले अढ़ाई कोस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जाम से निजात: नौ दिन चले अढ़ाई कोस
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2016 11:26 PM IST
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जाम से निजात दिलाने की दिशा में करीब डेढ़ महीने पहले इंतजामिया की तेजी से शहरियों में फिर उम्मीद जगी थी। जाम के झाम को नियति मान चुके शहरियों को भरोसा होने लगा था कि हालात कुछ तो बदलेंगे। दो सोमवार तक सड़कों पर प्रशासन और पुलिस की सक्रियता का असर दिखाई भी पड़ा, मगर जैसा कि हर बार होता आया है अभियान फिर सुस्त पड़ गया।
बुधवार को भी बेतियाहाता, गोरखनाथ, मोहद्दीपुर, हरिओम नगर, सिनेमा रोड पर लोग बदस्तूर जाम से जूझते रहे। ट्रैफिक लाइटें रंग बदलती रहीं और सड़कों पर भीड़ के रेले से बेफिक्र ट्रैफिक पुलिस वाले गप्पें लड़ाने में मशगूल रहे। कहीं जाम में फंसी बस में बैठे छोटे स्कूली बच्चे हैरान-परेशान से सड़काें पर टकटकी लगाए रहे तो कहीं एंबुलेंस को भी रास्ता न मिला।
बेखौफ फर्राटा भर रहे काले टेंपो
ट्रैफिक प्लान को लेकर बीते नवंबर में कई बैठकों में तय हुआ था कि एक जनवरी से डीजल से चलने वाले काले टेंपो शहर में पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिए जाएंगे। इन्हें शहर के बाहर ही रोकने के लिए 13 प्वाइंट चिह्नित किए गए थे। इन नो एंट्री प्वाइंट में कालेसर, बाघागाड़ा, नौसढ़, महुआतार, महेसरापुल, खेरिया बाईपास, जगदीशपुर कोनी तिराहा, चौकी भटहट, बरगदवा, खजांची चौराहा, पादरी बाजार के नाम शामिल थे। जिन पर रोक लगानी थी, वे काले रंग के टेंपो अब भी शहर में धड़ल्ले से चल रहे हैं। यही नहीं शहर में चलने वाले टेंपो के रूट पर भी अमल नहीं हो सका। ग्रामीण इलाकों के टेंपो को शहर से दूर रखने और स्टैंड पर ही टेंपो रोककर यात्रियों को बैठाने की कवायद शुरू भी नहीं हो पाई है।
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शास्त्री चौक से नहीं हटा मलबा
शहर में ज्यादा ट्रैफिक लोड वाली 26 जगहें पहचानी गई थीं। पहले चरण में इनमें से छह स्थानों पर जाम की वजहें चिह्नित करके निदान करने का फैसला हुआ। इनमें शास्त्री चौक, बेतियाहाता चौराहा, छात्र संघ, मोहद्दीपुर चौक, यूनिवर्सिटी चौराहा और पैडलेगंज चौराहा शामिल है। मोहद्दीपुर चौराहे से पुलिस चौकी तो हट गई मगर उतनी दूर की सड़क अब तक नहीं बन सकी। ऐसे ही शास्त्री चौक का गोलंबर तोड़कर छोटा करने का काम शुरू तो हुआ मगर महीने भर बाद भी पूरा नहीं हो सका। यही नहीं, वहां से मलबा हटाने की जरूरत भी नहीं समझी गई।
बैरियर बने, न नो एंट्री प्वाइंट पर सख्ती हुई
बाघागाड़ा और कालेसर में नो-एंट्री का बैरियर लगाने के बाद वहां ट्रैफिक पुलिस तैनात करने पर सहमति बनी थी। ट्रैफिक पुलिस की तैनाती तो दूर, अभी बैरियर बनाने का काम तक नहीं शुरू हो सका। कमिश्नर ने नो एंट्री के समय को लेकर भी सख्ती के निर्देश दिए थे। हिदायत दी थी कि सुबह सात बजे से रात 10 बजे तक कोई भी भारी वाहन शहर में प्रवेश नहीं कर सके। मगर मोहद्दीपुर, नौसढ़, असुरन आदि चौराहों से पुलिस की शह पर ही बड़े वाहन नो एंट्री के समय भी शहर में दाखिल हो जाते हैं। रेलवे बस स्टेशन के सामने डिवाइडर भी नहीं बन सका।
स्कूलों ने खामोशी से बदल लिए समय
जाम से निजात दिलाने की दिशा में कमिश्नर के हस्तक्षेप पर एक साथ खुलने-बंद होने वाले स्कूलों का समय भी बदला गया था। स्कूलों ने अमल भी शुरू कर दिया था मगर ठंड की वजह से प्रशासन ने सभी स्कूल सुबह 10 बजे से ही खोलने को कहा। मौसम सुधरने के बाद सिविल लाइंस समेत कुछ इलाकाें के स्कूलों ने प्रशासन से तय हुए समय के बजाए खामोशी से अपनी सुविधा का टाइम टेबिल लागू कर लिया है।
पार्किंग को लेकर दी गई मोहलत खत्म
पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने या फिर उसका इस्तेमाल न करने पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण की तरफ से 53 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस भेजा गया था। जिनके पास पार्किंग नहीं है, उन्हें 15 दिन के भीतर पार्किंग की व्यवस्था करने के लिए कहा गया था और पार्किंग होने पर भी उसका इस्तेमाल न करने वालों को सात दिन की मोहलत दी गई थी। मियाद खत्म होने के बाद भी स्थिति जस की तस है।
पहले की तरह ही ट्र्रकों की भरमार
करीब पांच साल से ट्रांसपोर्टनगर को गीडा में शिफ्ट करने की कवायद चल रही है मगर बात नहीं बनी है। जाम से निजात के लिए बने प्लान में एक बार फिर टीपी नगर की शिफ्टिंग का मामला शामिल हुआ मगर गिट्टी, बालू लदे ट्रकों के साथ ही मरम्मत के इंतजार में सड़कों पर जमे ट्रक वैसे ही मिलते हैं।
एक जनवरी से होना था अमल
0 नो इंट्री स्पाट पर बढ़ाई जाएगी सख्ती, संयुक्त टीम करेगी निगरानी।
0 महानगर में नहीं चलेंगे डीजल आटो, दिन में गुड्स वाहनों की मनाही।
0 महानगर की सड़कों पर सुबह 10 बजे से पहले उठाया जाएगा कूड़ा।
0 प्लाजा व निजी संस्थान की पार्किंग को किया जाएगा सार्वजनिक।
0 महानगर स्थित बाजार बंदी की तिथियों का फिर से निर्धारण होगा।
0 वन वे की जाएंगी महानगर की अधिकतर सड़कें, आसान होगी राह।
0 महानगर की सड़क पर बिल्डिंग मैटेरियल रखा तो लगेगा जुर्माना।
0 डिपो परिसर के अंदर खड़ी की जाएगी परिहवन निगम की बसें।
0 स्कूलों के छुट्टी के समय में होगा बदलाव।
ट्रैफिक समस्या महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक है। गोरखपुर महोत्सव और फिर बीडीसी चुनाव की वजह से काम भले ढीला पड़ गया लेकिन आठ फरवरी के बाद इसे लेकर संबंधित महकमों के अफसरों की मीटिंग बुला रखी है। नए एसएसपी और डीएम से भी इस संबंध में लगातार बात हो रही है। यही वजह है कि दोनों ही अफसरों ने गोरखपुर महोत्सव के मंच से इस समस्या का जिक्र भी किया था। जाम से निजात को लेकर पूर्व में जो भी फैसले लिए गए है, उनका कड़ाई से पालन कराया जाएगा।- पी. गुरुप्रसाद, कमिश्नर
जिन भी प्रतिष्ठान को नोटिस भेजा गया है। उनमें से कई ने जवाब दे दिए हैं। अब सर्वे कराया जा रहा है कि मौके पर भी वैसा है या नहीं। अगर कहीं पर भी गड़बड़ी मिली तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें सील भी करेंगे। मोहद्दीपुर से पुलिस चौकी हटा दी गई है। जीडीए को बाकी के जिन चौराहों को सही कराना है, उसकी भी प्लानिंग पूरी कर ली गई है। एक-एक कर उसे भी सही करा दिया जाएगा।- शिवश्याम मिश्रा, उपाध्यक्ष, जीडीए
मौजूदा संसाधनों के मुताबिक महकमे का प्रयास जारी है। नो एंट्री को लेकर अलग-अलग थानों से बातचीत चल रही है। कुछ जगहों पर सख्ती शुरू भी कर दी गई है। रही बात टेंपो की तो यह सच है कि काले रंग वाले टेंपो को शहर में घुसने से पूरी तरह नहीं रोका जा सका है फिर भी हम कोशिश कर रहे हैं। - श्रीप्रकाश द्विवेदी, एसपी (ट्रैफिक)
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बुधवार को भी बेतियाहाता, गोरखनाथ, मोहद्दीपुर, हरिओम नगर, सिनेमा रोड पर लोग बदस्तूर जाम से जूझते रहे। ट्रैफिक लाइटें रंग बदलती रहीं और सड़कों पर भीड़ के रेले से बेफिक्र ट्रैफिक पुलिस वाले गप्पें लड़ाने में मशगूल रहे। कहीं जाम में फंसी बस में बैठे छोटे स्कूली बच्चे हैरान-परेशान से सड़काें पर टकटकी लगाए रहे तो कहीं एंबुलेंस को भी रास्ता न मिला।
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बेखौफ फर्राटा भर रहे काले टेंपो
ट्रैफिक प्लान को लेकर बीते नवंबर में कई बैठकों में तय हुआ था कि एक जनवरी से डीजल से चलने वाले काले टेंपो शहर में पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिए जाएंगे। इन्हें शहर के बाहर ही रोकने के लिए 13 प्वाइंट चिह्नित किए गए थे। इन नो एंट्री प्वाइंट में कालेसर, बाघागाड़ा, नौसढ़, महुआतार, महेसरापुल, खेरिया बाईपास, जगदीशपुर कोनी तिराहा, चौकी भटहट, बरगदवा, खजांची चौराहा, पादरी बाजार के नाम शामिल थे। जिन पर रोक लगानी थी, वे काले रंग के टेंपो अब भी शहर में धड़ल्ले से चल रहे हैं। यही नहीं शहर में चलने वाले टेंपो के रूट पर भी अमल नहीं हो सका। ग्रामीण इलाकों के टेंपो को शहर से दूर रखने और स्टैंड पर ही टेंपो रोककर यात्रियों को बैठाने की कवायद शुरू भी नहीं हो पाई है।
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शास्त्री चौक से नहीं हटा मलबा
शहर में ज्यादा ट्रैफिक लोड वाली 26 जगहें पहचानी गई थीं। पहले चरण में इनमें से छह स्थानों पर जाम की वजहें चिह्नित करके निदान करने का फैसला हुआ। इनमें शास्त्री चौक, बेतियाहाता चौराहा, छात्र संघ, मोहद्दीपुर चौक, यूनिवर्सिटी चौराहा और पैडलेगंज चौराहा शामिल है। मोहद्दीपुर चौराहे से पुलिस चौकी तो हट गई मगर उतनी दूर की सड़क अब तक नहीं बन सकी। ऐसे ही शास्त्री चौक का गोलंबर तोड़कर छोटा करने का काम शुरू तो हुआ मगर महीने भर बाद भी पूरा नहीं हो सका। यही नहीं, वहां से मलबा हटाने की जरूरत भी नहीं समझी गई।
बैरियर बने, न नो एंट्री प्वाइंट पर सख्ती हुई
बाघागाड़ा और कालेसर में नो-एंट्री का बैरियर लगाने के बाद वहां ट्रैफिक पुलिस तैनात करने पर सहमति बनी थी। ट्रैफिक पुलिस की तैनाती तो दूर, अभी बैरियर बनाने का काम तक नहीं शुरू हो सका। कमिश्नर ने नो एंट्री के समय को लेकर भी सख्ती के निर्देश दिए थे। हिदायत दी थी कि सुबह सात बजे से रात 10 बजे तक कोई भी भारी वाहन शहर में प्रवेश नहीं कर सके। मगर मोहद्दीपुर, नौसढ़, असुरन आदि चौराहों से पुलिस की शह पर ही बड़े वाहन नो एंट्री के समय भी शहर में दाखिल हो जाते हैं। रेलवे बस स्टेशन के सामने डिवाइडर भी नहीं बन सका।
स्कूलों ने खामोशी से बदल लिए समय
जाम से निजात दिलाने की दिशा में कमिश्नर के हस्तक्षेप पर एक साथ खुलने-बंद होने वाले स्कूलों का समय भी बदला गया था। स्कूलों ने अमल भी शुरू कर दिया था मगर ठंड की वजह से प्रशासन ने सभी स्कूल सुबह 10 बजे से ही खोलने को कहा। मौसम सुधरने के बाद सिविल लाइंस समेत कुछ इलाकाें के स्कूलों ने प्रशासन से तय हुए समय के बजाए खामोशी से अपनी सुविधा का टाइम टेबिल लागू कर लिया है।
पार्किंग को लेकर दी गई मोहलत खत्म
पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने या फिर उसका इस्तेमाल न करने पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण की तरफ से 53 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस भेजा गया था। जिनके पास पार्किंग नहीं है, उन्हें 15 दिन के भीतर पार्किंग की व्यवस्था करने के लिए कहा गया था और पार्किंग होने पर भी उसका इस्तेमाल न करने वालों को सात दिन की मोहलत दी गई थी। मियाद खत्म होने के बाद भी स्थिति जस की तस है।
पहले की तरह ही ट्र्रकों की भरमार
करीब पांच साल से ट्रांसपोर्टनगर को गीडा में शिफ्ट करने की कवायद चल रही है मगर बात नहीं बनी है। जाम से निजात के लिए बने प्लान में एक बार फिर टीपी नगर की शिफ्टिंग का मामला शामिल हुआ मगर गिट्टी, बालू लदे ट्रकों के साथ ही मरम्मत के इंतजार में सड़कों पर जमे ट्रक वैसे ही मिलते हैं।
एक जनवरी से होना था अमल
0 नो इंट्री स्पाट पर बढ़ाई जाएगी सख्ती, संयुक्त टीम करेगी निगरानी।
0 महानगर में नहीं चलेंगे डीजल आटो, दिन में गुड्स वाहनों की मनाही।
0 महानगर की सड़कों पर सुबह 10 बजे से पहले उठाया जाएगा कूड़ा।
0 प्लाजा व निजी संस्थान की पार्किंग को किया जाएगा सार्वजनिक।
0 महानगर स्थित बाजार बंदी की तिथियों का फिर से निर्धारण होगा।
0 वन वे की जाएंगी महानगर की अधिकतर सड़कें, आसान होगी राह।
0 महानगर की सड़क पर बिल्डिंग मैटेरियल रखा तो लगेगा जुर्माना।
0 डिपो परिसर के अंदर खड़ी की जाएगी परिहवन निगम की बसें।
0 स्कूलों के छुट्टी के समय में होगा बदलाव।
ट्रैफिक समस्या महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक है। गोरखपुर महोत्सव और फिर बीडीसी चुनाव की वजह से काम भले ढीला पड़ गया लेकिन आठ फरवरी के बाद इसे लेकर संबंधित महकमों के अफसरों की मीटिंग बुला रखी है। नए एसएसपी और डीएम से भी इस संबंध में लगातार बात हो रही है। यही वजह है कि दोनों ही अफसरों ने गोरखपुर महोत्सव के मंच से इस समस्या का जिक्र भी किया था। जाम से निजात को लेकर पूर्व में जो भी फैसले लिए गए है, उनका कड़ाई से पालन कराया जाएगा।- पी. गुरुप्रसाद, कमिश्नर
जिन भी प्रतिष्ठान को नोटिस भेजा गया है। उनमें से कई ने जवाब दे दिए हैं। अब सर्वे कराया जा रहा है कि मौके पर भी वैसा है या नहीं। अगर कहीं पर भी गड़बड़ी मिली तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें सील भी करेंगे। मोहद्दीपुर से पुलिस चौकी हटा दी गई है। जीडीए को बाकी के जिन चौराहों को सही कराना है, उसकी भी प्लानिंग पूरी कर ली गई है। एक-एक कर उसे भी सही करा दिया जाएगा।- शिवश्याम मिश्रा, उपाध्यक्ष, जीडीए
मौजूदा संसाधनों के मुताबिक महकमे का प्रयास जारी है। नो एंट्री को लेकर अलग-अलग थानों से बातचीत चल रही है। कुछ जगहों पर सख्ती शुरू भी कर दी गई है। रही बात टेंपो की तो यह सच है कि काले रंग वाले टेंपो को शहर में घुसने से पूरी तरह नहीं रोका जा सका है फिर भी हम कोशिश कर रहे हैं। - श्रीप्रकाश द्विवेदी, एसपी (ट्रैफिक)