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शहर को मिलेगी कूड़े से निजात, बाहरी इलाकों में ढूंढी गई जमीन
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शहर को मिलेगी कूड़े से निजात
गोरखपुर। शहर के कूड़े के निस्तारण के लिए जमीन की तलाश पूरी हो गई है। महेसरा ट्रेंचिंग ग्राउंड में कूड़ा गिराने से रोक के बाद कई महीनों से ट्रैचिंग ग्राउंड बनाने के लिए निगम जमीन की तलाश कर रहा था। जिला प्रशासन के सहयोग से तीन इलाकों में ग्राम समाज की जमीन कूड़ा निस्तारण के लिए तय की गई है। निगम का प्रयास है कि शहर के बाहर चारों छोरों पर ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाया जाए।
जानकारी के मुताबिक चिह्नित की गई भूमि ग्राम सभा की होने की वजह से इसके प्राप्त करने में भी किसी भी तरह की दिक्कत आने की संभावना कम है। ऐसे में माना जा सकता है कि कूड़े के निस्तारण की समस्या जल्द दूर हो जाएगी। पिछले कई महीनों में नगर निगम की ओर से कूड़ा गिराने का स्थान जहां भी तय किया गया लोगों की आपत्ति के बाद उन स्थानों पर यह काम करीब-करीब रुक गया है। इसके बाद शहर के बाहरी इलाकों में जमीन तलाश शुरू की गई।
कोट
जिला प्रशासन के सहयोग से शहर के बाहरी इलाकों में तीन स्थानों पर जमीन की तलाश पूरी हो चुकी है। जरूरत हुई तो तलाशी गई जमीन के पास कुछ और जमीन भी खरीदी जाएगी। राज्य मिशन निदेशक नगरीय को इस संबंध में रिपोर्ट भेज दी गई है। डीके सिन्हा, अपर नगर आयुक्त
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यहां तलाशी गई जमीन
देवरिया रोड पर गहिरा में चारागाह- करीब तीन हेक्टेयर
पिपराइच रोड पर लखेसरा में - करीब दो हेक्टेयर
वाराणसी रोड पर देवीपुर में- पांच हेक्टेयर
महेसरा में कूड़ा गिराने पर एनजीटी हाईपावर कमेटी भी जता चुकी है आपत्ति
करीब 10 साल पहले नगर निगम ने महेसरा में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए जमीन खरीदी थी। प्लांट तो नहीं लगा। लेकिन, नगर निगम की ओर से वहां कूड़ा गिराया जाने लगा। धीरे धीरे इस ट्रेंचिंग ग्राउंड के पास लोग बसते चले गए। कूड़े से उठने वाले बदबू और मक्खियों की वजह से लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। वहीं, एनजीटी हाईपावर कमेटी ने महेसरा ताल के वेटलैंड में होने की वजह से यहां कूड़ा गिराने पर आपत्ति जताते हुए रिपोर्ट एनजीटी को दी है।
:: रात के अंधेरे में गड्ढे में डालना पड़ता था कूड़ा
नगर निगम के ड्राइवरों को कूड़ा गिराने में मुसीबत का सामना करना पड़ता है। ड्राइवर शक्ति प्रकाश का कहना है कि कई बार लोगों के विरोध के बाद उन्हें भागने की नौबत आ जाती है। अंधेरे में शहर के विभिन्न इलाकों में कूड़ा गिराना पड़ता था। अभी नौसड़ एकला बांध पर कूड़ा गिराया जा रहा है। तीन महीने तक यहां कूड़ा गिराने का क्षेत्रीय पार्षद के साथ समझौता हुआ है। इसके बाद फिर दिक्कत आएगी।
शहर से रोजाना निकलता है करीब 350 मीट्रिक टन कूड़ा
पहले जहां शहर से प्रत्येक दिन करीब 580 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता था, अब उसमें कमी आ गई है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी ने बताया कि हाल में शहर से निकलने वाले कूड़े का वजन कराया गया। यह मात्रा करीब 350 मीट्रिक टन निकली।
14वें वित्त से मिली 20 करोड़ रुपये की राशि
निगम को 14वें वित्त से करीब 20 करोड़ रुपये की राशि मिली है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए प्रारूप तैयार करने का अभियंताओं को निर्देश दिया गया है। सुरेश चन्द, चीफ इंजीनियर नगर निगम
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गोरखपुर। शहर के कूड़े के निस्तारण के लिए जमीन की तलाश पूरी हो गई है। महेसरा ट्रेंचिंग ग्राउंड में कूड़ा गिराने से रोक के बाद कई महीनों से ट्रैचिंग ग्राउंड बनाने के लिए निगम जमीन की तलाश कर रहा था। जिला प्रशासन के सहयोग से तीन इलाकों में ग्राम समाज की जमीन कूड़ा निस्तारण के लिए तय की गई है। निगम का प्रयास है कि शहर के बाहर चारों छोरों पर ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाया जाए।
जानकारी के मुताबिक चिह्नित की गई भूमि ग्राम सभा की होने की वजह से इसके प्राप्त करने में भी किसी भी तरह की दिक्कत आने की संभावना कम है। ऐसे में माना जा सकता है कि कूड़े के निस्तारण की समस्या जल्द दूर हो जाएगी। पिछले कई महीनों में नगर निगम की ओर से कूड़ा गिराने का स्थान जहां भी तय किया गया लोगों की आपत्ति के बाद उन स्थानों पर यह काम करीब-करीब रुक गया है। इसके बाद शहर के बाहरी इलाकों में जमीन तलाश शुरू की गई।
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कोट
जिला प्रशासन के सहयोग से शहर के बाहरी इलाकों में तीन स्थानों पर जमीन की तलाश पूरी हो चुकी है। जरूरत हुई तो तलाशी गई जमीन के पास कुछ और जमीन भी खरीदी जाएगी। राज्य मिशन निदेशक नगरीय को इस संबंध में रिपोर्ट भेज दी गई है। डीके सिन्हा, अपर नगर आयुक्त
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यहां तलाशी गई जमीन
देवरिया रोड पर गहिरा में चारागाह- करीब तीन हेक्टेयर
पिपराइच रोड पर लखेसरा में - करीब दो हेक्टेयर
वाराणसी रोड पर देवीपुर में- पांच हेक्टेयर
महेसरा में कूड़ा गिराने पर एनजीटी हाईपावर कमेटी भी जता चुकी है आपत्ति
करीब 10 साल पहले नगर निगम ने महेसरा में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए जमीन खरीदी थी। प्लांट तो नहीं लगा। लेकिन, नगर निगम की ओर से वहां कूड़ा गिराया जाने लगा। धीरे धीरे इस ट्रेंचिंग ग्राउंड के पास लोग बसते चले गए। कूड़े से उठने वाले बदबू और मक्खियों की वजह से लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। वहीं, एनजीटी हाईपावर कमेटी ने महेसरा ताल के वेटलैंड में होने की वजह से यहां कूड़ा गिराने पर आपत्ति जताते हुए रिपोर्ट एनजीटी को दी है।
:: रात के अंधेरे में गड्ढे में डालना पड़ता था कूड़ा
नगर निगम के ड्राइवरों को कूड़ा गिराने में मुसीबत का सामना करना पड़ता है। ड्राइवर शक्ति प्रकाश का कहना है कि कई बार लोगों के विरोध के बाद उन्हें भागने की नौबत आ जाती है। अंधेरे में शहर के विभिन्न इलाकों में कूड़ा गिराना पड़ता था। अभी नौसड़ एकला बांध पर कूड़ा गिराया जा रहा है। तीन महीने तक यहां कूड़ा गिराने का क्षेत्रीय पार्षद के साथ समझौता हुआ है। इसके बाद फिर दिक्कत आएगी।
शहर से रोजाना निकलता है करीब 350 मीट्रिक टन कूड़ा
पहले जहां शहर से प्रत्येक दिन करीब 580 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता था, अब उसमें कमी आ गई है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी ने बताया कि हाल में शहर से निकलने वाले कूड़े का वजन कराया गया। यह मात्रा करीब 350 मीट्रिक टन निकली।
14वें वित्त से मिली 20 करोड़ रुपये की राशि
निगम को 14वें वित्त से करीब 20 करोड़ रुपये की राशि मिली है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए प्रारूप तैयार करने का अभियंताओं को निर्देश दिया गया है। सुरेश चन्द, चीफ इंजीनियर नगर निगम