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जयकारे के बीच हुई प्राण-प्रतिष्ठा, खुले पट
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 08 Oct 2016 01:20 AM IST
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असुरन चौक स्थित दुर्गा प्रतिमा।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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भोर से ही श्रद्धालुओं की चहल-पहल, मां शेरावाली के गूंजते गीत, कहीं प्रभात फेरी तो कहीं प्रभाती। यह दृश्य था शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि पर मां दुर्गा की प्रतिमा पंडालों का। दिन भर की तैयारियों का असर शाम को देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार और जयकारे के साथ पंडालों में मां की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई और आंखों पर लगे पट खोल दिए गए। इसके साथ ही नवरात्र महोत्सव का आगाज हो गया।
दुर्गाबाड़ी में सुबह चार बजे संगीतमय प्रभाती अनुष्ठान के साथ षष्ठी पूजा की शुरुआत हुई। दिन भर की तैयारियों के बाद शाम साढ़े तीन बजे सप्तमी तिथि की शुरुआत होते ही वैदिक मंत्र गूंजने लगे और मां की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया शुरू हो गई। कालीबाड़ी में सुबह प्रभात फेरी लगाकर पूजा का आह्वान किया गया। उसके बाद मध्य देवी पूजा व चंडी पाठ का आयोजन हुआ। रेलवे बालक इंटर कॉलेज में भी सांस्कृतिक आयोजनों के साथ दुर्गोत्सव की शुरुआत हुई। इस आयोजन का उद्घाटन पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम राजीव मिश्र ने किया। शास्त्री चौक की प्रतिमा का पट मेयर डॉ. सत्या पांडेय ने खोला, जबकि इंदिरा नगर की प्रतिमा का पट यूनिवर्सिटी छात्रसंघ अध्यक्ष अमन यादव की मौजूदगी में पूरे विधि-विधान से खोला गया।
असुरन चौक, घोष कंपनी, हजारीपुर, बेतियाहाता, रूस्तमपुर, आजाद नगर, धर्मशाला, रेलवे स्टेशन, बसंतपुर, हांसूपुर, माया बाजार, बौलिया कॉलोनी, मोहरीपुर, बिछिया कॉलोनी में भी षष्ठी की पूजा के बाद प्रतिमाओं को स्थापित किया गया और देवी प्रतिमाओं की आंखों से पट हटा दिए गए। सप्तमी की सक्रियता शहर के सभी दुर्गा पंडालों में सुबह से ही दिखी। मां शेरावाली के गीत सुबह से शुरू होकर देर रात तक गूंजते रहे।
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दुर्गाबाड़ी में सुबह चार बजे संगीतमय प्रभाती अनुष्ठान के साथ षष्ठी पूजा की शुरुआत हुई। दिन भर की तैयारियों के बाद शाम साढ़े तीन बजे सप्तमी तिथि की शुरुआत होते ही वैदिक मंत्र गूंजने लगे और मां की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया शुरू हो गई। कालीबाड़ी में सुबह प्रभात फेरी लगाकर पूजा का आह्वान किया गया। उसके बाद मध्य देवी पूजा व चंडी पाठ का आयोजन हुआ। रेलवे बालक इंटर कॉलेज में भी सांस्कृतिक आयोजनों के साथ दुर्गोत्सव की शुरुआत हुई। इस आयोजन का उद्घाटन पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम राजीव मिश्र ने किया। शास्त्री चौक की प्रतिमा का पट मेयर डॉ. सत्या पांडेय ने खोला, जबकि इंदिरा नगर की प्रतिमा का पट यूनिवर्सिटी छात्रसंघ अध्यक्ष अमन यादव की मौजूदगी में पूरे विधि-विधान से खोला गया।
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असुरन चौक, घोष कंपनी, हजारीपुर, बेतियाहाता, रूस्तमपुर, आजाद नगर, धर्मशाला, रेलवे स्टेशन, बसंतपुर, हांसूपुर, माया बाजार, बौलिया कॉलोनी, मोहरीपुर, बिछिया कॉलोनी में भी षष्ठी की पूजा के बाद प्रतिमाओं को स्थापित किया गया और देवी प्रतिमाओं की आंखों से पट हटा दिए गए। सप्तमी की सक्रियता शहर के सभी दुर्गा पंडालों में सुबह से ही दिखी। मां शेरावाली के गीत सुबह से शुरू होकर देर रात तक गूंजते रहे।
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