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दिलावर समा के दिल में बसती है राम चरित मानस

Mon, 07 Oct 2019 02:27 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 07 Oct 2019 02:27 AM IST
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morari bapu ramkatha gorakhpur
संत मोरारी बापू की खबर मे---- दिलावर समा चालीस साल से कर रहे हैं राम चरित मानस
दिलावर समा के दिल में बसती है राम चरित मानस
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एहतेशाम उद्दीन अहमद
गोरखपुर। बापू मेरे सब कुछ हैं। मेरे गुरु हैं, मेरे पीर हैं, उनकी कृपा है कि चालीस साल से उनके साथ हूं। संत मोरारी बापू की भजन मंडली के संचालकों मेें से एक दिलावर समा हैं तो मुस्लिम लेकिन उनके दिल में रामचरित मानस बसता है। वह संत मोरारी बापू की संगत के बिना जीवन गुजारने की कल्पना भी नहीं कर पाते। वह व्यास पीठ के सामने बैठ कर बापू के सानिध्य में मानस का पाठ करते हैं।
प्रतिदिन रामचरित मानस का पाठ करने वाले दिलावर समा 12 साल के थे, जब संत मोरारी बापू के संपर्क में आए और उन्हीं के होकर रह गए। बापू का सानिध्य पाने के सवाल पर मानस की चौपाई ‘केवल कौशिक कृपा तुम्हारी...’ सुनाते हुए कहते हैं कि बापू ने उनको चुन कर उनका उद्धार किया। मोरारी बापू की संगति में पहले मजीरा बजाना सीखा और धीरे-धीरे उनके साथ मानस की चौपाइयाें का गायन शुरू कर दिया। अब रोजाना मानस का पाठ करते हैं।
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दिलावर कहते हैं कि उनके लिए इबादत संत मोरारी बापू की कृपा पाना। बापू की संगत में रहते ही विवाह हुआ और एक बेटी हुई। बापू ने ही प्रेम से उसका नाम गंगोत्री रखा। गंगोत्री फैशन डिजायनर है।
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तबला बजाते हैं मेंहदी हसन, बापू का साथ देते और कई
संत मोरारी बापू राम कथा वाचन के साथ ही जब रामचरित मानस की चौपाइयां लय में प्रस्तुत करते हैं तो उनका साथ मंडली में सबसे नए साथी तबला वादक मेंहदी हसन देते हैं। वह छह साल पहले ही जुडे़ हैं। शहनाई, मजीरा, हारमोनियम, बैंजो और तबले पर भी कई दिग्गज हैं। दिलावर बताते हैं कि कीर्ति लिंबाडी, रमेश चंदारणा और तबला वादक पंकज भट्ट उनकी ही तरह करीब 40 साल से बापू की भजन मंडली का हिस्सा हैं। हितेश गोंसाई बैंजो बजाते हैं तो गजानन सांडुक्य शहनाई और नगाड़ा। गजानन की शहनाई वादन के बिना बापू का कथा वाचन शुरू नहीं होता। चौपाई गायन में कीर्ति लिंबाडी, हरिश्चंद्र जोशी के साथ वह खुद बापू का साथ देते हैं।
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