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फोरलेन के लिए 43 गांव में एनएचआई को मिला पजेशन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Apr 2017 06:57 PM IST
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गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के काम में अब तेजी आने की उम्मीद है। गोरखपुर क्षेत्र में 91 गांवों के प्रभावित काश्तकारों में से आधे से अधिक के खाते में दो-तीन दिन में मुआवजे की रकम पहुंच जाएगी। इसके लिए भूमि अध्याप्ति (एसएलओ) कार्यालय की तरफ से 200 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। एसबीआई की गोरखपुर यूनिवर्सिटी शाखा से किसानों के खाते में रकम भेजा जाना भी शुरू हो गया है।
एसएलओ विनोद गौड़ के मुताबिक गोरखपुर सीमा में 91 गांवों की जमीन फोरलेन में आ रही थी। इनमें से 57 गांव की अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजा देने केे लिए रिकार्ड की जांच का काम पूरा हो गया है। इनमें से एसएलओ दफ्तर ने 43 गांव में एनएचआई को पजेशन भी दे दिया है। 14 गांवों में भी इसी सप्ताह पजेशन दे दिए जाने की उम्मीद है। पिछले दो दिन शनिवार और रविवार को छुट्टी में भी दफ्तर खोल कर काश्तकारों के जमीन से जुड़े प्रपत्रों की जांच की गई। करीब दस हजार प्रभावित किसानों के खातों में मुआवजे की रकम भेजने के लिए 160 करोड़ रुपये रविवार को ही स्वीकृत कर दिए गए, जबकि 40 करोड़ रुपये के आसपास की स्वीकृति सोमवार को दी गई।
ये रकम विभाग के एसबीआई गोरखपुर यूनिवर्सिटी शाखा के खाते से किसानों के खातों में आरटीजीएस किए जाने हैं। बाकी बचे प्रभावित गांवों में भी कैंप लगाकर लेखपाल और एसएलओ दफ्तर के कर्मचारी, काश्तकारों से जमीन के प्रपत्र एकत्रित करेंगे। इन प्रपत्रों की भी जांच पूरी कर जल्द ही संबंधित के खातों में मुआवजे की रकम आरटीजीएस कर दी जाएगी। वहीं एक गांव ऐसा है जहां की फोरलेन में आने वाली जमीन सरकारी है लिहाजा उसके लिए किसी को मुआवजा नहीं दिया जान है।
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गोरखपुर। करीब 10 हजार से अधिक किसानों के खातों में एक साथ दो सौ करोड़ रुपये आरटीजीएस करने में अब बैंक प्रशासन हलाकान हो गया है। एसबीआई की गोरखपुर यूनिवर्सिटी शाखा में एसएलओ दफ्तर के खाते से ये आरटीजीएस होना है। वहां कर्मचारियों की कमी की वजह से काश्तकारों की फीडिंग करने और उनके खाते में मुआवजे की रकम भेजने में दिक्कत खड़ी हो गई है। एसएलओ कार्यालय का कहना है कि उन्होंने दस्तावेजों की जांच पूरी कर ली है अब बैंक की जिम्मेदारी है कि वे जल्द से जल्द काश्तकारों के खातों में रकम ट्रांसफर कर दे। उधर, बैंक के मैनेजर सुनील कुमार सिन्हा ने बताया कि उनके कुछ स्टाफ के छुट्टी पर चले जाने से दिक्कत खड़ी हो गई है, लेकिन इसके बारे में क्षेत्रीय मुख्यालय से बातचीत हुई है, काम प्रभावित नहीं होने पाएगा।
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एसएलओ विनोद गौड़ के मुताबिक गोरखपुर सीमा में 91 गांवों की जमीन फोरलेन में आ रही थी। इनमें से 57 गांव की अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजा देने केे लिए रिकार्ड की जांच का काम पूरा हो गया है। इनमें से एसएलओ दफ्तर ने 43 गांव में एनएचआई को पजेशन भी दे दिया है। 14 गांवों में भी इसी सप्ताह पजेशन दे दिए जाने की उम्मीद है। पिछले दो दिन शनिवार और रविवार को छुट्टी में भी दफ्तर खोल कर काश्तकारों के जमीन से जुड़े प्रपत्रों की जांच की गई। करीब दस हजार प्रभावित किसानों के खातों में मुआवजे की रकम भेजने के लिए 160 करोड़ रुपये रविवार को ही स्वीकृत कर दिए गए, जबकि 40 करोड़ रुपये के आसपास की स्वीकृति सोमवार को दी गई।
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ये रकम विभाग के एसबीआई गोरखपुर यूनिवर्सिटी शाखा के खाते से किसानों के खातों में आरटीजीएस किए जाने हैं। बाकी बचे प्रभावित गांवों में भी कैंप लगाकर लेखपाल और एसएलओ दफ्तर के कर्मचारी, काश्तकारों से जमीन के प्रपत्र एकत्रित करेंगे। इन प्रपत्रों की भी जांच पूरी कर जल्द ही संबंधित के खातों में मुआवजे की रकम आरटीजीएस कर दी जाएगी। वहीं एक गांव ऐसा है जहां की फोरलेन में आने वाली जमीन सरकारी है लिहाजा उसके लिए किसी को मुआवजा नहीं दिया जान है।
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