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संदिग्ध डेंगू पीड़ित किशोर की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
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संदिग्ध डेंगू पीड़ित किशोर की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
गोरखपुर। प्राथमिक जांच में डेंगू पॉजिटिव पाए गए 17 वर्षीय आकाश की शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज ले जाए जाने के दौरान मौत हो गई। डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा परीक्षण नहीं किए जाने से स्वास्थ्य विभाग इसे संदिग्ध मान रहा है।
सहजनवां थाना क्षेत्र के भीटी रावत निवासी खेतलाल का बेटा आकाश कक्षा नौ का छात्र था। परिजनों के अनुसार 18 नवंबर को आकाश को तेज बुखार आया। निजी अस्पताल में जांच के बाद आकाश को डेंगू होना बता कर इलाज शुरू कर दिया गया। अस्पताल वालों ने बच्चे का इलाज गोरखपुर में कराने की सलाह देकर भेज दिया। बच्चे का इलाज गोरखपुर में एक निजी अस्पताल में करवाया जा रहा था, यहां भी खून की जांच में डेंगू पॉजिटिव परिणाम आया। 22 नवंबर को बच्चे की हालत बिगड़ी तो अस्पताल वालों ने मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। परिजन आकाश को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में डेंगू पॉजिटिव पाए जाने के बाद एलाइजा टेस्ट के जरिए उसकी पुष्टि कराना आवश्यक है। यदि एलाइजा टेस्ट में पुष्टि नहीं हुई तो मौत किसी और बीमारी से भी हो सकती है।
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गोरखपुर। प्राथमिक जांच में डेंगू पॉजिटिव पाए गए 17 वर्षीय आकाश की शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज ले जाए जाने के दौरान मौत हो गई। डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा परीक्षण नहीं किए जाने से स्वास्थ्य विभाग इसे संदिग्ध मान रहा है।
सहजनवां थाना क्षेत्र के भीटी रावत निवासी खेतलाल का बेटा आकाश कक्षा नौ का छात्र था। परिजनों के अनुसार 18 नवंबर को आकाश को तेज बुखार आया। निजी अस्पताल में जांच के बाद आकाश को डेंगू होना बता कर इलाज शुरू कर दिया गया। अस्पताल वालों ने बच्चे का इलाज गोरखपुर में कराने की सलाह देकर भेज दिया। बच्चे का इलाज गोरखपुर में एक निजी अस्पताल में करवाया जा रहा था, यहां भी खून की जांच में डेंगू पॉजिटिव परिणाम आया। 22 नवंबर को बच्चे की हालत बिगड़ी तो अस्पताल वालों ने मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। परिजन आकाश को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में डेंगू पॉजिटिव पाए जाने के बाद एलाइजा टेस्ट के जरिए उसकी पुष्टि कराना आवश्यक है। यदि एलाइजा टेस्ट में पुष्टि नहीं हुई तो मौत किसी और बीमारी से भी हो सकती है।
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