फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Officers of post office holds interest mony of farmer

ब्याज की रकम डकार गए अफसर! 

Tue, 02 Aug 2016 08:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर। Updated Tue, 02 Aug 2016 08:44 PM IST
विज्ञापन
Officers of post office holds interest mony of farmer
छात्रवृत्ति घोटाला
किसान विकास पत्र (केवीपी) पर मिलने वाले ब्याज को डाक विभाग के अफसर हजम कर गए और बड़ी चालाकी से चेक के बजाय भुगतान भी तीन किश्तों में नकद कर दिया। जबकि 20 हजार से अधिक रकम होने पर नकद भुगतान नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन


बचत पत्र की अवधि पूरी हो जाने के बाद अगर कोई भुगतान लेता है तो उसे अधिक अवधि का डाक विभाग ब्याज देता है, जिसे प्री मेच्योर इंट्रेस्ट (पीएमआई) कहा जाता है। होमगार्ड दफ्तर के निकट लेबर कैंप उप डाकघर में कई मामले ऐसे हैं, जिसमे उपभोक्ताओं को पीएमआई दिया ही नहीं गया और उसकी रकम को इधर-उधर कर दिया गया है।
विज्ञापन


दिलेजाकपुर निवासी सरोज गुप्ता ने विभाग से 35 हजार रुपए का किसान विकास पत्र (केवीपी) खरीदा था। इसकी परिपक्वता अवधि मार्च 2015 में पूरी हो गई। वह केवीपी की धनराशि लेने एक साल बाद जून 2016 में उप डाकघर गईं। उन्हें डाकघर के कर्मचारियों ने समझाया कि अगर चेक लेंगी तो उसके भुगतान में 15 से 20 दिन का समय लग जाएगा और अगर नकद भुगतान लेंगी तो आसानी से मिल जाएगा। इस पर वह नगद लेने को राजी हो र्गइं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोप है कि 35 हजार रुपए के केवीपी को कैश कराने पर उन्हें 70 हजार रुपए का भुगतान 22, 23 व 25 जून को 20-20 हजार रुपए और 24 जून को 10 हजार रुपए किया गया। इसके बाद जब उन्हें जानकारी हुई कि बचत पत्र की परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद ब्याज भी मिलता है। तब उन्होंने अपने 15 महीने के ब्याज 3500 रुपए देने की उप डाकघर के अफसरों और कर्मचारियों से मांग की, जिसे वे देने को राजी नहीं हैं और उन्हें चक्कर लगवाया जा रहा है।

ब्याज चाहे एक पैसा हो अथवा हजारों में, उसे उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए। अगर ब्याज नहीं दिया जा रहा है तो गलत है। शिकायती पत्र मिलने पर पूरे प्रकरण की जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी।

- डीबी त्रिपाठी, प्रवर अधीक्षक डाक, गोरखपुर

- लेबर कैंप उप डाकघर में एनएससी और केवीपी के प्रकरण में जबरदस्त घोटाला हो रहा है। अगर गहराई से इसकी जांच हो तो कई मामले खुलेंगे। यहां तो ब्याज किसी को दिया ही नहीं जाता है। अगर औचक छापेमारी हो जाए तो डाकघर में प्राइवेट आदमी काम करते हुए मिल जाएंगे।
- दीनानाथ सिंह, अध्यक्ष, महिला प्रधान एवं राष्ट्रीय डाक बचत अभिकर्ता कल्याण एसोसिएशन, गोरखपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed