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एनसी हॉस्टल में पीएसी का ‘कब्जा’

Mon, 09 Sep 2019 02:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 09 Sep 2019 02:03 AM IST
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PAC JAWAn
बिछिया पीएसी स्थित मास्टर कैंटीन
एनसी हॉस्टल में पीएसी का ‘कब्जा’
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गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर के बाद अब एनसी हॉस्टल में पीएसी के कब्जे से विश्वविद्यालय प्रशासन परेशान है। पीएसी के जवान हॉस्टल के कॉमन रूम में जमे हैं। पीएसी को हटाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से एसएसपी को पत्र लिखा गया है, लेकिन अभी तक एसएसपी कार्यालय से विश्वविद्यालय को जवाब नहीं मिला है।
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के दूसरे दिन सुरक्षा के लिहाज से मुख्य नियंता ने हॉस्टल में पीएसी बुलाई थी। लिखापढ़ी में 15 अगस्त तक पीएसी को रहना था। उन्हें रहने के लिए एनसी हॉस्टल में जगह दी गई। उस दौरान हॉस्टल में आवंटन नहीं हुए थे। आधा से ज्यादा कमरे खाली थे। अब हॉस्टल में 90 फीसदी कमरों का आवंटन किया जा चुका है। विद्यार्थी भी आ गए हैं। वार्डेन का कहना है कि जिस शौचालय का इस्तेमाल विद्यार्थी कर रहे हैं वहीं पीएसी वाले भी जाते हैं। इससे दिक्कतें आ रही हैं।
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कोट
कुलपति का 27 अगस्त को लिखित निर्देश मिला था। उसी क्रम में पांच सितंबर को एसएसपी को पत्र लिखकर एनसी हॉस्टल से पीएसी हटवाने का अनुरोध किया गया था पर अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
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- डॉ प्रवीन कुमार सिंह, सहायक नियंता
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद सुरक्षा के लिहाज से पूर्व मुख्य नियंता ने 15 अगस्त तक के लिए पीएसी बुलाई थी। समय सीमा समाप्त होने के बाद भी पीएसी मौजूद है। अभी तक वे कॉमन हाल में थे, उन्हें दूसरी मंजिल पर भेजा गया है। इससे विद्यार्थियों को दिक्कत हो रही है। मैंने कुलपति से पीएसी को हटवाने का अनुरोध किया है।

- प्रो अजय शुक्ला, वार्डेन, एनसी हॉस्टल
इनसेट
साइंस म्यूजियम भवन में भी है पीएसी
गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में बने साइंस म्यूजियम में भी पीएसी का कब्जा है। इसके चलते म्यूजियम को शुरू भी नहीं किया जा सका। करीब तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन कुलपति प्रो. अशोक कुमार के समय पीएसी बुलाई गई थी। उसी समय साइंस म्यूजियम बनकर तैयार हुआ था। भवन खाली था तो पीएसी को रहने को दे दिया गया। तबसे भवन पीएसी के कब्जे में है और पीएसी को हटाने के लिए कोई पहल भी नहीं की गई।
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