{"_id":"5dc47ee38ebc3e5b062c8a42","slug":"parali-and-10-persons-fir-gorakhpur-city-news-gkp3284274139","type":"story","status":"publish","title_hn":"पराली जलाने के आरोप में दस के खिलाफ होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पराली जलाने के आरोप में दस के खिलाफ होगी कार्रवाई
Fri, 08 Nov 2019 05:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 08 Nov 2019 05:57 AM IST
विज्ञापन
पराली
- फोटो : अमर उजाला
पराली जलाकर वायु प्रदूषण फैलाने वाले 10 लोगों के खिलाफ प्रशासन की ओर से मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इन सभी पर ढाई-ढाई हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।
बृहस्पतिवार को तहसीलदार सदर डॉ. संजीव दीक्षित ने क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट पर तहसील सदर के थाना पिपराइच की ग्राम सभा जंगल औराही में छह तथा जंगल धूसड़ में तीन और थाना खोराबार के ग्राम लालपुर टीकर में एक समेत दस लोगों पर 2500-2500 का जुर्माना तथा संबंधित थाने में केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है।
उन्होंने बताया कि बार-बार चेतावनी के बावजूद ग्राम सभा जंगल औराही निवासी रामवृक्ष, मोहनलाल, रामबेलास, गुलाब चंद, शिवानंद तथा जंगल धूसड़ निवासी शंभूनाथ, छोटेलाल, विजेंद्र और लालपुर टीकर में चिंता देवी समेत कुल 10 लोग खेत में पराली जलाते हुए पकड़े गए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण सर्वोपरि है। पराली न जलाने के लिए कृषकों को डुगडुगी-मुनादी आदि के द्वारा जागरूक किया जा रहा है। इसका उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को तहसीलदार सदर डॉ. संजीव दीक्षित ने क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट पर तहसील सदर के थाना पिपराइच की ग्राम सभा जंगल औराही में छह तथा जंगल धूसड़ में तीन और थाना खोराबार के ग्राम लालपुर टीकर में एक समेत दस लोगों पर 2500-2500 का जुर्माना तथा संबंधित थाने में केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि बार-बार चेतावनी के बावजूद ग्राम सभा जंगल औराही निवासी रामवृक्ष, मोहनलाल, रामबेलास, गुलाब चंद, शिवानंद तथा जंगल धूसड़ निवासी शंभूनाथ, छोटेलाल, विजेंद्र और लालपुर टीकर में चिंता देवी समेत कुल 10 लोग खेत में पराली जलाते हुए पकड़े गए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण सर्वोपरि है। पराली न जलाने के लिए कृषकों को डुगडुगी-मुनादी आदि के द्वारा जागरूक किया जा रहा है। इसका उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।